मुंबई, 29 अप्रैल: वैश्विक स्तर पर सोने (Gold) की मांग में साल 2026 की पहली तिमाही (जनवरी–मार्च) में हल्की लेकिन महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है। World Gold Council (WGC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कुल मांग 2% बढ़कर 1,231 टन पर पहुंच गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 1,205 टन थी।
बार और कॉइन निवेश ने बढ़ाई मांग
रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की मांग में यह बढ़त मुख्य रूप से बार और कॉइन निवेश (Bar & Coin Investment) में तेज उछाल के कारण आई है।
- बार और कॉइन निवेश में 42% की जबरदस्त वृद्धि
- कुल निवेश बढ़कर 474 टन
- जियोपॉलिटिकल तनाव और महंगाई ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प की ओर मोड़ा
यह संकेत देता है कि अनिश्चित वैश्विक माहौल में निवेशक सोने को अभी भी Safe Haven Asset के रूप में देख रहे हैं।
मांग का कुल मूल्य रिकॉर्ड स्तर पर
हालांकि मात्रा (Volume) में बढ़ोतरी सीमित रही, लेकिन सोने की कुल मांग का मूल्य रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया:
- कुल मांग का मूल्य: 193 अरब डॉलर
- सालाना आधार पर 74% की भारी बढ़ोतरी
यह उछाल मुख्य रूप से ऊंची कीमतों (Higher Gold Prices) के कारण देखने को मिला।
OTC सहित कुल मांग में बढ़त
WGC की Q1 2026 Gold Demand Trends रिपोर्ट के अनुसार,
- OTC (Over-the-Counter) लेनदेन सहित कुल मांग में 2% वृद्धि
- यह दर्शाता है कि बाजार में निवेश गतिविधि लगातार मजबूत बनी हुई है
क्यों बढ़ रही है सोने की डिमांड?
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कई बड़े कारण हैं:
- वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव
- आर्थिक अनिश्चितता
- महंगाई और मुद्रा उतार-चढ़ाव
- निवेशकों का सुरक्षित एसेट की ओर रुझान
इन सभी फैक्टर्स ने सोने की मांग को सपोर्ट किया है।
भारत और वैश्विक बाजार पर असर
भारत जैसे बड़े गोल्ड कंज्यूमर देश के लिए यह ट्रेंड अहम है। बढ़ती वैश्विक कीमतों का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है, जिससे:
- ज्वेलरी डिमांड प्रभावित हो सकती है
- निवेश के रूप में गोल्ड की लोकप्रियता बढ़ सकती है
- गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड में रुचि बढ़ सकती है
निष्कर्ष
World Gold Council की रिपोर्ट से साफ है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना अभी भी निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। भले ही मांग में बढ़ोतरी सीमित रही हो, लेकिन निवेश और कीमतों में तेजी ने बाजार को मजबूती दी है।
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