संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दौरे पर पहुंचे भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भारत-यूएई संबंधों को एक बार फिर मजबूत करने की दिशा में अहम कूटनीतिक पहल की है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi का विशेष संदेश UAE नेतृत्व तक पहुंचाया और भारतीय समुदाय की सुरक्षा व कल्याण के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया (West Asia) में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं और भारत अपनी रणनीतिक कूटनीति को और मजबूत कर रहा है।
UAE नेतृत्व से उच्च स्तरीय मुलाकातें
अपने इस आधिकारिक दौरे में S. Jaishankar ने UAE के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इनमें शामिल थे:
- UAE राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan
- अबू धाबी और दुबई के वरिष्ठ नेतृत्व
- विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan
- दुबई के क्राउन प्रिंस Sheikh Hamdan bin Mohammed Al Maktoum
इन बैठकों में ऊर्जा, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
पीएम मोदी का संदेश और डायस्पोरा का मुद्दा
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने UAE राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री Narendra Modi का संदेश सौंपा।
इस संदेश में:
- भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए UAE सरकार का धन्यवाद
- कठिन परिस्थितियों में सहयोग के लिए आभार
- दोनों देशों के मजबूत संबंधों की सराहना
भारत के लगभग 3.5 मिलियन भारतीय प्रवासी (diaspora) UAE में रहते हैं, जो इस रिश्ते का एक मजबूत स्तंभ हैं।
भारतीय डायस्पोरा की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
दौरे के दौरान भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की गई। इसमें उनके अनुभव और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को सीधे सुना गया।
S. Jaishankar ने बताया कि:
- हाल के West Asia तनाव के दौरान भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता रही
- UAE सरकार ने भारतीय समुदाय की देखभाल में अहम भूमिका निभाई
- समुदाय से मिले सकारात्मक फीडबैक को UAE नेतृत्व के साथ साझा किया गया
West Asia संकट और भारत की रणनीतिक चिंता
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत के लिए पश्चिम एशिया की स्थिरता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि:
- भारत के इस क्षेत्र में “major stakes” हैं
- ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार सीधे तौर पर इस क्षेत्र से जुड़े हैं
- क्षेत्रीय अस्थिरता का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है
यह बयान भारत की विदेश नीति में West Asia की अहम भूमिका को दर्शाता है।
ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी
भारत और UAE के बीच संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक भी हैं।
बैठकों में जिन प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई:
- ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा
- द्विपक्षीय व्यापार
- निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर
- लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी सहयोग
दोनों देशों ने “Comprehensive Strategic Partnership” को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
कांसुलर सेवाएं और प्रवासी सहायता
दुबई और अल ऐन में भारतीय दूतावास द्वारा कांसुलर कैंप का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य:
- भारतीय नागरिकों को स्थानीय स्तर पर सेवाएं देना
- दस्तावेज़ और सहायता प्रक्रिया आसान बनाना
- प्रवासियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना
यह पहल भारत सरकार की प्रवासी केंद्रित नीति को मजबूत करती है।
क्षेत्रीय कूटनीति में भारत की भूमिका
हाल के वर्षों में भारत ने पश्चिम एशिया में अपनी भूमिका को और मजबूत किया है। इस दौरे के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि:
- भारत शांति और स्थिरता का समर्थक है
- ऊर्जा और व्यापार सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है
- प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है
निष्कर्ष
UAE दौरे पर S. Jaishankar की यह कूटनीतिक पहल भारत और खाड़ी देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करती है। प्रधानमंत्री Narendra Modi का संदेश, भारतीय डायस्पोरा की सुरक्षा और West Asia स्थिरता पर जोर यह दर्शाता है कि भारत इस क्षेत्र को अपनी विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ मानता है।
आने वाले समय में भारत-UAE संबंध न केवल आर्थिक रूप से बल्कि रणनीतिक रूप से भी और मजबूत होने की उम्मीद है।
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