नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। आयोग ने सुझाव और मांगें भेजने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है। खास बात यह है कि आयोग ने साफ कर दिया है कि इसके बाद कोई और मौका नहीं मिलेगा।
यानी अब केंद्रीय कर्मचारियों के पास अपनी सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन को लेकर सीधे आयोग के सामने अपनी बात रखने का आखिरी अवसर है। यही वजह है कि कर्मचारी संगठनों के साथ-साथ व्यक्तिगत कर्मचारी भी बड़ी संख्या में सुझाव भेज रहे हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है 15 जून की डेडलाइन?

8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था। आयोग का काम केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन व्यवस्था की समीक्षा करना है।
आयोग ने कहा है कि 15 जून 2026 तक प्राप्त होने वाले सभी वैध सुझावों और ज्ञापनों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद जमा किए गए किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
केवल ऑनलाइन ही भेज सकेंगे सुझाव
आयोग ने प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल रखा है।
ध्यान रखें:
- हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं होगी
- ईमेल से भेजे गए सुझाव मान्य नहीं होंगे
- डाक द्वारा भेजे गए दस्तावेजों पर विचार नहीं किया जाएगा
- केवल आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जमा ज्ञापन ही स्वीकार किए जाएंगे
इसलिए कर्मचारियों को समय रहते अपनी राय दर्ज करानी होगी।
किन मुद्दों पर दे सकते हैं सुझाव?
कर्मचारी और पेंशनभोगी निम्नलिखित विषयों पर सुझाव भेज सकते हैं:
- बेसिक सैलरी में वृद्धि
- फिटमेंट फैक्टर
- महंगाई भत्ता (DA)
- हाउस रेंट अलाउंस (HRA)
- ट्रांसपोर्ट अलाउंस
- मेडिकल सुविधाएं
- पेंशन संरचना
- न्यूनतम वेतन
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर सबसे बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है क्योंकि इसी के आधार पर नई बेसिक सैलरी तय होगी।
फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो कितना बढ़ सकता है वेतन?
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर 3.50 या उससे अधिक करने की मांग कर रहे हैं।
अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹30,000 है तो अनुमानित गणना इस प्रकार हो सकती है:
| फिटमेंट फैक्टर | संभावित बेसिक सैलरी |
|---|---|
| 2.57 | ₹77,100 |
| 3.00 | ₹90,000 |
| 3.50 | ₹1,05,000 |
हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
क्या मिलेगा एरियर?
8वें वेतन आयोग से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल एरियर को लेकर है।
सरकारी सूत्रों और विशेषज्ञों के अनुसार आयोग की सिफारिशें लागू होने में समय लग सकता है, लेकिन प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है।
यदि रिपोर्ट 2027 में आती है और सरकार बाद में इसे लागू करती है, तो कर्मचारियों को पिछली अवधि का एरियर मिलने की संभावना रहेगी।
यही कारण है कि लाखों कर्मचारी आयोग की रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कर्मचारी संगठन क्या मांग कर रहे हैं?
कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में महंगाई और जीवनयापन की लागत तेजी से बढ़ी है।
उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- फिटमेंट फैक्टर में बड़ी बढ़ोतरी
- न्यूनतम वेतन में संशोधन
- पेंशनभोगियों को अतिरिक्त राहत
- HRA और अन्य भत्तों में सुधार
- चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार
कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए वेतन संरचना में बड़ा संशोधन जरूरी है।
कब आ सकती है आयोग की रिपोर्ट?
आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है।
ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि रिपोर्ट 2027 के मध्य तक सरकार को सौंपी जा सकती है। इसके बाद केंद्र सरकार अंतिम निर्णय लेगी।
निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग ने सुझाव भेजने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है और इसे अंतिम मौका बताया है। कर्मचारी अपनी सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन से जुड़े सुझाव ऑनलाइन भेज सकते हैं। यदि फिटमेंट फैक्टर में बड़ी बढ़ोतरी होती है तो लाखों कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। साथ ही एरियर मिलने की संभावना भी बनी हुई है।
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