शेल (Shell) और नायरा (Nayara) ने भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। बेंगलुरु में पेट्रोल ₹119 पार। जानें ईरान-इज़राइल युद्ध का भारतीय तेल बाजार और हवाई किराए पर क्या असर पड़ रहा है।
ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया के युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ अब भारतीय आम आदमी की जेब पर सीधा हमला बोल दिया है। 1 अप्रैल 2026 से निजी तेल कंपनियों, विशेषकर Shell (शेल इंडिया) और Nayara Energy (नायरा एनर्जी) ने ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है।
शेल इंडिया: पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें (01 अप्रैल 2026 से प्रभावी)

शेल इंडिया ने अपनी कीमतों में बड़ा बदलाव किया है। बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतों में 7.41 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा देखा गया है। नीचे दी गई तालिका में प्रमुख शहरों की नई दरें देखें:
| शहर | यूएलपी (Petrol) | एचएसडी (Diesel) | एसवीपी एम (Premium Petrol) | एसवीपी डी (Premium Diesel) |
| अहमदाबाद | 111.49 | 122.68 | 121.49 | 132.68 |
| बेंगलोर | 119.92 | 123.51 | 129.92 | 133.51 |
| चेन्नई | 117.80 | 124.66 | 127.80 | 134.66 |
| नासिक | 121.76 | 123.77 | 131.76 | 133.77 |
| पुणे | 120.82 | 122.86 | 130.82 | 132.86 |
स्त्रोत: Shell India
नायरा एनर्जी ने भी बढ़ाई कीमतें
शेल से पहले नायरा एनर्जी ने भी पेट्रोल में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। कंपनी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण इनपुट लागत बढ़ गई है, जिसका कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालना मजबूरी बन गया है।
कीमतें बढ़ने के 3 मुख्य कारण:
- ईरान-इज़राइल युद्ध: 28 फरवरी के बाद से खाड़ी देशों में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
- कच्चे तेल में 50% का उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगभग आधी बढ़ चुकी हैं।
- ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव: लंबे समय से कीमतें स्थिर रहने के कारण निजी कंपनियों पर घाटा कम करने का भारी दबाव था।
हवाई सफर भी होगा महंगा: जेट ईंधन (ATF) के दाम दोगुने
सिर्फ सड़क ही नहीं, आसमान में सफर करना भी अब महंगा होने वाला है। ईरान युद्ध के चलते विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है:
- घरेलू एयरलाइंस के लिए: ATF की कीमत 8.6% बढ़कर 1.04 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है।
- चार्टर्ड और गैर-निर्धारित विमानों के लिए: यह दरें दोगुनी से भी अधिक बढ़कर 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई हैं।
नोट: हवाई यात्रियों को आने वाले दिनों में टिकट की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के लिए तैयार रहना चाहिए।
निष्कर्ष
निजी कंपनियों द्वारा बढ़ाई गई इन कीमतों के बाद अब सबकी नजरें सरकारी तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) पर टिकी हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय स्थिति में सुधार नहीं होता, तो महंगाई का यह दौरा और लंबा खिंच सकता है।
क्या आप भी अपनी गाड़ी में शेल या नायरा का पेट्रोल डलवाते हैं? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं।
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