NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    mango-drinks-25-percent-real-mango-pulp-mandatory-gst-proposal-hindi
    आम रस-मैंगो शेक में 25% असली आम का पल्प होगा अनिवार्य? मिलावट करने वालों पर बढ़ सकता है GST, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
    23 जुलाई 2026
    ajio-beauty-launch-reliance-retail-isha-ambani-hindi
    मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी का नया दांव, लॉन्च हुआ AJIO Beauty; 1,500+ ब्रांड और 19,000 पिन कोड तक डिलीवरी
    23 जुलाई 2026
    up-mango-export-dubai-12-5-ton-dussehri-langra-mango-sea-route
    जापान ने ठुकराया, अब दुबई में बजेगा UP के दशहरी-लंगड़ा आम का डंका! समुद्री रास्ते से पहुंची 12.5 टन की पहली खेप
    23 जुलाई 2026
    trump-tariff-plan-india-pharma-export-200-percent-generic-drugs
    Trump Tariff Plan: भारत की जगह ले लेना इतना आसान नहीं! ट्रंप के 200% टैरिफ दांव पर एक्सपर्ट्स बोले- अमेरिका को ही चुकानी पड़ सकती है बड़ी कीमत
    23 जुलाई 2026
    bengaluru-cafe-rs-99-per-hour-workspace-charge
    बेंगलुरु के इस कैफे में लैपटॉप खोलकर बैठना पड़ेगा महंगा! ऑफिस की तरह इस्तेमाल करने पर ₹99 प्रति घंटे का चार्ज
    22 जुलाई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-diesel-price-today-22-july-2026-brent-crude-oil-price-india
    Petrol Diesel Price Today: कच्चा तेल 91 डॉलर के पार, फिर भी 57वें दिन नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें आपके शहर का रेट
    22 जुलाई 2026
    21-july-2026-petrol-diesel-price-today
    Petrol Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव, जानिए आपके शहर में आज पेट्रोल-डीजल का नया रेट
    21 जुलाई 2026
    crude-oil-price-brent-crosses-91-dollar-petrol-diesel-price-impact-india
    Crude Oil में महाउछाल! $90 के पार निकला ब्रेंट, क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
    20 जुलाई 2026
    gold-silver-crude-oil-market-outlook-next-week-middle-east-tension-hindi
    गोल्ड से लेकर क्रूड ऑयल तक बड़ा अलर्ट! अगले सप्ताह मेटल मार्केट में आ सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव, जानिए किन स्तरों पर रहेगी नजर
    19 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-today-18-july-2026-wti-crude-brent-oil-price-india
    Petrol Diesel: WTI क्रूड एक हफ्ते में 11% से ज्यादा उछला, ब्रेंट फिर 88 डॉलर के पार, जानें आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का रेट
    18 जुलाई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    vedanta-rs-21000-crore-funding-vaml-56-percent-shares-encumbrance-explained
    अनिल अग्रवाल की Vedanta का बड़ा दांव! ₹21 हजार करोड़ जुटाने के लिए Vedanta Aluminium के 56% शेयरों पर लगा प्रतिबंध, जानिए पूरी वजह
    23 जुलाई 2026
    stocks-to-watch-23-july-indusind-bank-iifl-finance-hpcl-q1-results-hindi
    Stocks to Watch: 23 जुलाई को इन 13 शेयरों पर रखें नजर, तिमाही नतीजों और बड़े ऐलानों से दिख सकता है जोरदार एक्शन
    22 जुलाई 2026
    bpcl-q1-results-june-quarter-loss-crude-oil-price-impact-hindi
    BPCL Q1 Results: BPCL को जून तिमाही में ₹3,962 करोड़ का घाटा, महंगे कच्चे तेल और पश्चिम एशिया तनाव ने बढ़ाया दबाव
    22 जुलाई 2026
    hpcl-q1-results-loss-rs-11526-crore-share-price-revenue-grm-hindi
    HPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी को ₹11,526 करोड़ का घाटा, रेवेन्यू बढ़ा लेकिन कमजोर मार्केटिंग मार्जिन ने बिगाड़ा खेल
    22 जुलाई 2026
    market-outlook-23-july-nifty-sensex-bank-nifty-support-resistance-levels-hindi
    Market Outlook: 24,000 के नीचे फिसला निफ्टी, 23 जुलाई को 23,900 पर रहेगी नजर; जानें एक्सपर्ट्स की राय
    22 जुलाई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Income Tax Notice: बैंक में 1.28 करोड़ रुपये कैश जमा करना पड़ा भारी, 44 लाख का टैक्स नोटिस; ITAT ने व्यापारी को दी बड़ी राहत
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
फाइनेंस

Income Tax Notice: बैंक में 1.28 करोड़ रुपये कैश जमा करना पड़ा भारी, 44 लाख का टैक्स नोटिस; ITAT ने व्यापारी को दी बड़ी राहत

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/28 at 6:44 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
10 Min Read
income-tax-notice-bank-cash-deposit-rs-1-28-crore-itat-relief-case
SHARE

Income Tax Notice: बैंक में बड़ी नकदी जमा करने वालों के लिए अहम सबक

आज के दौर में बैंक खाते में बड़ी रकम जमा करना सामान्य बात लग सकती है, लेकिन यदि उस रकम का स्रोत स्पष्ट नहीं है या उसके समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज मौजूद नहीं हैं तो यह आयकर विभाग की जांच का कारण बन सकता है। खासकर नकद लेन-देन वाले कारोबारों में यह जोखिम और बढ़ जाता है। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के एक कबाड़ व्यापारी के साथ सामने आया, जिसे अपने बैंक खाते में 1.28 करोड़ रुपये नकद जमा करने के कारण आयकर विभाग से 44 लाख रुपये के टैक्स नोटिस का सामना करना पड़ा।

Contents
Income Tax Notice: बैंक में बड़ी नकदी जमा करने वालों के लिए अहम सबकक्या था पूरा मामला?आयकर विभाग को क्यों हुआ संदेह?व्यापारी ने क्या दलील दी?कंप्यूटर वायरस और डाटा नष्ट होने की दलीलधारा 69A के तहत हुई कार्रवाईITAT में कैसे बदली तस्वीर?क्या है Principle of Consistency?न्यायाधिकरण का अंतिम फैसलाआम करदाताओं के लिए क्या है सबक?बढ़ रही है डिजिटल निगरानीनिष्कर्ष

हालांकि मामला जब आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) पहुंचा तो व्यापारी को बड़ी राहत मिली। इस फैसले ने उन हजारों छोटे कारोबारियों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश दिया है जो नकद लेन-देन वाले व्यवसायों से जुड़े हुए हैं।

क्या था पूरा मामला?

मामला कबाड़ का कारोबार करने वाले वाजीद खान से जुड़ा है। वे कई वर्षों से स्क्रैप ट्रेडिंग के व्यवसाय में सक्रिय हैं। विवाद वित्त वर्ष 2015-16 का है, जब उनके सहकारी बैंक खाते में करीब 1.28 करोड़ रुपये की नकदी जमा हुई थी।

दूसरी तरफ, उसी वर्ष दाखिल किए गए आयकर रिटर्न में उन्होंने अपनी वार्षिक आय लगभग 3 लाख रुपये दिखाई थी। आयकर विभाग के डेटा एनालिटिक्स सिस्टम और इनसाइट पोर्टल ने बैंक खाते में जमा बड़ी नकदी और घोषित आय के बीच भारी अंतर को चिन्हित किया।

इसके बाद विभाग ने आयकर अधिनियम की धारा 147 के तहत मामला दोबारा खोलते हुए जांच शुरू कर दी।

आयकर विभाग को क्यों हुआ संदेह?

पिछले कुछ वर्षों में आयकर विभाग ने डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल निगरानी को काफी मजबूत किया है। बैंकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य एजेंसियों से मिलने वाली जानकारी को विभाग अपने सिस्टम से मिलान करता है।

जब किसी व्यक्ति की घोषित आय और बैंक खाते में हुए बड़े लेन-देन के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है तो मामला जांच के दायरे में आ जाता है।

वाजीद खान के मामले में भी यही हुआ। उनकी घोषित आय कुछ लाख रुपये थी, जबकि बैंक खाते में करोड़ों रुपये की नकदी जमा दिखाई दी। इससे विभाग को शक हुआ कि कहीं यह अघोषित आय तो नहीं है।

व्यापारी ने क्या दलील दी?

व्यापारी का कहना था कि उनका व्यवसाय कबाड़ खरीदने और बेचने का है। इस कारोबार में नकद लेन-देन सामान्य बात है। उन्होंने दावा किया कि बैंक खाते में जमा पूरी राशि कोई व्यक्तिगत आय नहीं बल्कि कारोबार की कुल बिक्री (Gross Sales) थी।

उन्होंने यह भी कहा कि वे आयकर कानून के अनुमानित कराधान (Presumptive Taxation) प्रावधानों के तहत कारोबार चला रहे थे, जिसमें कुल टर्नओवर का एक निश्चित प्रतिशत मुनाफा मानकर टैक्स चुकाया जाता है।

लेकिन समस्या यह थी कि वे इन नकद लेन-देन का विस्तृत रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके।

कंप्यूटर वायरस और डाटा नष्ट होने की दलील

सुनवाई के दौरान व्यापारी ने बताया कि उनके कंप्यूटर में वायरस आने के कारण हार्ड डिस्क क्रैश हो गई थी। इससे अकाउंटिंग रिकॉर्ड, बिल और लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा नष्ट हो गया।

यही वजह थी कि वे आयकर अधिकारी के सामने आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर पाए।

हालांकि आयकर अधिकारी ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। विभाग का मानना था कि केवल मौखिक दावे के आधार पर इतनी बड़ी नकद राशि को वैध कारोबार का हिस्सा नहीं माना जा सकता।

धारा 69A के तहत हुई कार्रवाई

जब व्यापारी पर्याप्त रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके तो असेसिंग ऑफिसर (AO) ने आयकर अधिनियम की धारा 69A लागू कर दी।

धारा 69A उन मामलों में लागू होती है जहां किसी व्यक्ति के पास ऐसी नकदी, संपत्ति या निवेश पाया जाता है जिसका संतोषजनक स्रोत वह साबित नहीं कर पाता।

अधिकारी ने पूरे 1.28 करोड़ रुपये को अघोषित आय मान लिया। इसके बाद धारा 115BBE के तहत विशेष दर से टैक्स और अन्य देनदारियां जोड़ते हुए लगभग 44 लाख रुपये की टैक्स मांग जारी कर दी गई।

ITAT में कैसे बदली तस्वीर?

मामला जब आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) पहुंचा तो व्यापारी ने अपनी रणनीति बदल दी।

रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण उन्होंने पिछले और अगले वर्षों के आयकर रिकॉर्ड पेश किए। इन दस्तावेजों से यह दिखाने की कोशिश की गई कि उनका बिजनेस मॉडल कई वर्षों से एक जैसा था और विभाग पहले भी उनके कारोबार को स्वीकार करता रहा है।

व्यापारी ने यह तर्क दिया कि यदि विभाग ने पिछले वर्षों और बाद के वर्षों में उनके स्क्रैप कारोबार तथा अनुमानित लाभ के मॉडल को स्वीकार किया है तो केवल एक वर्ष में अलग रुख अपनाना उचित नहीं है।

क्या है Principle of Consistency?

ITAT ने सुनवाई के दौरान “Principle of Consistency” यानी निरंतरता के सिद्धांत पर विशेष जोर दिया।

यह सिद्धांत कहता है कि यदि किसी करदाता के तथ्यों और कारोबार की प्रकृति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है तो आयकर विभाग को हर वर्ष अलग-अलग दृष्टिकोण नहीं अपनाना चाहिए।

यदि विभाग ने पिछले वर्षों में किसी व्यवसाय मॉडल को स्वीकार किया है और बाद के वर्षों में भी उसे मान्यता दी है, तो बीच के किसी एक वर्ष में उसे पूरी तरह अस्वीकार करने के लिए ठोस कारण होने चाहिए।

ITAT ने पाया कि विभाग ने इस पहलू पर पर्याप्त विचार नहीं किया था।

न्यायाधिकरण का अंतिम फैसला

आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण ने असेसिंग ऑफिसर के आदेश को सीधे बरकरार नहीं रखा।

ट्रिब्यूनल ने पुराने आदेश को रद्द करते हुए मामला पुनः जांच के लिए विभाग के पास भेज दिया। साथ ही निर्देश दिया कि व्यापारी के पिछले और बाद के वर्षों के रिकॉर्ड तथा विभाग द्वारा पहले स्वीकार किए गए बिजनेस मॉडल को ध्यान में रखते हुए नया फैसला लिया जाए।

इस तरह व्यापारी को तत्काल राहत मिली और 44 लाख रुपये की टैक्स मांग पर पुनर्विचार का रास्ता खुल गया।

आम करदाताओं के लिए क्या है सबक?

यह मामला केवल एक व्यापारी तक सीमित नहीं है। बैंक खाते में बड़ी नकदी जमा करने वाले हर व्यक्ति के लिए यह एक महत्वपूर्ण चेतावनी है।

यदि आपके खाते में बड़ी रकम जमा होती है तो उसके स्रोत का स्पष्ट रिकॉर्ड होना चाहिए। केवल यह कहना पर्याप्त नहीं होगा कि पैसा व्यापार से आया है।

इन दस्तावेजों को सुरक्षित रखना जरूरी है:

  • बिक्री बिल
  • खरीद रसीदें
  • बैंक रिकॉर्ड
  • अकाउंट बुक
  • जीएसटी रिकॉर्ड
  • टैक्स रिटर्न

डिजिटल युग में आयकर विभाग के पास विभिन्न स्रोतों से डेटा पहुंचता है। ऐसे में बड़े लेन-देन को छिपाना या उनके स्रोत को साबित न कर पाना महंगा पड़ सकता है।

बढ़ रही है डिजिटल निगरानी

आयकर विभाग का Insight Portal और अन्य डेटा विश्लेषण सिस्टम लगातार बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रखते हैं। नकदी जमा, संपत्ति खरीद, शेयर निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन का मिलान आयकर रिटर्न से किया जाता है।

यही कारण है कि अब केवल रिटर्न दाखिल करना पर्याप्त नहीं है। करदाताओं को अपने हर बड़े वित्तीय लेन-देन का उचित रिकॉर्ड भी रखना पड़ता है।

निष्कर्ष

वाजीद खान का मामला बताता है कि बड़ी नकदी जमा होने पर आयकर विभाग की जांच का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि यदि आपके पास कारोबार का इतिहास, टैक्स रिकॉर्ड और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मौजूद हैं तो न्यायिक मंचों से राहत भी मिल सकती है।

लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति से बचने का सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि सभी वित्तीय रिकॉर्ड व्यवस्थित रखें और बैंक खाते में होने वाले बड़े लेन-देन का स्पष्ट दस्तावेजी प्रमाण संभालकर रखें। इससे न केवल टैक्स नोटिस से बचा जा सकता है, बल्कि किसी भी जांच के दौरान अपनी स्थिति मजबूत रखी जा सकती है।

लेटेस्ट रेट्स और मार्केट अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, आज का चांदी का भाव, आज का पेट्रोल-डीजल भाव, आज का LPG रेट, CNG रेट, PNG रेट, कच्चे तेल का भाव, डॉलर-रुपया रेट और IPO GMP Today देखें।

You Might Also Like

Mutual Fund Death Claim Rules: म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बड़ी राहत! अब परिवार आसानी से कर सकेगा क्लेम, सेबी ने बदले ट्रांसमिशन के नियम

Post Office RD vs SBI RD: हर महीने ₹10,000 जमा करने पर 10 साल बाद कहां मिलेगा ज्यादा पैसा? जानिए पूरा कैलकुलेशन

बड़ी खुशखबरी! LIC और EPFO में पड़े हैं हजारों करोड़ रुपये, जानिए सरकार ने बताया इस रकम का क्या होगा

Wealth Leave: कर्मचारियों की आर्थिक भलाई को भी मिलनी चाहिए उतनी ही प्राथमिकता

Bank Holiday Tomorrow: कल 22 जुलाई को इस राज्य में बंद रहेंगे बैंक! घर से निकलने से पहले चेक करें अपने शहर का स्टेटस

TAGGED: Bank Cash Deposit, Banking News, Income Tax, Income Tax Department, Income Tax Notice, ITAT, ITR, Personal Finance, Tax Notice, Tax Rules
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article 8th-pay-commission-hra-hike-level-1-to-5-employees-salary-update 8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो सरकारी खजाने पर पड़ेगा भारी बोझ, पेंशन खर्च को लेकर विशेषज्ञों की चेतावनी
Next Article fraud-transactions-sim-swap-fraud-bsnl-compensation-karnataka-high-court Fraud Transactions: SIM Swap Fraud से बैंक खाते से उड़ गए ₹87 लाख, कोर्ट ने BSNL को ठहराया जिम्मेदार; देना होगा ₹55 लाख से ज्यादा मुआवजा

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
ipo-gmp-today-mainboard-sme
GMP Today: 23 जुलाई के एक्टिव IPO GMP अपडेट, Indo-MIM का प्रीमियम सबसे ज्यादा, Xtranet और Lohia Corp पर भी निवेशकों की नजर
शेयर बाज़ार फाइनेंस
wealth-leave-kuberzo-financial-wellbeing-employees-hindi
Wealth Leave: कर्मचारियों की आर्थिक भलाई को भी मिलनी चाहिए उतनी ही प्राथमिकता
फाइनेंस
usd-inr-live-chart-dollar-vs-rupee-exchange-rate-hindi
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?