मुंबई | 28 अप्रैल 2026
भारत में घरेलू हवाई यात्रा (Domestic Air Travel) का ग्रोथ अब पहले जैसा तेज नहीं रहा। रेटिंग एजेंसी ICRA की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में भारत का घरेलू एयर पैसेंजर ट्रैफिक सिर्फ 1.4% बढ़कर 1,677.4 लाख तक पहुंचा।
तुलना करें तो FY25 में यह आंकड़ा 1,653.8 लाख था — यानी ग्रोथ तो हुई, लेकिन रफ्तार काफी धीमी रही।
मार्च के आंकड़े भी दे रहे हैं संकेत
- मार्च 2026 में घरेलू यात्रियों की संख्या: 146.8 लाख
- साल-दर-साल ग्रोथ: सिर्फ 1%
यह बताता है कि डिमांड स्थिर है, लेकिन तेजी नहीं है — जो एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत है।
“Travel Boom” खत्म या नया बैलेंस बन रहा है?
कोविड के बाद जो “Travel Revenge” ट्रेंड दिखा था, अब वह ठंडा पड़ता नजर आ रहा है।
अब सवाल यह है:
क्या लोग कम यात्रा कर रहे हैं?
या यात्रा का पैटर्न बदल रहा है?
असल में तीन बड़े बदलाव दिख रहे हैं:
1. महंगे टिकट और लागत दबाव
- एविएशन फ्यूल (ATF) की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं
- एयरलाइंस टिकट सस्ते नहीं रख पा रहीं
इसका असर मिडिल क्लास ट्रैवल पर पड़ रहा है
2. वैकल्पिक ट्रैवल (रेल/रोड) की वापसी
- वंदे भारत जैसी तेज ट्रेनों का विस्तार
- शॉर्ट रूट्स पर लोग फ्लाइट की बजाय ट्रेन चुन रहे हैं
1-2 घंटे की फ्लाइट वाले रूट अब “कम्पटीटिव” हो गए हैं
3. बिजनेस ट्रैवल में बदलाव
- कंपनियां अब ऑनलाइन मीटिंग्स पर ज्यादा निर्भर
- कॉर्पोरेट ट्रैवल खर्च कम करने की कोशिश
एयरलाइंस का हाई-वैल्यू सेगमेंट प्रभावित
क्या यह चिंता की बात है?
सीधे तौर पर नहीं।
ICRA ने पहले ही FY26 के लिए 0-3% ग्रोथ का अनुमान लगाया था — यानी यह आंकड़ा उसी रेंज में है।
मतलब:
- सेक्टर स्थिर है
- लेकिन “हाई ग्रोथ फेज” फिलहाल रुका हुआ है
NewsJagran Insight
यह सिर्फ धीमी ग्रोथ की खबर नहीं है — यह एविएशन सेक्टर के “मैच्योर होने” का संकेत है।
पहले:
हर साल डबल डिजिट ग्रोथ
अब:
स्थिर, संतुलित और प्राइस-सेंसिटिव मार्केट
आने वाले समय में एयरलाइंस को करना होगा:
- स्मार्ट प्राइसिंग
- नए रूट्स की प्लानिंग
- लो-कॉस्ट मॉडल को मजबूत
आगे क्या?
अगर:
- कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं
- टिकट सस्ते होते हैं
- पर्यटन सीजन मजबूत रहता है
तो FY27 में फिर से ग्रोथ तेज हो सकती है
लेकिन अभी के लिए —
भारतीय एविएशन सेक्टर “स्टेबल लेकिन स्लो” मोड में है।
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