Petrol Diesel Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच ब्रेंट क्रूड दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार 13 जून 2026 के लिए भी पुराने रेट ही जारी किए हैं।
क्रूड ऑयल में आई बड़ी गिरावट
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत मिलने के बाद निवेशकों ने राहत की सांस ली, जिसका असर तेल बाजार पर भी दिखाई दिया।
ब्रेंट क्रूड का भाव कारोबार समाप्त होने तक 3.37 फीसदी यानी 3.05 डॉलर प्रति बैरल टूटकर 87.33 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3.23 फीसदी गिरकर 84.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होते हैं तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों पर और दबाव बन सकता है। हालांकि इसका फायदा भारतीय उपभोक्ताओं तक कब पहुंचेगा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
पेट्रोल-डीजल के दाम में क्यों नहीं मिल रही राहत?
हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने अभी तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई कटौती नहीं की है।
दरअसल मई महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चार बार बढ़ोतरी की गई थी। 15 मई से 25 मई के बीच कुल 11 दिनों में चार बार रेट बढ़ाए गए थे। इसके बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ-साथ रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग लागत, फ्रेट चार्ज और सरकारी करों को भी ध्यान में रखती हैं। इसलिए केवल क्रूड ऑयल सस्ता होने से तुरंत पेट्रोल-डीजल सस्ता होना जरूरी नहीं है।
मई में चार बार बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
मई 2026 में तेल कंपनियों ने चरणबद्ध तरीके से कीमतों में वृद्धि की थी।
15 मई को पेट्रोल 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3.29 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया।
19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया।
23 मई को फिर पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ।
इसके बाद 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया।
इन बढ़ोतरी के बाद अब तक किसी तरह की राहत नहीं दी गई है।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
तेल कंपनियों पर बढ़ रहा दबाव
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अनुमानों के मुताबिक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बिक्री पर प्रतिदिन सैकड़ों करोड़ रुपये का दबाव झेलना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लंबे समय तक नीचे बनी रहती हैं तो कंपनियों के लिए उपभोक्ताओं को राहत देना आसान हो सकता है।
क्या आने वाले दिनों में सस्ता होगा पेट्रोल?
फिलहाल यह सबसे बड़ा सवाल है। यदि ब्रेंट क्रूड लगातार 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहता है और पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना बढ़ सकती है।
हालांकि अंतिम फैसला तेल विपणन कंपनियों और सरकार की नीति पर निर्भर करेगा।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अगले कुछ हफ्तों तक अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी होगा क्योंकि यही तय करेगा कि भारतीय उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी या नहीं।
ऐसे चेक करें अपने शहर का पेट्रोल-डीजल रेट
अगर आप रोजाना अपने शहर का पेट्रोल और डीजल रेट जानना चाहते हैं तो SMS के जरिए भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इंडियन ऑयल (IOC) के ग्राहक RSP लिखकर स्पेस के साथ अपने शहर का कोड 9224992249 पर भेज सकते हैं।
बीपीसीएल (BPCL) ग्राहक RSP लिखकर शहर का कोड 9223112222 पर भेज सकते हैं।
एचपीसीएल (HPCL) ग्राहक HPPRICE लिखकर शहर का कोड 9222201122 पर भेजकर ताजा रेट जान सकते हैं।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है और ब्रेंट क्रूड दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत नहीं मिली है क्योंकि तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल की नरमी का फायदा आम लोगों तक पहुंचता है या नहीं।


