नई दिल्ली। भारत का पूंजी बाजार अब सिर्फ घरेलू कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है। दुनिया भर की कंपनियां भारतीय निवेशकों और यहां के तेजी से विकसित हो रहे वित्तीय बाजारों की ओर आकर्षित हो रही हैं। इसी कड़ी में अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वर्कफोर्स सॉल्यूशंस कंपनी ट्राइफैक्टा इंक (Tryfacta Inc.) ने भारत में अपना IPO लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
कंपनी ने गुजरात के GIFT City स्थित इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) में अपने प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए ड्राफ्ट ऑफर दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। यदि यह IPO सफल रहता है तो ट्राइफैक्टा भारत में सूचीबद्ध होने वाली पहली अमेरिकी मुख्यालय वाली कंपनी बन सकती है।
100 से 150 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स और कंपनी द्वारा दाखिल दस्तावेजों के अनुसार ट्राइफैक्टा इस IPO के जरिए लगभग 100 से 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने की योजना बना रही है। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 850 करोड़ रुपये से लेकर 1,280 करोड़ रुपये के बीच बैठती है।
कंपनी का कहना है कि जुटाई गई पूंजी का उपयोग कारोबार विस्तार, संभावित अधिग्रहण (Acquisition), कर्ज भुगतान और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह IPO सफल रहता है तो भारत के वित्तीय बाजारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी, क्योंकि इससे अन्य विदेशी कंपनियों को भी भारत में लिस्टिंग के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।
IPO में कितने शेयर होंगे जारी?
प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम के तहत कंपनी 1.33 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इसके अलावा प्रमोटर समूह की सदस्य रतिका त्यागी 30 लाख शेयरों की बिक्री पेशकश (Offer For Sale) भी लाएंगी।
यह इश्यू अमेरिकी डॉलर में संरचित किया गया है और इसे विशेष रूप से वैश्विक निवेशकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
कंपनी के शेयर NSE International Exchange (NSE IX) और India International Exchange (India INX) पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है, जो दोनों GIFT City में संचालित अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज हैं।
क्या है GIFT City और क्यों बढ़ रहा इसका महत्व?
गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी यानी GIFT City को भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र माना जाता है। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक वित्तीय और निवेश गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाना है।
पिछले कुछ वर्षों में GIFT City ने विदेशी निवेशकों, फंड मैनेजरों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। सरकार लगातार यहां ऐसे नियम लागू कर रही है जिससे वैश्विक कंपनियों को भारत में पूंजी जुटाने और निवेश करने में आसानी हो।
ट्राइफैक्टा का IPO इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे GIFT City की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हो सकती है।
क्या काम करती है ट्राइफैक्टा?
ट्राइफैक्टा की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी और इसका मुख्यालय अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के डबलिन शहर में स्थित है। कंपनी का संचालन रतिका त्यागी और आदेश त्यागी के नेतृत्व में किया जा रहा है।
कंपनी AI आधारित वर्कफोर्स मैनेजमेंट और स्टाफिंग सेवाएं प्रदान करती है। इसके प्रमुख व्यवसायों में शामिल हैं:
- AI आधारित भर्ती समाधान
- स्टाफिंग और टैलेंट मैनेजमेंट
- पेरोल प्रोसेसिंग
- वर्कफोर्स एनालिटिक्स
- सरकारी एजेंसियों के लिए मानव संसाधन सेवाएं
- हेल्थकेयर और संस्थागत स्टाफिंग
AI तकनीक के उपयोग से कंपनी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाने का दावा करती है।
अमेरिका में मजबूत ग्राहक आधार
ड्राफ्ट ऑफर दस्तावेजों के अनुसार ट्राइफैक्टा के पास अमेरिका के 41 राज्यों में फैले 220 से अधिक सरकारी और संस्थागत ग्राहक हैं।
यह तथ्य कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी और संस्थागत ग्राहकों के साथ लंबे समय तक चलने वाले अनुबंध राजस्व की स्थिरता सुनिश्चित करते हैं।
31 दिसंबर 2025 तक कंपनी के लगभग 47 प्रतिशत अनुबंधों की अवधि 5 से 10 वर्षों के बीच थी। वहीं 38 प्रतिशत अनुबंध 2 से 5 वर्षों के लिए थे।
इससे पता चलता है कि कंपनी का बड़ा हिस्सा लंबी अवधि के व्यवसाय पर आधारित है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
6.2 करोड़ डॉलर के बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिले
हाल ही में ट्राइफैक्टा को अमेरिकी युद्ध विभाग (US Department of Defense) के अंतर्गत संचालित एक मेडिकल सेवा परियोजना में 6.2 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य के दो बड़े अनुबंध प्राप्त हुए हैं।
इन अनुबंधों को कंपनी की विश्वसनीयता और सरकारी क्षेत्र में उसकी मजबूत उपस्थिति का संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सरकारी कॉन्ट्रैक्ट कंपनी की आय को स्थिर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं और भविष्य की विकास संभावनाओं को मजबूत करते हैं।
AI सेक्टर पर निवेशकों की नजर
दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। OpenAI, Nvidia, Microsoft और Google जैसी कंपनियों द्वारा AI पर भारी निवेश के बाद निवेशकों की रुचि इस क्षेत्र में और बढ़ी है।
ट्राइफैक्टा का AI आधारित बिजनेस मॉडल ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक बाजार AI कंपनियों को प्रीमियम वैल्यूएशन देने को तैयार दिखाई दे रहा है।
भारत में भी AI सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को निवेशकों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। ऐसे में ट्राइफैक्टा का IPO बाजार में विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
भारतीय बाजार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह IPO?
ट्राइफैक्टा का प्रस्तावित IPO सिर्फ एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं है बल्कि भारत के वित्तीय बाजारों के वैश्विक विस्तार का संकेत भी है।
यदि यह IPO सफल रहता है तो भविष्य में कई अन्य विदेशी कंपनियां भी GIFT City के माध्यम से भारतीय निवेशकों तक पहुंचने की कोशिश कर सकती हैं। इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय पहचान मजबूत होगी और GIFT City को वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की सरकार की रणनीति को भी बल मिलेगा।
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी अपने अंतिम ऑफर दस्तावेज कब दाखिल करती है और IPO की कीमत तथा समयसीमा को लेकर क्या घोषणा करती है।


