नई दिल्ली: सोना और चांदी भारतीय निवेशकों के लिए हमेशा से भरोसेमंद निवेश विकल्प रहे हैं। चाहे शादी-ब्याह का मौसम हो, त्योहारों की खरीदारी हो या फिर लंबी अवधि का निवेश, बुलियन बाजार में होने वाली हर हलचल आम लोगों से लेकर बड़े निवेशकों तक की नजर में रहती है। 9 जून 2026 को देशभर के सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में हल्की नरमी के साथ स्थिरता देखने को मिली है। हालांकि हाल के दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा है, लेकिन दोनों कीमती धातुएं अब भी अपने ऐतिहासिक ऊंचे स्तरों के आसपास कारोबार कर रही हैं।
वैश्विक बाजारों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का असर सोने-चांदी की कीमतों पर लगातार देखने को मिल रहा है। वहीं घरेलू स्तर पर निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों की मांग भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही है।
आज क्या है सोने-चांदी का ताजा भाव?
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना करीब ₹1.54 लाख से ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1.41 लाख के आसपास बनी हुई है। 18 कैरेट सोना भी ₹1.15 लाख प्रति 10 ग्राम के ऊपर बना हुआ है। दूसरी ओर चांदी की कीमतें ₹2.44 लाख से ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम के बीच दर्ज की गई हैं।
हाल के दिनों में आई गिरावट के बाद बाजार में कुछ स्थिरता देखने को मिल रही है, जिससे खरीदारों और निवेशकों दोनों को राहत मिली है।
प्रमुख शहरों में सोने-चांदी के भाव
| शहर | 24K सोना (10 ग्राम) | 22K सोना (10 ग्राम) | 18K सोना (10 ग्राम) | चांदी (प्रति किलो) |
|---|---|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹154,450 | ₹141,579 | ₹115,838 | ₹246,550 |
| मुंबई | ₹154,500 | ₹141,625 | ₹115,875 | ₹244,810 |
| पटना | ₹154,460 | ₹141,588 | ₹115,845 | ₹245,090 |
| जयपुर | ₹154,520 | ₹141,643 | ₹115,890 | ₹245,190 |
| कानपुर | ₹154,580 | ₹141,698 | ₹115,935 | ₹245,290 |
| लखनऊ | ₹154,580 | ₹141,698 | ₹115,935 | ₹245,290 |
| भोपाल | ₹154,660 | ₹141,772 | ₹115,995 | ₹245,070 |
पिछले कुछ दिनों में कैसी रही चाल?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पिछले सप्ताह सोने और चांदी दोनों में मुनाफावसूली देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना अपने हालिया उच्च स्तर से करीब ₹1,800 प्रति 10 ग्राम तक फिसला है। इसी तरह चांदी में भी लगभग ₹5,500 प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई थी।
हालांकि इस गिरावट के बावजूद कीमतें ऐतिहासिक रूप से काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इसका मतलब यह है कि निवेशकों का भरोसा अब भी कीमती धातुओं पर बना हुआ है और छोटी अवधि की गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
आखिर क्यों बदल रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण काम कर रहे हैं।
सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशक सोने जैसे बिना ब्याज वाले एसेट्स की तुलना में बॉन्ड और अन्य निवेश विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं। यही वजह है कि हाल के दिनों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर सोने की कीमतों पर देखने को मिला।
इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में मजबूती भी सोने के लिए दबाव पैदा करती है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा पड़ता है, जिससे मांग पर असर पड़ता है।
दूसरी ओर पश्चिम एशिया में जारी तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी जैसे कारक सोने को समर्थन भी प्रदान कर रहे हैं। यही कारण है कि कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिल रही।
चांदी पर क्यों बनी हुई है नजर?
विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी केवल कीमती धातु ही नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग के कारण चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है।
इसी वजह से कई विश्लेषकों का मानना है कि लंबी अवधि में चांदी का प्रदर्शन सोने से बेहतर भी रह सकता है। हालांकि इसमें उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत अधिक रहता है, इसलिए निवेशकों को जोखिम को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए।
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
यह सवाल इस समय सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। अगर आपका उद्देश्य शादी, पारिवारिक समारोह या त्योहारों के लिए ज्वेलरी खरीदना है तो हालिया नरमी को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है। पिछले कुछ दिनों की गिरावट के बाद कीमतों में थोड़ी राहत जरूर आई है।
वहीं निवेश के नजरिए से देखने वाले लोगों के लिए विशेषज्ञ चरणबद्ध निवेश की सलाह देते हैं। एकमुश्त बड़ी रकम लगाने की बजाय समय-समय पर खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है। इससे बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव कम हो जाता है।
विशेषज्ञों की क्या राय है?
बुलियन बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी, महंगाई की चिंताएं और भू-राजनीतिक तनाव आने वाले समय में सोने को समर्थन दे सकते हैं।
हालांकि अल्पावधि में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के फैसलों के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए निवेशकों को बाजार की हर छोटी-बड़ी खबर पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं तो सोना अब भी पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रह सकता है। वित्तीय सलाहकार आमतौर पर कुल निवेश का 5% से 15% हिस्सा सोने या गोल्ड आधारित निवेश विकल्पों में रखने की सलाह देते हैं।
वहीं चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए औद्योगिक मांग एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। हालांकि दोनों धातुओं में निवेश करते समय जोखिम प्रबंधन और निवेश अवधि का ध्यान रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
9 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में स्थिरता देखने को मिल रही है, लेकिन वैश्विक घटनाक्रमों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी बना हुआ है। हालिया गिरावट ने खरीदारों को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं। ऐसे में अगर आपकी खरीदारी की जरूरत निकट भविष्य में है तो मौजूदा स्तरों पर चरणबद्ध खरीदारी पर विचार किया जा सकता है, जबकि निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस रिपोर्ट में इस्तेमाल किए गए सोने और चांदी के भाव विभिन्न सर्राफा बाजारों, बुलियन ट्रेड आंकड़ों और बाजार स्रोतों पर आधारित हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के अनुसार कीमतों में बदलाव संभव है। निवेश संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


