चंडीगढ़ | 28 अप्रैल 2026
पंजाब की खेती अब एक नए मोड़ पर खड़ी दिख रही है। राज्य के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा है कि Netherlands ने पंजाब से गुलाब आयात करने की संभावना पर विचार करने में रुचि दिखाई है। यह बयान उनके हालिया यूरोप दौरे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने निवेश और कृषि निर्यात के नए रास्ते तलाशे।
“पहले किसी ने बताया ही नहीं” — डच प्रतिक्रिया
CM मान ने बातचीत का एक दिलचस्प पहलू साझा किया:
नीदरलैंड्स अभी गुलाब Ethiopia से आयात करता है, लेकिन जब पंजाब का विकल्प सामने रखा गया तो उनका जवाब था — “किसी ने हमें पहले बताया ही नहीं।”
यह बयान बताता है कि कई बार मार्केट मौजूद होता है, लेकिन कनेक्शन की कमी से अवसर छूट जाते हैं।
पंजाब की खेती के लिए क्यों अहम है ये मौका?
अब तक पंजाब की खेती मुख्य रूप से गेहूं-धान पर निर्भर रही है। लेकिन:
- पानी की कमी बढ़ रही है
- MSP मॉडल पर दबाव है
- किसानों की आय स्थिर बनी हुई है
ऐसे में फ्लोरीकल्चर (फूलों की खेती) एक बड़ा विकल्प बन सकता है।
अगर यह डील आगे बढ़ती है, तो:
- किसानों को उच्च मूल्य वाली फसल का विकल्प मिलेगा
- एक्सपोर्ट आधारित आय बढ़ेगी
- खेती का मॉडल डायवर्सिफाइड होगा
नीदरलैंड्स क्यों है बड़ा प्लेयर?
Netherlands दुनिया के सबसे बड़े फ्लावर ट्रेड हब में से एक है।
- वैश्विक फूल निर्यात में अग्रणी
- हाई-टेक ग्रीनहाउस टेक्नोलॉजी
- यूरोप के बड़े मार्केट तक सीधी पहुंच
अगर पंजाब से गुलाब वहां पहुंचते हैं, तो इसका मतलब होगा:
भारत → यूरोप फ्लावर सप्लाई चेन में एंट्री
क्या चुनौतियां भी हैं?
यह मौका जितना बड़ा है, उतनी ही चुनौतियां भी हैं:
- कोल्ड स्टोरेज और सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर
- अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक
- तेज लॉजिस्टिक्स (फूल जल्दी खराब होते हैं)
- किसानों को ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी सपोर्ट
अगर इन पर काम नहीं हुआ, तो मौका हाथ से निकल सकता है।
NewsJagran Insight
यह सिर्फ “गुलाब निर्यात” की खबर नहीं है—यह संकेत है कि भारत की कृषि अब कमोडिटी से प्रीमियम एक्सपोर्ट की ओर शिफ्ट हो रही है।
CM Bhagwant Mann का यह कदम दिखाता है कि राज्य सरकारें अब ग्लोबल मार्केट से सीधे जुड़ने की रणनीति बना रही हैं, न कि सिर्फ घरेलू नीतियों पर निर्भर हैं।
अगर यह मॉडल सफल हुआ, तो आने वाले समय में:
- पंजाब → फ्लावर एक्सपोर्ट हब
- किसान → एग्री-एंटरप्रेन्योर
- खेती → ग्लोबल बिजनेस
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