नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुंबई स्थित मोगावीरा सहकारी बैंक (Mogaveera Co-operative Bank) के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसके कामकाज पर कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लगा दिए हैं। केंद्रीय बैंक ने बैंक की कमजोर वित्तीय स्थिति और जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया है।
Highlights
- RBI ने मुंबई के मोगावीरा सहकारी बैंक पर 6 महीने के लिए कई प्रतिबंध लगाए।
- ग्राहक अपने खाते से अधिकतम ₹1 लाख तक ही निकाल सकेंगे।
- बैंक नए लोन, नई जमा राशि और निवेश गतिविधियां नहीं कर सकेगा।
RBI की ओर से जारी निर्देश शुक्रवार को कारोबार बंद होने के बाद लागू हो गए और फिलहाल अगले छह महीनों तक प्रभावी रहेंगे। हालांकि रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि बैंक की स्थिति की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर निर्देशों में बदलाव भी किया जा सकता है।
ग्राहकों के लिए सबसे बड़ा झटका, निकासी सीमा तय
RBI के आदेश के बाद बैंक के खाताधारक अब अपनी जमा राशि को पूरी तरह नहीं निकाल पाएंगे। केंद्रीय बैंक ने निकासी की अधिकतम सीमा ₹1 लाख तय कर दी है।
इसका मतलब है कि बचत खाता, चालू खाता या किसी अन्य प्रकार के खाते में पैसा रखने वाले ग्राहक छह महीने की अवधि के दौरान कुल मिलाकर अधिकतम ₹1 लाख तक ही निकाल सकेंगे। यह कदम बैंक की उपलब्ध नकदी को नियंत्रित रखने और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है।
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पाबंदियां आमतौर पर तब लगाई जाती हैं जब किसी बैंक की वित्तीय स्थिति चिंता का विषय बन जाती है और नियामक को जमाकर्ताओं के धन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होती है।
बैंक किन गतिविधियों पर नहीं कर सकेगा काम?
RBI द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार बैंक पर कई परिचालन प्रतिबंध लगाए गए हैं।
बैंक अब किसी नए ग्राहक को लोन या एडवांस मंजूर नहीं कर सकेगा। इसके अलावा मौजूदा ऋणों का नवीनीकरण भी नहीं किया जा सकेगा। बैंक को नए निवेश करने, नई देनदारियां स्वीकार करने और नई जमा राशि लेने से भी रोक दिया गया है।
इन प्रतिबंधों का उद्देश्य बैंक की वित्तीय स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकना तथा उपलब्ध संसाधनों का संरक्षण करना है।
RBI को क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
रिजर्व बैंक ने अपने बयान में कहा कि वह लंबे समय से बैंक के निदेशक मंडल और वरिष्ठ प्रबंधन के संपर्क में था। केंद्रीय बैंक लगातार बैंक को वित्तीय कमियों को दूर करने और संचालन में सुधार करने के निर्देश देता रहा।
हालांकि RBI के अनुसार बैंक प्रबंधन आवश्यक सुधार लागू करने और जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाने में विफल रहा। यही कारण है कि नियामक को अंततः कड़े प्रतिबंध लगाने पड़े।
क्या जमाकर्ताओं का पैसा सुरक्षित है?
RBI ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध लगाए जाने का मतलब बैंक का लाइसेंस रद्द होना नहीं है। बैंक सीमित दायरे में अपना संचालन जारी रखेगा। ऐसे मामलों में जमाकर्ताओं को घबराने के बजाय RBI और बैंक द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
भारत में जमा बीमा व्यवस्था के तहत पात्र खाताधारकों को एक निश्चित सीमा तक सुरक्षा भी उपलब्ध रहती है। हालांकि किसी भी दावे या भुगतान की प्रक्रिया संबंधित परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपका खाता मोगावीरा सहकारी बैंक में है तो सबसे पहले बैंक की शाखा या आधिकारिक सूचना माध्यमों से अपने खाते की स्थिति की जानकारी लें। निकासी सीमा और अन्य नियमों को समझें तथा किसी भी अफवाह पर भरोसा करने से बचें।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में खाताधारकों को आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना चाहिए क्योंकि RBI समय-समय पर बैंक की स्थिति की समीक्षा करता रहता है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत या नए निर्देश जारी कर सकता है।
फिलहाल RBI की यह कार्रवाई जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा और बैंकिंग प्रणाली में भरोसा बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। अगले छह महीनों में बैंक की वित्तीय स्थिति और नियामकीय समीक्षा पर सभी की नजर रहेगी।
स्रोत: RBI अधिसूचना, पीटीआई


