नई दिल्ली, 29 अप्रैल: Reliance Industries की डिजिटल इकाई Jio Platforms के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर नई अपडेट सामने आई है। रेटिंग और रिसर्च फर्म CreditSights के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते Jio IPO अब FY27 की दूसरी छमाही (H2 FY27) तक टल सकता है।
पहले कब आने की थी उम्मीद?
मार्केट में पहले यह चर्चा थी कि Jio Platforms का IPO मई 2026 के आसपास लॉन्च हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार:
- Reliance अपनी लगभग 2.5%–3% हिस्सेदारी बेच सकती थी
- इससे करीब 4 बिलियन डॉलर (लगभग ₹37,500 करोड़) जुटाने की योजना थी
हालांकि, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने इस टाइमलाइन पर असर डाला है।
क्या कहा CreditSights ने?
CreditSights ने Reliance Industries के FY26 अर्निंग्स पर अपनी टिप्पणी में बताया कि कंपनी मैनेजमेंट ने अर्निंग्स कॉल में कहा था कि “Jio IPO जल्द आने वाला है” (imminent)।
इसके बावजूद, वैश्विक अनिश्चितता—खासतौर पर मिडिल ईस्ट में तनाव—IPO के टाइमिंग को प्रभावित कर सकती है।
देरी के पीछे क्या हैं कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार, IPO में संभावित देरी के पीछे कई अहम कारण हैं:
- भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की आशंकाएं
- वैश्विक बाजारों में अस्थिरता
- निवेशकों का सतर्क रुख
- वैल्यूएशन पर संभावित असर
ऐसे माहौल में कंपनियां अक्सर IPO लॉन्च को टाल देती हैं ताकि बेहतर मार्केट कंडीशंस का इंतजार किया जा सके।
Jio Platforms क्यों है इतना अहम?
Jio Platforms भारत की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनियों में से एक है, जिसमें:
- टेलीकॉम (Jio)
- डिजिटल ऐप्स और सेवाएं
- फाइबर और ब्रॉडबैंड नेटवर्क
जैसे बिज़नेस शामिल हैं। इसका IPO भारतीय बाजार के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू में से एक हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
अगर IPO टलता है, तो:
- निवेशकों को इंतजार लंबा करना पड़ सकता है
- वैल्यूएशन और मार्केट सेंटिमेंट बदल सकते हैं
- बेहतर मार्केट कंडीशंस में ज्यादा मजबूत लिस्टिंग की संभावना बन सकती है
निष्कर्ष
Reliance Industries की Jio Platforms का IPO भले ही फिलहाल टल सकता है, लेकिन इसकी संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। सही समय और अनुकूल बाजार परिस्थितियों में यह IPO भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा इवेंट साबित हो सकता है।
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