₹1,825 करोड़ के बड़े GST रिफंड घोटाले में बड़ा एक्शन लेते हुए Directorate General of GST Intelligence (DGGI) ने आरोपी कपिल चुग को गिरफ्तार कर लिया है। उसे 19 अप्रैल को Indira Gandhi International Airport (IGI एयरपोर्ट) पर दुबई से लौटते ही पकड़ा गया।
कौन है मास्टरमाइंड और कैसे हुआ खुलासा?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, कपिल चुग इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था, जिसने:
- फर्जी कंपनियों (Dummy Firms) का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया
- उधार लिए गए KYC डॉक्यूमेंट्स से कंपनियां रजिस्टर कीं
- कागजों पर ही व्यापार दिखाकर फर्जी ITC (Input Tax Credit) क्लेम किया
- हाई-वैल्यू तंबाकू प्रोडक्ट्स के नाम पर फर्जी बिलिंग की
DGGI के अनुसार, ये कंपनियां सिर्फ कागजों पर मौजूद थीं—ना कोई असली ऑफिस, ना कर्मचारी, ना कारोबार।
22 समन के बाद भी नहीं हुआ पेश
- आरोपी ने जांच से बचने के लिए दुबई भागकर शरण ली
- DGGI द्वारा जारी 22 समन (Summons) का जवाब नहीं दिया
- लौटते ही एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया
अधिकारियों ने इसे देश के सबसे बड़े GST रिफंड फ्रॉड्स में से एक बताया है।
बैंकिंग फ्रॉड और अन्य एजेंसियों की जांच
मामला सिर्फ GST तक सीमित नहीं है।
- Central Bureau of Investigation (CBI) भी जांच कर रही है
- आरोप है कि आरोपी ने Yes Bank से लगभग ₹11 करोड़ की धोखाधड़ी की
- फर्जी दस्तावेजों के जरिए क्रेडिट सुविधाएं हासिल कर रकम siphon की
SEBI का भी एक्शन
इस केस में जुड़े एक अन्य आरोपी विपिन शर्मा (Elitecon के MD) पर भी कार्रवाई हुई है:
- Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने कंपनी वैल्यू बढ़ाने के लिए बोगस बिलिंग पर एक्शन लिया
- फंड्स को circular transactions और कैश निकासी के जरिए छिपाया गया
कैसे चलता था पूरा फ्रॉड?
जांच में सामने आया कि:
- नकली खरीद-बिक्री दिखाकर ITC क्लेम किया जाता था
- सस्ते लोकल तंबाकू खरीदकर महंगे एक्सपोर्ट का दिखावा
- पैसे को कई खातों में घुमाकर ट्रेल छुपाई जाती थी
निष्कर्ष
यह मामला दिखाता है कि कैसे फर्जी कंपनियों और कागजी लेन-देन के जरिए हजारों करोड़ का टैक्स फ्रॉड किया जा सकता है। DGGI, CBI और SEBI की संयुक्त कार्रवाई से अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच जारी है।
आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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