नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को अदाणी समूह की दो प्रमुख कंपनियों को लेकर एक बड़ी डील सामने आई। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एसेट मैनेजमेंट इकाई SBI Mutual Fund ने गौतम अदाणी की कंपनियों Adani Enterprises और Adani Energy Solutions में कुल ₹5747.55 करोड़ का निवेश किया है। यह निवेश ब्लॉक डील के जरिए किया गया, जिसमें वैश्विक निवेश फर्म GQG Partners ने अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचा।
इस बड़े सौदे के बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों में से एक SBI Mutual Fund का यह कदम अदाणी समूह की कंपनियों में संस्थागत निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
किस कंपनी में कितना निवेश किया गया?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर उपलब्ध ब्लॉक डील के आंकड़ों के मुताबिक SBI Mutual Fund ने Adani Energy Solutions और Adani Enterprises में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है।
Adani Energy Solutions में SBI Mutual Fund ने करीब 63.65 लाख शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 0.52 प्रतिशत हिस्सा है। इस सौदे का कुल मूल्य करीब ₹957.9 करोड़ रहा। प्रति शेयर कीमत ₹1,504.8 तय की गई।
इसके अलावा SBI Mutual Fund ने Adani Enterprises में लगभग 1.64 करोड़ शेयर खरीदे। यह कंपनी की कुल हिस्सेदारी का करीब 1.27 प्रतिशत है। इस डील का कुल मूल्य ₹4,789.6 करोड़ रहा और प्रति शेयर कीमत ₹2,913.4 तय हुई।
दोनों सौदों को जोड़ने पर SBI Mutual Fund का कुल निवेश ₹5747.55 करोड़ बैठता है।
GQG Partners ने क्यों बेची हिस्सेदारी?
ब्लॉक डील के दूसरे पक्ष में अमेरिकी निवेशक राजीव जैन की अगुवाई वाली निवेश फर्म GQG Partners थी। GQG Partners Emerging Markets Equity Fund ने इन दोनों कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचा।
मार्च 2026 तक उपलब्ध शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार GQG Partners के पास Adani Enterprises में करीब 1.59 प्रतिशत और Adani Energy Solutions में लगभग 1.91 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इस डील के बाद फंड की हिस्सेदारी में कमी आई है।
हालांकि कंपनी या GQG Partners की तरफ से हिस्सेदारी बेचने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार वैश्विक फंड अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करने, मुनाफावसूली करने या अन्य निवेश अवसरों के लिए पूंजी जुटाने के उद्देश्य से हिस्सेदारी घटाते हैं।
SBI Mutual Fund के लिए क्या मायने रखता है यह निवेश?
भारत में म्यूचुअल फंड उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और SBI Mutual Fund देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है। ऐसे में किसी कंपनी में उसका बड़ा निवेश बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।
SBI Mutual Fund पहले से भी Adani Energy Solutions में निवेशक रहा है। मार्च 2026 के शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार SBI Equity Hybrid Fund के पास कंपनी में 3.67 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूद थी। नई खरीद के बाद SBI समूह का एक्सपोजर और मजबूत हुआ है।
विश्लेषकों का मानना है कि SBI Mutual Fund का यह कदम इस बात का संकेत हो सकता है कि उसे अदाणी समूह की ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लंबी अवधि की विकास संभावनाओं पर भरोसा है।
अदाणी समूह के लिए क्यों अहम है यह सौदा?

पिछले कुछ वर्षों में अदाणी समूह ने ऊर्जा, हवाई अड्डे, डेटा सेंटर, सड़क, ट्रांसमिशन और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर विस्तार किया है। Adani Enterprises को समूह की फ्लैगशिप कंपनी माना जाता है, जबकि Adani Energy Solutions देश के बिजली ट्रांसमिशन और वितरण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार निवेश किए जाने से कंपनियों की बाजार में विश्वसनीयता मजबूत होती है। खासतौर पर जब निवेश किसी घरेलू बड़े फंड हाउस की तरफ से आता है, तो यह अन्य निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जाता है।
शेयर बाजार में कैसा रहा असर?
इस बड़े निवेश की खबर के बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
Adani Enterprises का शेयर NSE पर 2.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹3,043 प्रति शेयर पर बंद हुआ। वहीं Adani Energy Solutions का शेयर 3.87 प्रतिशत चढ़कर ₹1,578.80 प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया।
पिछले छह महीनों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो Adani Enterprises ने निवेशकों को करीब 37.31 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं Adani Energy Solutions का प्रदर्शन और भी मजबूत रहा है और इसने छह महीनों में लगभग 64 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
क्या निवेशकों को ध्यान देना चाहिए?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि किसी बड़े संस्थागत निवेशक की खरीदारी को देखकर केवल उसी आधार पर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य की विकास योजनाएं, कर्ज का स्तर, मूल्यांकन और जोखिमों का भी विश्लेषण करना चाहिए।
हालांकि SBI Mutual Fund की यह खरीदारी यह जरूर दिखाती है कि बड़े घरेलू निवेशक अदाणी समूह की कुछ कंपनियों में दीर्घकालिक अवसर देख रहे हैं। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या अन्य बड़े फंड हाउस भी इन कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं।
निष्कर्ष
SBI Mutual Fund द्वारा Adani Enterprises और Adani Energy Solutions में कुल ₹5747 करोड़ से अधिक का निवेश भारतीय शेयर बाजार की सबसे चर्चित ब्लॉक डील्स में शामिल हो गया है। GQG Partners द्वारा हिस्सेदारी बेचने और SBI Mutual Fund द्वारा उसे खरीदने से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि अदाणी समूह की प्रमुख कंपनियों में संस्थागत निवेशकों की रुचि बनी हुई है। इस खबर का सकारात्मक असर दोनों शेयरों पर भी दिखाई दिया और निवेशकों की नजर अब इन कंपनियों के आगामी प्रदर्शन पर टिकी रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


