नई दिल्ली। अदाणी समूह की कंपनियों को लेकर एक बार फिर विदेशी ब्रोकरेज हाउसों का भरोसा मजबूत दिखाई दे रहा है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने अदाणी समूह की तीन प्रमुख कंपनियों—अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL), अदाणी पावर लिमिटेड (APL) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL)—पर अपनी सकारात्मक राय दोहराई है। ब्रोकरेज ने तीनों शेयरों पर “Buy” रेटिंग बरकरार रखते हुए इनके लिए नए टारगेट प्राइस भी जारी किए हैं।
Jefferies का मानना है कि भारत में बिजली की बढ़ती मांग, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में तेज निवेश, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और अदाणी समूह की मजबूत परियोजना निष्पादन क्षमता आने वाले वर्षों में इन कंपनियों की कमाई को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
शेयर बाजार में अक्सर निवेशक बड़े ब्रोकरेज हाउसों की रिपोर्ट पर नजर रखते हैं क्योंकि ये संस्थान कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन, भविष्य की योजनाओं और उद्योग की संभावनाओं का गहन विश्लेषण करने के बाद अपनी राय देते हैं। ऐसे में Jefferies की ताजा रिपोर्ट निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
Jefferies ने किन शेयरों पर दी Buy रेटिंग?
Jefferies की रिपोर्ट के अनुसार अदाणी समूह की तीन कंपनियों पर सकारात्मक दृष्टिकोण बरकरार है।
| कंपनी | रेटिंग | टारगेट प्राइस |
|---|---|---|
| Adani Green Energy | Buy | ₹1,435 |
| Adani Power | Buy | ₹255 |
| Adani Energy Solutions | Buy | ₹1,665 |
ब्रोकरेज का मानना है कि इन तीनों कंपनियों के पास अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत विस्तार योजनाएं हैं, जो आने वाले वर्षों में निवेशकों के लिए मूल्य निर्माण कर सकती हैं।
Adani Green Energy पर क्यों बुलिश है Jefferies?
अदाणी ग्रीन एनर्जी भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है। कंपनी सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के विकास पर तेजी से काम कर रही है।
Jefferies के मुताबिक कंपनी की स्थापित क्षमता वित्त वर्ष 2026 में लगभग 19.3 गीगावाट रहने का अनुमान है। प्रबंधन का लक्ष्य इसे बढ़ाकर वित्त वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट तक पहुंचाना है। यह विस्तार भारतीय ऊर्जा क्षेत्र में सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार कंपनी केवल पारंपरिक सौर और पवन ऊर्जा तक सीमित नहीं रहना चाहती। अदाणी ग्रीन बड़े स्तर पर ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) कारोबार में भी निवेश कर रही है। कंपनी की योजना लगभग 5 गीगावाट पंप्ड स्टोरेज क्षमता विकसित करने की है। इसके अलावा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) में भी तेज विस्तार किया जा रहा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में केवल बिजली उत्पादन पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि बिजली को स्टोर करने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी। इसी वजह से अदाणी ग्रीन का स्टोरेज कारोबार निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
खावड़ा प्रोजेक्ट क्यों है गेम चेंजर?
Jefferies ने विशेष रूप से गुजरात के खावड़ा में विकसित हो रहे विशाल रिन्यूएबल एनर्जी पार्क का उल्लेख किया है।
खावड़ा परियोजना दुनिया की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में गिनी जा रही है। यहां लगभग 30 गीगावाट क्षमता विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता में बड़ा योगदान मिलने की उम्मीद है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि कंपनी समय पर परियोजनाओं को पूरा करने में सफल रहती है तो यह आने वाले वर्षों में उसके राजस्व और मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि का आधार बन सकती है।
Adani Power को लेकर क्या है ब्रोकरेज का अनुमान?
Jefferies ने अदाणी पावर पर भी Buy रेटिंग बरकरार रखी है और 255 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ती औद्योगिक गतिविधियां, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन और शहरीकरण बिजली खपत को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं। इसी को देखते हुए अदाणी पावर अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रही है।
ब्रोकरेज के अनुसार कंपनी वित्त वर्ष 2032 तक अपनी कुल क्षमता लगभग 42 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। यह वर्तमान स्तर की तुलना में काफी बड़ा विस्तार माना जा रहा है।
एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आगामी परियोजनाओं का लगभग 56 प्रतिशत हिस्सा पहले ही दीर्घकालिक Power Purchase Agreements (PPA) के तहत सुरक्षित किया जा चुका है। इससे भविष्य की आय को लेकर अनिश्चितता कम होती है और नकदी प्रवाह की बेहतर दृश्यता मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बिजली की मांग अगले दशक तक मजबूत बनी रह सकती है। ऐसे में बड़े पैमाने पर क्षमता विस्तार करने वाली कंपनियों को इसका लाभ मिल सकता है।
Adani Energy Solutions में क्या दिख रहा है दम?
Jefferies की रिपोर्ट में सबसे दिलचस्प बात Adani Energy Solutions को लेकर दिखाई देती है।
ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी भारत की निजी क्षेत्र की प्रमुख सूचीबद्ध ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में शामिल है। देश में बिजली उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार भी जरूरी हो जाता है। यही वह क्षेत्र है जहां AESL को बड़ा अवसर दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार कंपनी वर्तमान में लगभग 718 अरब रुपये मूल्य की ट्रांसमिशन परियोजनाओं पर काम कर रही है। इसके अलावा स्मार्ट मीटरिंग कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है।
वित्त वर्ष 2026 तक कंपनी 1.1 करोड़ से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित कर चुकी है। सरकार की स्मार्ट मीटर योजना और वितरण क्षेत्र में डिजिटलीकरण की प्रक्रिया इस कारोबार को और गति दे सकती है।
Jefferies का अनुमान है कि कंपनी के EBITDA और शुद्ध लाभ में आने वाले वर्षों में मजबूत दोहरे अंकों की वृद्धि देखने को मिल सकती है।
अदाणी समूह के लिए क्यों अहम है ऊर्जा कारोबार?
पिछले कुछ वर्षों में अदाणी समूह ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। समूह की रणनीति केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण और ऊर्जा भंडारण जैसे पूरे वैल्यू चेन में मौजूदगी बढ़ाने की है।
भारत सरकार ने वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तेजी से बढ़ाने की योजना भी है। ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र में सक्रिय कंपनियों के लिए दीर्घकालिक अवसर मजबूत बने हुए हैं।
यही वजह है कि वैश्विक ब्रोकरेज फर्में अदाणी समूह की ऊर्जा कंपनियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
हालांकि Jefferies ने इन शेयरों पर सकारात्मक राय दी है, लेकिन किसी भी निवेश निर्णय से पहले निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज स्तर, उद्योग की स्थिति और बाजार जोखिमों का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए।
ब्रोकरेज रिपोर्टें केवल एक राय होती हैं और शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के अधीन रहता है। इसलिए निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
ऊर्जा क्षेत्र में भारत की लंबी अवधि की विकास कहानी मजबूत दिखाई दे रही है। यदि अदाणी समूह अपनी विस्तार योजनाओं को तय समय में पूरा कर लेता है, तो आने वाले वर्षों में इन कंपनियों की ग्रोथ पर बाजार की नजर बनी रह सकती है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)


