नई दिल्ली, 29 अप्रैल: वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू वायदा बाजार में बुधवार को सोने (Gold) की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई। निवेशक US Federal Reserve के आगामी पॉलिसी फैसले से पहले सतर्क नजर आए, जिससे गोल्ड फ्यूचर्स में मजबूती बनी रही।
Multi Commodity Exchange (MCX) पर जून डिलीवरी वाला सबसे ज्यादा कारोबार वाला गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट ₹93 बढ़कर ₹1,50,120 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया, जो करीब 0.06% की तेजी को दर्शाता है। इस दौरान बाजार में 9,067 लॉट्स का कारोबार दर्ज किया गया।
Fed के फैसले से पहले क्यों बढ़ी सतर्कता?
निवेशकों की नजरें Federal Reserve (US Fed) की मौद्रिक नीति (Monetary Policy) पर टिकी हैं।
- ब्याज दरों में बदलाव की संभावना
- महंगाई (Inflation) पर Fed का रुख
- डॉलर इंडेक्स की दिशा
ये सभी फैक्टर्स सीधे तौर पर सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं।
गोल्ड को सपोर्ट देने वाले फैक्टर्स
विश्लेषकों के अनुसार, सोने की कीमतों को इन कारणों से समर्थन मिला:
- अमेरिकी डॉलर में कमजोरी
- पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव
- सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग
हालांकि, कच्चे तेल (Crude Oil) की ऊंची कीमतों ने सोने की तेजी को सीमित भी किया।
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड?
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Fed के फैसले के बाद गोल्ड में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
- अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं → गोल्ड पर दबाव
- अगर दरें स्थिर रहती हैं → गोल्ड को सपोर्ट
- डॉलर कमजोर रहता है → गोल्ड में और तेजी संभव
निवेशकों के लिए संकेत
इस समय बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, ऐसे में:
- शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए
- लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए गोल्ड अभी भी सुरक्षित विकल्प
- ग्लोबल संकेतों पर नजर रखना जरूरी
निष्कर्ष
Multi Commodity Exchange पर गोल्ड फ्यूचर्स का ₹1.50 लाख/10 ग्राम के स्तर पर पहुंचना यह दर्शाता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना अभी भी निवेशकों की प्राथमिकता बना हुआ है। आने वाले दिनों में इसकी दिशा काफी हद तक Federal Reserve के फैसले पर निर्भर करेगी।
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