नई दिल्ली | 28 अप्रैल 2026
दुनिया की प्रमुख पेय कंपनी The Coca-Cola Company ने 2026 की पहली तिमाही में 3 प्रतिशत की यूनिट केस वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की है। इस वृद्धि में भारत, चीन और अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कंपनी ने बताया कि इस दौरान उसकी कुल नेट रेवेन्यू में भी 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी होकर 12.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है।
भारत ने ग्रोथ में निभाई अहम भूमिका
Coca-Cola के अनुसार, ग्लोबल स्तर पर हुई इस वृद्धि में भारत एक प्रमुख योगदानकर्ता रहा है।
कंपनी ने कहा कि:
- भारत, चीन और अमेरिका ने मिलकर ग्रोथ को सपोर्ट किया
- उभरते बाजारों ने कुल बिक्री को मजबूती दी
- प्रीमियम और नॉन-कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की मांग में बदलाव देखा गया
हालांकि भारत में कुछ सेगमेंट्स में चुनौतियां भी सामने आई हैं।
भारत में NARTD सेगमेंट में गिरावट
कंपनी ने यह भी बताया कि भारतीय बाजार में NARTD (Non-Alcoholic Ready-to-Drink) सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गई है।
इस कैटेगरी में शामिल हैं:
- फ्रूट जूस
- एनर्जी ड्रिंक्स
- स्पोर्ट्स बेवरेज
- डेयरी-आधारित अल्टरनेटिव ड्रिंक्स
विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट बदलती उपभोक्ता पसंद और स्थानीय प्रतिस्पर्धा के कारण हो सकती है।
ग्लोबल परफॉर्मेंस में क्या रहा खास?
Coca-Cola की Q1 रिपोर्ट में कुछ अहम आंकड़े सामने आए:
- यूनिट केस वॉल्यूम ग्रोथ: 3%
- नेट रेवेन्यू: $12.5 बिलियन (12% वृद्धि)
- प्रमुख ग्रोथ मार्केट: भारत, चीन, अमेरिका
कंपनी ने कहा कि उभरते और विकसित दोनों तरह के बाजारों ने प्रदर्शन को संतुलित बनाए रखा।
भारत क्यों बन रहा है अहम बाजार?
भारत Coca-Cola के लिए लगातार एक रणनीतिक बाजार बनता जा रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं:
- बड़ी युवा आबादी और बढ़ता मिडल क्लास
- पेय पदार्थों की बढ़ती खपत
- रिटेल और ई-कॉमर्स का विस्तार
- ग्रामीण बाजारों में बढ़ती पहुंच
हालांकि, स्थानीय ब्रांड्स और हेल्थ-कॉन्शस उपभोक्ताओं की वजह से प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है।
विशेषज्ञों की राय
फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में पेय बाजार तेजी से बदल रहा है। उपभोक्ता अब कम शुगर, हेल्दी और वैरायटी वाले विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे पारंपरिक कैटेगरी पर असर पड़ रहा है।
निष्कर्ष
Coca-Cola की Q1 2026 रिपोर्ट यह दर्शाती है कि भारत अब केवल एक उभरता बाजार नहीं बल्कि वैश्विक ग्रोथ का महत्वपूर्ण इंजन बन चुका है। हालांकि कुछ सेगमेंट्स में गिरावट चिंता का विषय है, लेकिन कुल मिलाकर भारत कंपनी की वैश्विक रणनीति में एक मजबूत स्तंभ बना हुआ है।
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