Gold Price Today: पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में आई नरमी के बाद निवेशकों और खरीदारों के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या सोना और सस्ता होगा? क्या 10 ग्राम सोने का भाव फिर से 1 लाख रुपये तक पहुंच सकता है या मौजूदा गिरावट सिर्फ अस्थायी है? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य है, लेकिन सिर्फ सस्ता होने की उम्मीद में खरीदारी टालना समझदारी नहीं होगी।
Gold Price: रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद आई नरमी
भारत में सोने की कीमतों ने इस साल नया रिकॉर्ड बनाया। अप्रैल 2025 तक जहां 10 ग्राम सोने की कीमत कभी भी 1 लाख रुपये के ऊपर नहीं गई थी, वहीं अब 24 जुलाई 2026 तक यह कीमत 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुकी है।
रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते सोने में कुछ गिरावट देखने को मिली है। इसी वजह से खरीदार यह सोच रहे हैं कि क्या अभी खरीदारी करें या कीमत और गिरने का इंतजार करें।
क्या 1 लाख रुपये तक गिर सकता है सोना?
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता का कहना है कि फिलहाल बाजार सामान्य रूप से काम कर रहा है, लेकिन कई खरीदार ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना रहे हैं। कुछ लोगों को उम्मीद है कि सोना फिर से 1 लाख रुपये के आसपास आ सकता है।
हालांकि उनका मानना है कि वैश्विक तनाव, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता जैसी परिस्थितियों में लोग खर्च को लेकर सतर्क हैं, जिसका असर सोने की खरीदारी पर भी दिखाई दे रहा है।
एक्सपर्ट्स की 3 बड़ी बातें
1. 1 लाख रुपये तक गिरने की संभावना बेहद कम
ऑगमॉन्ट की रिसर्च प्रमुख रेनिशा चैनानी के अनुसार, अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में सोने का भाव फिर से 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना काफी कम है।
उनका कहना है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। इससे कीमतों को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है और बड़ी गिरावट की संभावना सीमित हो जाती है।
2. 5% से 15% की गिरावट सामान्य मानी जाती है
रेनिशा चैनानी का कहना है कि किसी भी एसेट में रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद कुछ करेक्शन आना सामान्य बात है।
उनके मुताबिक,
- 5% से 15% तक की गिरावट बाजार का सामान्य उतार-चढ़ाव है।
- इसे क्रैश नहीं माना जाना चाहिए।
- 2026 के दौरान सोना 1.40 लाख से 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में बना रह सकता है।
3. जल्दबाजी में खरीदने या बेचने से बचें
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को सिर्फ खबरों या अफवाहों के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए।
यदि आपका निवेश लंबी अवधि का है तो एकमुश्त निवेश करने के बजाय SIP की तरह समय-समय पर थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदना बेहतर रणनीति हो सकती है।
किन परिस्थितियों में आ सकती है बड़ी गिरावट?
बोनांजा के वरिष्ठ शोध विश्लेषक निरपेंद्र यादव का कहना है कि 10 ग्राम सोने का भाव फिर से 1 लाख रुपये तक पहुंचना पूरी तरह असंभव नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात में इसकी संभावना काफी कम है।
उनके मुताबिक बड़ी गिरावट तभी संभव है जब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बड़ा बदलाव आए।
इन कारणों से सस्ता हो सकता है सोना
यदि आने वाले समय में नीचे दिए गए घटनाक्रम होते हैं तो सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है—
- दुनिया में युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव कम हो जाएं।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रखे।
- अमेरिकी डॉलर लगातार मजबूत होता रहे।
- दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक सोने की खरीद कम कर दें।
- वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार मजबूत प्रदर्शन करें, जिससे निवेशक सोने से पैसा निकालकर इक्विटी में निवेश बढ़ाएं।
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपका उद्देश्य लंबी अवधि का निवेश है, तो सिर्फ सबसे कम कीमत का इंतजार करना सही रणनीति नहीं है। बाजार में गिरावट आने पर चरणबद्ध तरीके से निवेश करना अधिक समझदारी भरा कदम हो सकता है।
वहीं, अल्पकालिक निवेश करने वालों को सोने में आने वाले तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए और जोखिम के अनुसार निवेश करना चाहिए।
निष्कर्ष
फिलहाल बाजार विशेषज्ञों की राय यही है कि सोने में हल्की गिरावट संभव है, लेकिन 10 ग्राम सोने का भाव जल्द ही 1 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा, इसकी संभावना काफी कम दिखाई देती है। वैश्विक केंद्रीय बैंकों की खरीद, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता अभी भी सोने की कीमतों को सहारा दे रहे हैं। ऐसे में निवेशकों को भावनाओं या अफवाहों के बजाय लंबी अवधि की रणनीति और संतुलित पोर्टफोलियो पर ध्यान देना चाहिए।


