बिहार में बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान हुआ। जानें BRFSY और PMFBY के तहत मुआवज़ा पाने का आसान तरीका, स्टेप-बाय-स्टेप गाइड।
बिहार में बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान हुआ। जानें BRFSY और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत मुआवज़ा पाने का आसान तरीका। पूरा स्टेप-बाय-स्टेप गाइड।
बिहार में फसल नुकसान: BRFSY और PMFBY से मुआवज़ा पाने का आसान तरीका
📅 अपडेट: 21 मार्च 2026
🌾 लेखक: Namam Sharma
बिहार में अचानक हुई बारिश, तेज़ हवा और ओलावृष्टि की वजह से गेहूँ, मक्का और तेलहन जैसी फसलें बर्बाद हो गई हैं। ऐसे समय में BRFSY और PMFBY किसानो को राहत देने के लिए काम कर रही हैं।
🌦️ मौसम की मार और फसल नुकसान का हाल
कई जिलों में अचानक मौसम की बदलाव से फसल भारी मात्रा में प्रभावित हुई है। खेतों में कटाई के बाद रखी फसल भी पानी में गीली हो गई, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ गया।
🌾 1. बिहार राज्य फसल सहायता योजना (BRFSY)
- उन किसानों के लिए जो बीमा नहीं करवा पाए हैं।
- राज्य सरकार सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मुआवज़ा देती है।
- DBT कृषि पोर्टल पर पंजीकरण ज़रूरी।
- जरूरी दस्तावेज़: आधार कार्ड, बैंक खाता, जमीन के कागज़।
- पहले पंजीकृत किसानों को फिर से पंजीकरण की जरूरत नहीं।
💡 मुख्य उद्देश्य: आर्थिक मदद देकर किसान को अगली फसल बोने में सहायता करना।
🌾 2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
- केंद्र सरकार की योजना, प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान पर मुआवज़ा।
- नुकसान की रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर दर्ज करना जरूरी।
- बीमा कंपनी के ज़रिये मुआवज़ा सीधे बैंक खाते में DBT द्वारा भेजा जाता है।
📍 क्लेम कैसे करें?
- फसल नुकसान की सूचना तुरंत कृषि अधिकारी / बीमा कंपनी / बैंक को दें।
- दस्तावेज़ तैयार रखें: आधार, बैंक खाता, पॉलिसी नंबर, फसल नुकसान रिपोर्ट।
- सत्यापन के बाद मुआवज़ा DBT के माध्यम से मिलेगा।
⚠️ ध्यान दें: यदि किसान पराली जलाता है या नियम तोड़ता है → मुआवज़ा नहीं मिलेगा।
❓ FAQ
Q1: BRFSY के तहत मुआवज़ा कितना मिलता है?
A1: सर्वे रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार तय राशि सीधे बैंक खाते में भेजती है।
Q2: PMFBY में क्लेम के लिए समय सीमा कितनी है?
A2: फसल नुकसान की रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर दर्ज करनी होती है।
Q3: क्या दोनों योजनाओं के लिए अलग आवेदन करना होगा?
A3: हाँ, BRFSY और PMFBY के लिए अलग आवेदन प्रक्रिया है।
Q4: कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
A4: आधार कार्ड, बैंक खाता, जमीन के दस्तावेज़, और फसल नुकसान रिपोर्ट।
✅ निष्कर्ष
- बिहार के किसानों को BRFSY और PMFBY से फसल नुकसान पर राहत मिलेगी।
- समय पर दस्तावेज़ और क्लेम दर्ज करना ज़रूरी।
- दोनों योजनाओं का लक्ष्य किसानों की आर्थिक मदद और खेती जारी रखना है।
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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