All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen के प्रमुख Asaduddin Owaisi ने गुजरात में हाल ही में पास हुए Uniform Civil Code (UCC) Bill और Disturbed Areas Act में संशोधन को “असंवैधानिक” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह कानून संविधान की भावना और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले सप्ताह Gujarat Legislative Assembly में करीब 7 घंटे की लंबी बहस के बाद UCC Bill पास किया गया। इस बिल का उद्देश्य एक समान नागरिक कानून लागू करना है, जो सभी धर्मों के लोगों पर लागू होगा।
इस कानून के तहत:
- शादी, तलाक और उत्तराधिकार के लिए एक समान नियम
- Live-in relationship का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन
- जबरन या धोखे से शादी करने पर 7 साल तक की सजा
- बहुविवाह (polygamy) और bigamy पर रोक
सरकार का कहना है कि इससे समाज में समानता और पारदर्शिता बढ़ेगी।
Owaisi का विरोध: क्यों कहा असंवैधानिक?
Asaduddin Owaisi ने इस बिल का कड़ा विरोध करते हुए कई संवैधानिक तर्क दिए।
उनके मुख्य तर्क:
- UCC Directive Principle है, Fundamental Right नहीं
- Article 44 of the Indian Constitution केवल राज्य को मार्गदर्शन देता है
- इसे सभी नागरिकों पर जबरन लागू नहीं किया जा सकता
उन्होंने कहा कि संविधान सभा में B. R. Ambedkar ने भी UCC को स्वैच्छिक (voluntary) बताया था, न कि अनिवार्य।
धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल
Owaisi ने दावा किया कि यह कानून सीधे तौर पर मुसलमानों के धार्मिक अधिकारों को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा:
- यह Article 25 of the Indian Constitution का उल्लंघन है
- तलाक जैसे मामलों में इस्लामी कानून की अनदेखी की जा रही है
- हिंदू कानूनों को अन्य समुदायों पर लागू किया जा रहा है
उनका आरोप है कि यह “Uniform” नहीं बल्कि एक विशेष धर्म के कानूनों का विस्तार है।
Live-in और Marriage Clause पर भी सवाल
AIMIM प्रमुख ने बिल में live-in relationship से जुड़े प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई।
उनके अनुसार:
- यह शादी की पारंपरिक व्यवस्था को कमजोर करता है
- यह इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है
- उन्होंने Rashtriya Swayamsevak Sangh और Bharatiya Janata Party से इस पर जवाब मांगा
Disturbed Areas Act संशोधन क्या कहता है?
गुजरात विधानसभा ने एक और अहम संशोधन भी पास किया है, जो 1991 के Disturbed Areas Act से जुड़ा है।
इस संशोधन के तहत:
- “Aggrieved Person” की परिभाषा का विस्तार
- अब कोई भी स्थानीय निवासी property deal पर आपत्ति दर्ज कर सकता है
- सरकार को किसी भी क्षेत्र को “disturbed area” घोषित करने का अधिक अधिकार
Owaisi ने इसे भी गलत बताते हुए कहा कि इससे “तीसरे पक्ष” को अनावश्यक हस्तक्षेप का मौका मिलेगा।
राजनीतिक संकेत भी दिए
इस पूरे मुद्दे के बीच AIMIM ने गुजरात में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने का भी संकेत दिया है।
पार्टी:
- 6 municipal corporations
- 29 taluka panchayats
- 28 district panchayats
में कुल 539 उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।
UCC पर देशभर में बहस क्यों?
Uniform Civil Code लंबे समय से भारत में एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी मुद्दा रहा है।
समर्थकों का तर्क:
- सभी नागरिकों के लिए समान कानून
- gender equality को बढ़ावा
विरोधियों का तर्क:
- धार्मिक स्वतंत्रता पर असर
- विविधता वाले देश में एक कानून लागू करना मुश्किल
आगे क्या?
इस बिल को लेकर आने वाले समय में कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बहस तेज हो सकती है।
संभावनाएं:
- High Court या Supreme Court में चुनौती
- अन्य राज्यों में भी UCC पर चर्चा
- चुनावी मुद्दा बन सकता है
निष्कर्ष
Asaduddin Owaisi का यह बयान साफ करता है कि Gujarat UCC Bill केवल एक कानून नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दा बन चुका है। आने वाले समय में यह विवाद और गहरा सकता है, खासकर जब इसे अदालत में चुनौती दी जाती है।
FAQ Section
Q1. Gujarat UCC Bill क्या है?
यह एक कानून है जो सभी धर्मों के लिए समान नागरिक नियम लागू करने का प्रस्ताव देता है।
Q2. Owaisi ने इसका विरोध क्यों किया?
उनका कहना है कि यह Article 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है।
Q3. क्या यह कानून पूरे भारत में लागू होगा?
फिलहाल यह केवल गुजरात राज्य तक सीमित है।
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