Vedanta Listing: अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता लिमिटेड के बहुप्रतीक्षित डीमर्जर की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सोमवार 15 जून को वेदांता से अलग हुई चार नई कंपनियों के शेयर शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहे हैं। इन कंपनियों में वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील शामिल हैं।
इस लिस्टिंग पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है क्योंकि यह हाल के वर्षों के सबसे बड़े कॉर्पोरेट डीमर्जर में से एक माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग कारोबारों को स्वतंत्र पहचान मिलने से निवेशकों को कंपनियों की वास्तविक वैल्यू समझने में मदद मिलेगी और लंबी अवधि में शेयरधारकों को फायदा मिल सकता है।
Highlights
- 15 जून को वेदांता की 4 नई कंपनियों की लिस्टिंग होगी।
- वेदांता एल्युमीनियम सबसे बड़ी इकाई बनकर उभर सकती है।
- ब्रोकरेज फर्मों ने संभावित लिस्टिंग वैल्यू का अनुमान जारी किया।
- डीमर्जर के बाद निवेशकों को अलग-अलग सेक्टर में निवेश का विकल्प मिलेगा।
क्यों महत्वपूर्ण है वेदांता का डीमर्जर?
वेदांता लंबे समय से मेटल, माइनिंग, पावर, तेल एवं गैस और स्टील जैसे कई कारोबारों में सक्रिय रही है। निवेशकों की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही थी कि कंपनी अपने विभिन्न बिजनेस वर्टिकल को अलग-अलग सूचीबद्ध करे ताकि प्रत्येक व्यवसाय की वास्तविक वैल्यू सामने आ सके।
इसी रणनीति के तहत कंपनी ने अपने प्रमुख कारोबारों को अलग-अलग इकाइयों में विभाजित करने का फैसला किया। डीमर्जर के बाद निवेशकों को प्रत्येक बिजनेस की ग्रोथ और प्रदर्शन को अलग-अलग ट्रैक करने का अवसर मिलेगा।
वेदांता की 4 नई कंपनियों के अनुमानित शेयर भाव
| क्रमांक | कंपनी | अनुमानित शेयर कीमत | अनुमानित मार्केट कैप |
|---|---|---|---|
| 1 | वेदांता एल्युमीनियम | ₹389 – ₹489 | ₹1.74 लाख करोड़ |
| 2 | वेदांता पावर | ₹35 – ₹60 | ₹17,466 करोड़ |
| 3 | वेदांता ऑयल एंड गैस | ₹42 | ₹15,824 करोड़ |
| 4 | वेदांता आयरन एंड स्टील | ₹19 | ₹8,680 करोड़ |
ब्रोकरेज हाउसों के अनुमान के अनुसार चारों कंपनियों की कुल वैल्यू वेदांता लिमिटेड के मौजूदा मूल्यांकन से काफी अधिक हो सकती है।
Vedanta Aluminium Share पर सबसे ज्यादा नजर
डीमर्जर के बाद वेदांता एल्युमीनियम सबसे बड़ी कंपनी बनकर सामने आ सकती है। एल्युमीनियम कारोबार में कंपनी पहले से मजबूत स्थिति रखती है और घरेलू बाजार में इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा के मुताबिक कंपनी का संभावित मार्केट कैप 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। यह वेदांता लिमिटेड के अनुमानित मार्केट कैप से भी ज्यादा है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इसके शेयर का अनुमानित मूल्य 398 रुपये प्रति शेयर बताया है। वहीं SBI सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च प्रमुख सनी अग्रवाल का मानना है कि कंपनी की लिस्टिंग 400 रुपये से ऊपर हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार एल्युमीनियम की वैश्विक मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर की ग्रोथ इस कंपनी के लिए बड़े अवसर पैदा कर सकती है।
Vedanta Power Share को लेकर क्या उम्मीदें हैं?
वेदांता पावर भी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावना है।
नुवामा के अनुमान के अनुसार वेदांता पावर का मार्केट कैप लगभग 17,466 करोड़ रुपये हो सकता है। वहीं Emkay Global ने इसके शेयर का अनुमानित मूल्य 51.7 रुपये प्रति शेयर बताया है।
ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी निवेश और बिजली की बढ़ती मांग इस कंपनी के लिए सकारात्मक कारक माने जा रहे हैं।
Vedanta Oil and Gas Share पर ब्रोकरेज की राय
तेल एवं गैस कारोबार वेदांता समूह के सबसे महत्वपूर्ण व्यवसायों में शामिल रहा है। डीमर्जर के बाद यह कारोबार स्वतंत्र कंपनी के रूप में सूचीबद्ध होगा।
SBI सिक्योरिटीज के अनुसार वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर लगभग 42 रुपये पर लिस्ट हो सकता है। वहीं नुवामा ने इसका संभावित मार्केट कैप 15,824 करोड़ रुपये बताया है।
भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों से इस कंपनी को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद की जा रही है।
Vedanta Iron and Steel Share की संभावनाएं
वेदांता आयरन एंड स्टील डीमर्जर के बाद सबसे छोटी लेकिन संभावनाओं वाली इकाई मानी जा रही है।
नुवामा के अनुसार कंपनी का संभावित मार्केट कैप 8,680 करोड़ रुपये हो सकता है जबकि शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 19 रुपये बताई जा रही है।
देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, निर्माण और विनिर्माण गतिविधियों में तेजी स्टील सेक्टर की मांग को बढ़ा सकती है।
निवेशकों को क्या फायदा होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि डीमर्जर के बाद प्रत्येक कंपनी का स्वतंत्र मूल्यांकन होगा। इससे निवेशकों को यह तय करने में आसानी होगी कि वे किस सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं।
इसके अलावा अलग-अलग कंपनियों के पास स्वतंत्र प्रबंधन और पूंजी आवंटन की सुविधा होगी, जिससे कारोबार की दक्षता बढ़ सकती है।
हालांकि बाजार विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि केवल संभावित लिस्टिंग कीमतों के आधार पर निवेश का निर्णय नहीं लेना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, भविष्य की रणनीति और जोखिमों का भी मूल्यांकन करना चाहिए।
क्या हो सकता है आगे?
बाजार जानकारों के अनुसार वेदांता एल्युमीनियम और वेदांता ऑयल एंड गैस को निवेशकों की ओर से सबसे ज्यादा रुचि मिल सकती है। वहीं पावर और आयरन एंड स्टील कारोबार भी सेक्टर आधारित निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकते हैं।
15 जून की लिस्टिंग के बाद इन कंपनियों की वास्तविक बाजार कीमत निवेशकों की मांग, सेक्टर सेंटीमेंट और व्यापक बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई शेयर कीमतें विभिन्न ब्रोकरेज रिपोर्टों और बाजार अनुमानों पर आधारित हैं। NewsJagran किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
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