राज्यसभा सांसद Kapil Sibal ने बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि पार्टी चुनावों में तभी “आत्मनिर्भर” होती है जब Election Commission of India उसका साथ देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं और मतदाता सूची (voter list) में संदिग्ध नाम जोड़े जा रहे हैं।
क्या हैं Sibal के आरोप?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में Kapil Sibal ने दावा किया कि:
- कम से कम 5 ऐसे मतदाता मिले जो बिहार और पश्चिम बंगाल दोनों जगह रजिस्टर्ड हैं
- यह डुप्लिकेट वोटिंग का संकेत हो सकता है
- ऐसे मामलों की संख्या और भी ज्यादा हो सकती है
उन्होंने इन मतदाताओं के EPIC नंबर और डिटेल्स दिखाने का भी दावा किया।
Mamata Banerjee ने भी उठाए सवाल
इस मुद्दे को लेकर Mamata Banerjee ने भी पहले चिंता जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- NDA शासित राज्यों (बिहार, यूपी, हरियाणा, राजस्थान) से “गैर-स्थानीय” लोगों को voter list में जोड़ा जा रहा है
- यह चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है
उन्होंने इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar को पत्र भी लिखा।
“ट्रेन भेजकर वोटिंग” का पुराना आरोप
Sibal ने एक पुराना मामला भी उठाया:
उनके अनुसार:
- बिहार चुनाव के दौरान हरियाणा से स्पेशल ट्रेन भेजी गईं
- उन्होंने आरोप लगाया कि इनका इस्तेमाल वोटिंग के लिए किया गया
हालांकि, Ministry of Railways ने इसे छठ पूजा के कारण बढ़ी भीड़ बताते हुए खारिज कर दिया था।
Election Commission पर भी निशाना
Kapil Sibal ने सीधे तौर पर Election Commission of India की भूमिका पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा:
- BJP “आत्मनिर्भर” तभी है जब EC उसका समर्थन करे
- बिना “सहायता” के पार्टी चुनाव नहीं जीत सकती
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी:
- महाराष्ट्र में लाखों नए वोटर जोड़े गए
- दिल्ली में भी बड़ी संख्या में नाम जुड़े
BJP पर तीखा तंज
Sibal ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के बयान पर भी तंज कसा।
उन्होंने कहा:
- अगर BJP वास्तव में मजबूत होती, तो उसे इतनी “मदद” की जरूरत नहीं पड़ती
- “आत्मनिर्भर भारत” का दावा सिर्फ राजनीतिक नारा बनकर रह गया है
West Bengal Elections 2026
West Bengal में चुनाव दो चरणों में होंगे:
- 23 अप्रैल
- 29 अप्रैल
- वोटों की गिनती: 4 मई
इन चुनावों में राजनीतिक माहौल पहले से ही गरम है और ऐसे आरोप-प्रत्यारोप इसे और तेज कर रहे हैं।
आगे क्या?
यह मामला चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
आगे संभावनाएं:
- Election Commission की जांच
- राजनीतिक विवाद और तेज होगा
- कोर्ट में मामला जा सकता है
निष्कर्ष
Kapil Sibal के आरोपों ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर बहस छेड़ दी है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन West Bengal चुनाव से पहले यह मुद्दा बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है।
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