नई दिल्ली: 21 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में मिश्रित रुख देखने को मिला है। जहां एक तरफ दिल्ली के सराफा बाजार में सोना और चांदी दोनों में मजबूती दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमतों में गिरावट देखने को मिली। यह स्थिति निवेशकों के लिए थोड़ी भ्रमित करने वाली जरूर है, लेकिन इसके पीछे कई बड़े आर्थिक और वैश्विक कारण छिपे हैं।
इस लेख में हम आपको आज के ताजा रेट, अलग-अलग शहरों के भाव, बाजार की चाल, और एक्सपर्ट्स की राय के साथ-साथ यह भी बताएंगे कि आगे सोना-चांदी में क्या ट्रेंड रहने वाला है।
सराफा बाजार में तेजी, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, सोमवार को बाजार बंद होने तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।
- चांदी: ₹2,57,300 प्रति किलो (₹4,300 की तेजी)
- सोना (24 कैरेट): ₹1,57,000 प्रति 10 ग्राम (₹800 की बढ़त)
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह खुदरा कारोबारियों और स्टॉकिस्ट की बढ़ती खरीदारी मानी जा रही है। शादी और त्योहारों के सीजन की शुरुआत से पहले मांग में हल्की तेजी देखी जा रही है, जो कीमतों को सपोर्ट कर रही है।
IBJA के अनुसार शुद्ध सोने के दाम
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के डेटा के मुताबिक:
- 24 कैरेट सोना: ₹1,52,100 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,48,450 प्रति 10 ग्राम
ध्यान देने वाली बात यह है कि ये कीमतें GST और मेकिंग चार्ज के बिना होती हैं, इसलिए ज्वैलरी खरीदते समय वास्तविक कीमत इससे अधिक होती है।
MCX पर गिरावट: क्यों टूटा सोना-चांदी?
जहां सराफा बाजार में तेजी रही, वहीं MCX पर सोना और चांदी गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखे।
- सोना (मई डिलीवरी): ₹1,53,845 प्रति 10 ग्राम (₹764 की गिरावट)
- चांदी (मई डिलीवरी): ₹2,53,189 प्रति किलो (₹3,953 की गिरावट)
यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक संकेतों और डॉलर की मजबूती के कारण आई है।
प्रमुख शहरों में सोने का आज का भाव

| शहर | 24K (₹/10g) | 22K (₹/10g) | 18K (₹/10g) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹155440 | ₹142500 | ₹116620 |
| मुंबई | ₹155290 | ₹142350 | ₹116470 |
| कोलकाता | ₹155290 | ₹142350 | ₹116470 |
| चेन्नई | ₹156000 | ₹143000 | ₹118550 |
| लखनऊ | ₹155440 | ₹142500 | ₹116620 |
| जयपुर | ₹155440 | ₹142500 | ₹116620 |
| पटना | ₹155340 | ₹142400 | ₹116520 |
स्रोत: GoodReturns
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी दबाव में दिखे:
- सोना: 0.52% गिरकर $4,805.09 प्रति औंस
- चांदी: 1.35% गिरकर $79.71 प्रति औंस
वैश्विक बाजार में गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलता है, खासकर MCX ट्रेडिंग में।
एक्सपर्ट्स की राय: क्यों बदल रहा है ट्रेंड?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार:
“सप्ताह की शुरुआत में सोना कमजोर रुख के साथ खुला, जो वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और आर्थिक बदलावों का संकेत है।”
वहीं कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी हेड कायनात चैनवाला का कहना है:
“अमेरिकी आर्थिक डेटा और वैश्विक तनाव सोने-चांदी की कीमतों को आगे भी प्रभावित कर सकते हैं।”
ईरान-अमेरिका तनाव का बड़ा असर
हाल ही में हॉर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच टकराव ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
- ईरान ने स्ट्रेट पर नियंत्रण सख्त किया
- अमेरिका ने एक ईरानी पोत जब्त किया
- ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका
इन घटनाओं से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा होता है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) जैसे सोने की ओर जाते हैं — लेकिन डॉलर मजबूत होने से सोना दबाव में भी आ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सोने-चांदी के मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए निवेशकों के लिए ये संकेत निकलते हैं:
1. शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा
वैश्विक तनाव और आर्थिक डेटा के चलते कीमतों में तेजी और गिरावट दोनों देखने को मिल सकती है।
2. लॉन्ग टर्म में सोना मजबूत
महंगाई और अनिश्चितता के समय सोना हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है।
3. चांदी में ज्यादा वोलाटिलिटी
चांदी इंडस्ट्रियल डिमांड से भी जुड़ी है, इसलिए इसमें ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है।
इस सप्ताह किन फैक्टर्स पर नजर?
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर इन प्रमुख फैक्टर्स पर रहेगी:
- अमेरिकी रिटेल सेल्स डेटा
- हाउसिंग और जॉबलेस क्लेम्स
- फेडरल रिजर्व की पॉलिसी संकेत
- PMI डेटा
- अमेरिका-ईरान तनाव
क्या अभी सोना खरीदना सही है?
अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो ये रणनीति अपनाएं:
- SIP की तरह धीरे-धीरे निवेश करें
- गिरावट पर खरीदारी करें
- ज्वैलरी के बजाय गोल्ड ETF या डिजिटल गोल्ड देखें
निष्कर्ष
21 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। जहां घरेलू बाजार में मांग के चलते तेजी आई है, वहीं अंतरराष्ट्रीय संकेतों के कारण MCX पर गिरावट देखी गई।
आने वाले समय में बाजार पूरी तरह वैश्विक घटनाओं और आर्थिक डेटा पर निर्भर रहेगा। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर रणनीति बनानी चाहिए।
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