सरकारी तेल कंपनी हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अपने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। महारत्न कंपनी HPCL वित्त वर्ष 2026 के लिए पिछले पांच साल का सबसे बड़ा डिविडेंड देने जा रही है। कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹19.25 डिविडेंड को मंजूरी दी है। इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में एचपीसीएल के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और स्टॉक 5 फीसदी से ज्यादा उछल गया।
कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों और बढ़े हुए डिविडेंड ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है। खास बात यह है कि HPCL ने सिर्फ डिविडेंड ही नहीं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में बोनस शेयर देकर भी निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है।
5 साल में सबसे बड़ा डिविडेंड
HPCL के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹19.25 प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की है। बाजार जानकारों के मुताबिक यह पिछले पांच वर्षों में कंपनी का सबसे बड़ा डिविडेंड माना जा रहा है।
तेल मार्केटिंग कंपनियों में डिविडेंड हमेशा निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण रहा है, क्योंकि सरकारी कंपनियां मजबूत कैश फ्लो होने पर अच्छा मुनाफा शेयरधारकों में बांटती रही हैं।
अगर पिछले कुछ वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो:
- अगस्त 2022 में ₹14 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड
- फरवरी 2024 में ₹15 अंतरिम डिविडेंड
- अगस्त 2024 में ₹11 फाइनल डिविडेंड
- अगस्त 2025 में ₹10.50 फाइनल डिविडेंड
- नवंबर 2025 में ₹5 अंतरिम डिविडेंड
दिया गया था। अब ₹19.25 प्रति शेयर का डिविडेंड निवेशकों के लिए बड़ा सरप्राइज माना जा रहा है।
हालांकि जुलाई 2021 में कंपनी ने ₹22.75 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड दिया था, लेकिन उसके बाद यह सबसे बड़ा भुगतान माना जा रहा है।
HPCL को हुआ ₹4,901 करोड़ का मुनाफा
मार्च 2026 तिमाही में HPCL ने शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹4,901 करोड़ पहुंच गया है। तिमाही आधार पर मुनाफे में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी का रेवेन्यू भी मजबूत रहा और चौथी तिमाही में यह करीब ₹1.15 लाख करोड़ पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और मजबूत डिमांड के कारण कंपनी के नतीजों में सुधार देखने को मिला है।
EBITDA और मार्जिन में भी शानदार सुधार
HPCL का ऑपरेशनल प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा। मार्च 2026 तिमाही में:
- EBITDA 28 फीसदी बढ़कर ₹8,979 करोड़ पहुंच गया
- EBITDA Margin बढ़कर 7.8% हो गया
- पिछली तिमाही में यह 6.1% था
इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनी सिर्फ बिक्री बढ़ाने में ही नहीं, बल्कि मुनाफे की गुणवत्ता सुधारने में भी सफल रही है।
GRM क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
तेल कंपनियों के लिए सबसे अहम आंकड़ों में से एक होता है Gross Refining Margin (GRM)। यह बताता है कि कंपनी कच्चे तेल को प्रोसेस करके कितना फायदा कमा रही है। पूरे वित्त वर्ष 2026 में HPCL का GRM करीब 8.79 डॉलर प्रति बैरल रहा है, जिसे मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में ज्यादा अस्थिरता नहीं आती, तो आने वाले समय में भी रिफाइनिंग कंपनियों के मार्जिन बेहतर बने रह सकते हैं।
शेयर बाजार में क्यों आई जोरदार तेजी?
जैसे ही मजबूत नतीजों और बड़े डिविडेंड की घोषणा हुई, निवेशकों ने HPCL के शेयरों में जमकर खरीदारी शुरू कर दी। बाजार को सबसे ज्यादा भरोसा इन बातों से मिला मजबूत मुनाफा, बेहतर मार्जिन, बड़ा डिविडेंड, कैश फ्लो की मजबूती, सरकार समर्थित कंपनी होने का भरोसा इसी वजह से शेयर में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली।
बोनस शेयर का भी शानदार रिकॉर्ड
HPCL सिर्फ डिविडेंड ही नहीं, बल्कि बोनस शेयर देने के मामले में भी निवेशकों के बीच लोकप्रिय रही है। कंपनी 2016 के बाद से तीन बार बोनस शेयर दे चुकी है।
बोनस शेयर इतिहास:
- सितंबर 2016 → 2:1 बोनस
- जुलाई 2017 → 1:2 बोनस
- जून 2024 → 1:2 बोनस
इसका मतलब है कि लंबे समय तक निवेश बनाए रखने वाले शेयरधारकों को कंपनी ने कई बार अतिरिक्त शेयरों का फायदा दिया है।
क्या सरकारी तेल कंपनियां फिर निवेशकों की पसंद बन रही हैं?
पिछले कुछ वर्षों में सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। लेकिन अब निवेशकों का रुझान फिर से PSU ऊर्जा कंपनियों की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है।
इसके पीछे कई कारण हैं मजबूत डिविडेंड यील्ड, स्थिर कैश फ्लो, बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन, सरकारी सपोर्ट, कम वैल्यूएशन पर उपलब्ध स्टॉक्स विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं, तो HPCL, BPCL और IOC जैसी कंपनियां आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
आगे क्या देख रहे हैं निवेशक?
अब बाजार की नजर इन बातों पर रहेगी:
- कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें
- सरकार की ईंधन मूल्य नीति
- रिफाइनिंग मार्जिन
- पेट्रोल-डीजल डिमांड
- भविष्य का डिविडेंड ट्रेंड
यदि कंपनी इसी तरह मजबूत नतीजे देती रही, तो निवेशकों की दिलचस्पी PSU ऊर्जा शेयरों में और बढ़ सकती है।
क्या डिविडेंड निवेशकों के लिए यह बड़ा मौका है?
डिविडेंड पसंद करने वाले निवेशकों के लिए HPCL जैसी कंपनियां लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रही हैं। खासकर ऐसे समय में जब बैंक FD और कई दूसरे निवेश विकल्प सीमित रिटर्न दे रहे हैं, तब मजबूत डिविडेंड यील्ड वाले स्टॉक्स निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
हालांकि बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश केवल डिविडेंड देखकर नहीं करना चाहिए। कंपनी की कमाई की स्थिरता, कर्ज स्थिति, तेल कीमतों पर निर्भरता, सरकारी नीतियां, भविष्य की ग्रोथ जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
FAQ
1. HPCL कितना डिविडेंड दे रही है?
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹19.25 प्रति शेयर डिविडेंड घोषित किया है।
2. HPCL को कितना मुनाफा हुआ है?
मार्च 2026 तिमाही में कंपनी को ₹4,901 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ है।
3. HPCL का EBITDA कितना रहा?
चौथी तिमाही में EBITDA बढ़कर ₹8,979 करोड़ पहुंच गया।
4. क्या HPCL बोनस शेयर भी देती रही है?
हां, कंपनी 2016 के बाद से तीन बार बोनस शेयर दे चुकी है।
5. शेयर में तेजी क्यों आई?
मजबूत तिमाही नतीजों और बड़े डिविडेंड ऐलान के कारण निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।
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