नई दिल्ली, 28 अप्रैल : क्रिकेट सुपरस्टार Virat Kohli अब टेक्नोलॉजी और स्पोर्ट्स के नए संगम का चेहरा बनने जा रहे हैं। Meta और Oakley ने मिलकर उन्हें भारत में Oakley Meta Performance AI ग्लासेस का ब्रांड एंबेसडर बनाया है।
यह साझेदारी केवल एक एंडोर्समेंट नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी के evolving ट्रेंड को दिखाती है—जहां AI सीधे एथलीट्स की ट्रेनिंग और परफॉर्मेंस में शामिल हो रहा है।
Oakley Meta AI Glasses कैसे बदलेंगे गेम?
इस सहयोग के तहत Oakley Meta Performance AI ग्लासेस यूजर्स—खासकर एथलीट्स—को रियल-टाइम इनसाइट्स और फर्स्ट-पर्सन व्यू का अनुभव देंगे।
इन स्मार्ट ग्लासेस के जरिए फैंस को Virat Kohli की ट्रेनिंग, मैच तैयारी और पर्दे के पीछे के मोमेंट्स देखने का मौका मिलेगा। यानी अब सिर्फ मैच ही नहीं, बल्कि पूरी तैयारी प्रक्रिया भी टेक्नोलॉजी के जरिए सामने आएगी।
“Athletic Intelligence” क्या है?
Meta की भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया की वाइस प्रेसिडेंट Sandhya Devanathan के अनुसार, यह टेक्नोलॉजी “Athletic Intelligence” को वास्तविक रूप में दिखाने की कोशिश है।
इसका मतलब है—
- एथलीट को सही समय पर सही जानकारी मिलना
- हल्के (lightweight) और बिना बाधा वाले उपकरण
- ट्रेनिंग और फोकस को बेहतर बनाने वाली AI सहायता
यह टेक्नोलॉजी इस तरह डिजाइन की गई है कि यह एथलीट की रूटीन का हिस्सा बन जाए, न कि बोझ।
स्पोर्ट्स + AI = नया मार्केट ट्रेंड
यह डील सिर्फ एक ब्रांड प्रमोशन नहीं है, बल्कि एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है।
आज स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में डेटा, एनालिटिक्स और AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। फिटनेस ट्रैकर्स से लेकर स्मार्ट वियरेबल्स तक, एथलीट्स अब टेक्नोलॉजी के जरिए अपनी परफॉर्मेंस को माइक्रो-लेवल पर समझ रहे हैं।
Oakley और Meta का यह प्रोडक्ट उसी ट्रेंड का अगला स्टेप माना जा रहा है।
भारत क्यों बना फोकस मार्केट?
भारत दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स और डिजिटल यूजर बेस में से एक है। Virat Kohli जैसे बड़े नाम के साथ जुड़कर Meta और Oakley इस टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर लोकप्रिय बनाना चाहते हैं।
यह सहयोग खासतौर पर युवाओं और फिटनेस-ओरिएंटेड यूजर्स को टारगेट करता है, जो टेक्नोलॉजी को अपने लाइफस्टाइल का हिस्सा बना रहे हैं।
आगे क्या?
आने वाले समय में ऐसे AI-पावर्ड वियरेबल्स सिर्फ प्रोफेशनल एथलीट्स तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आम यूजर्स के लिए भी उपलब्ध हो सकते हैं।
इससे फिटनेस, ट्रेनिंग और हेल्थ मॉनिटरिंग का पूरा तरीका बदल सकता है।
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