छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य को नक्सलवाद मुक्त बताया। 31 मार्च 2026 को ऐतिहासिक दिन बताते हुए बस्तर में विकास और शांति के नए दौर की शुरुआत का दावा।
रायपुर: Vishnu Deo Sai ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। उन्होंने 31 मार्च 2026 को राज्य के लिए “ऐतिहासिक दिन” बताया, जब केंद्र द्वारा तय समयसीमा के तहत नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य पूरा हुआ।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय Narendra Modi और Amit Shah को देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई संभव हो पाई।
40 साल से प्रभावित बस्तर अब विकास की राह पर

सीएम साय ने कहा कि राज्य का बस्तर क्षेत्र, जो पिछले 40 वर्षों से नक्सली हिंसा का केंद्र रहा, अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा:
“जहां कभी गोलियों की आवाज गूंजती थी, आज वहां विकास, विश्वास और सुशासन की धारा बह रही है।”
सरकार के अनुसार, अब बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास का नया दौर शुरू हो चुका है।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना
सीएम साय ने Rahul Gandhi और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान कई जगह नक्सलियों की मौजूदगी रही
- कुछ स्थानों पर नक्सली मंच पर भी मौजूद थे
- नक्सली नेता मदवी हिडमा को लेकर दिए गए बयानों पर भी सवाल उठाए
साथ ही, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार झीरम घाटी हमले की जांच में विफल रही।
झीरम घाटी हमला: अब तक अनसुलझा मुद्दा
25 मई 2013 को हुए Jhiram Ghati attack में 32 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें कई बड़े कांग्रेस नेता शामिल थे।
सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पांच साल सत्ता में रहने के बावजूद इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की।
‘डबल इंजन सरकार’ को दिया श्रेय
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव डबल इंजन सरकार की नीतियों, मजबूत रणनीति और जनता के विश्वास का परिणाम है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा:
“एक भयमुक्त बस्तर, एक नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़—जहां अब हर गांव में रोशनी है और हर चेहरे पर डर नहीं, बल्कि मुस्कान है।”
नया छत्तीसगढ़: शांति, विकास और विश्वास का दौर
सीएम साय के अनुसार, 31 मार्च 2026 का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत है।
- हर गांव में विकास पहुंच रहा है
- बस्तर में विश्वास और सुरक्षा का माहौल बना है
- राज्य अब निवेश और प्रगति के लिए तैयार है
उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ “डर की छाया से निकलकर आत्मविश्वास और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।”
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे का दावा राज्य के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। अगर यह बदलाव स्थायी रहता है, तो आने वाले समय में बस्तर जैसे क्षेत्र विकास, पर्यटन और निवेश के नए केंद्र बन सकते हैं।
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