नई दिल्ली। भारत के पावर और ट्रांसमिशन सेक्टर को लेकर विदेशी ब्रोकरेज हाउस जेफरीज (Jefferies) बेहद उत्साहित नजर आ रहा है। ब्रोकरेज फर्म ने देश की दो बड़ी ट्रांसमिशन कंपनियों, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL) और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (PGCIL) पर सकारात्मक राय जताई है। हालांकि दोनों कंपनियों के लिए ‘BUY’ रेटिंग दी गई है, लेकिन निवेशकों के सामने बड़ा सवाल यह है कि आखिर आने वाले वर्षों में किस शेयर में ज्यादा कमाई का मौका हो सकता है।
जेफरीज की रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस अगले कुछ वर्षों में ग्रोथ के मामले में पावर ग्रिड से काफी आगे निकल सकती है। वहीं दूसरी ओर पावर ग्रिड अपने मौजूदा वैल्यूएशन के आधार पर निवेशकों को बेहतर अपसाइड देने की स्थिति में दिखाई देती है।
क्या हैं दोनों शेयरों के नए टार्गेट?
ब्रोकरेज फर्म ने अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के लिए ₹1,665 का टार्गेट प्राइस तय किया है। सोमवार के बंद भाव करीब ₹1,570 के मुकाबले यह लगभग 9 प्रतिशत की संभावित बढ़त दिखाता है।
दूसरी ओर, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन के लिए ₹340 का टार्गेट प्राइस दिया गया है। कंपनी का शेयर करीब ₹290.50 के स्तर पर बंद हुआ था। इस हिसाब से इसमें 17 प्रतिशत से अधिक का संभावित रिटर्न देखने को मिल सकता है।
यानी अगर केवल टार्गेट प्राइस के आधार पर देखा जाए तो पावर ग्रिड का संभावित रिटर्न फिलहाल अदाणी एनर्जी से अधिक दिखाई देता है। लेकिन कहानी केवल यहीं खत्म नहीं होती।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस पर इतना भरोसा क्यों?
जेफरीज का मानना है कि अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस भारत की एकमात्र सूचीबद्ध निजी क्षेत्र की ऐसी कंपनी है जो पूरी तरह ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार पर केंद्रित है। भारत में बिजली मांग लगातार बढ़ रही है और इसके साथ ही ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश हो रहा है।
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की शॉर्ट टर्म बिड पाइपलाइन लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। यह वित्त वर्ष 2025 के अंत में मौजूद 54,000 करोड़ रुपये की पाइपलाइन की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।
कंपनी वर्तमान में करीब 71,800 करोड़ रुपये के ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। यह आंकड़ा सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में कंपनी के पास पर्याप्त ऑर्डर बुक और मजबूत राजस्व दृश्यता मौजूद है।
ग्रोथ के मामले में AESL क्यों है आगे?
जेफरीज के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2030 के बीच अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का EBITDA लगभग 27 प्रतिशत CAGR की दर से बढ़ सकता है। वहीं कंपनी के मुनाफे (PAT) में करीब 19 प्रतिशत CAGR की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
इसके मुकाबले पावर ग्रिड के EBITDA में 13 प्रतिशत और मुनाफे में 8 प्रतिशत CAGR की वृद्धि का अनुमान है।
यानी ग्रोथ के नजरिए से देखें तो अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का प्रदर्शन पावर ग्रिड की तुलना में दोगुने से भी अधिक तेजी से बढ़ सकता है। यही वजह है कि ब्रोकरेज फर्म कंपनी को भारत के ट्रांसमिशन सेक्टर की सबसे मजबूत ग्रोथ स्टोरी मान रही है।
स्मार्ट मीटरिंग बना बड़ा गेमचेंजर
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस की ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार स्मार्ट मीटरिंग कारोबार को माना जा रहा है। देशभर में बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और इससे कंपनी को बड़ा फायदा मिल सकता है।
जेफरीज के मुताबिक कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के अंत तक 1.14 करोड़ स्मार्ट मीटर स्थापित कर दिए हैं। एक साल पहले यह संख्या केवल 31 लाख थी। इसका मतलब है कि कंपनी ने बेहद तेज गति से विस्तार किया है।
वर्तमान में कंपनी लगभग 29,500 करोड़ रुपये के स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिनमें करीब 2.46 करोड़ मीटर शामिल हैं। केवल FY26 के दौरान ही कंपनी ने 82 लाख स्मार्ट मीटर लगाए, जो मैनेजमेंट के 70 लाख मीटर के लक्ष्य से काफी ज्यादा है।
ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि FY27 से FY29 के बीच भी स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार मजबूत बनी रहेगी और यह कारोबार कंपनी की कमाई को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
पावर ग्रिड को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
हालांकि ग्रोथ के मामले में अदाणी एनर्जी आगे दिखाई देती है, लेकिन पावर ग्रिड के पास भी कई मजबूत पहलू हैं। कंपनी देश की सबसे बड़ी ट्रांसमिशन यूटिलिटी है और उसके पास विशाल नेटवर्क, स्थिर नकदी प्रवाह और मजबूत बैलेंस शीट है।
सरकारी समर्थन और नियामकीय ढांचे के कारण पावर ग्रिड का कारोबार अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला माना जाता है। यही वजह है कि निवेशकों के लिए यह एक स्थिर और डिफेंसिव विकल्प बना हुआ है।
जेफरीज का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन के आधार पर पावर ग्रिड में अपसाइड ज्यादा दिखाई देता है, जबकि अदाणी एनर्जी लंबी अवधि की हाई-ग्रोथ स्टोरी के रूप में उभर रही है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अगर कोई निवेशक स्थिर रिटर्न, नियमित डिविडेंड और अपेक्षाकृत कम जोखिम चाहता है तो पावर ग्रिड उसके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं जो निवेशक लंबी अवधि में तेज ग्रोथ और उच्च जोखिम के साथ बेहतर संभावित रिटर्न की तलाश में हैं, उनके लिए अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस आकर्षक विकल्प बन सकती है।
भारत में बिजली मांग, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार को देखते हुए दोनों कंपनियां आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर इन दोनों शेयरों पर बनी रह सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


