भारत सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, यात्री-मित्र और सस्टेनेबल बनाना है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2023 में शुरू की गई थी और इसके तहत 1309 स्टेशनों के पुनर्विकास का लक्ष्य रखा गया है।
🛤️ योजना का उद्देश्य और विशेषताएँ
अमृत भारत स्टेशन योजना का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को एकीकृत, सुलभ और आधुनिक बनाना है। इसके तहत निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं:
- आधुनिक यात्री सुविधाएँ: एसी लाउंज, फूड कोर्ट, बच्चों के खेलने की जगह, और ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट’ के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री। Press Information Bureau
- सुविधाजनक यात्री मार्ग: लिफ्ट, एस्केलेटर, और बेहतर प्रवेश और निकासी बिंदु।
- स्थानीय संस्कृति का समावेश: स्थानीय वास्तुकला और सांस्कृतिक तत्वों का समावेश।
📍 हालिया प्रगति और उद्घाटन
2025 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मई को 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया, जो 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। इन स्टेशनों का कुल पुनर्विकास लागत ₹1,100 करोड़ से अधिक है। प्रमुख राज्यों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, और मध्य प्रदेश शामिल हैं।
🏗️ प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास

- त्रिपुरा: आगर्तला, धर्मनगर, कुमारघाट, और उदयपुर स्टेशनों का पुनर्विकास चल रहा है।
- पटना: हर्डिंग पार्क में 2.75 एकड़ अतिरिक्त भूमि प्राप्त की गई है, जिससे प्लेटफार्मों की लंबाई बढ़ाकर 600 मीटर की जाएगी।
- मुज़फ्फरपुर: डिजिटल टाइमटेबल प्रणाली की स्थापना के लिए ₹1 करोड़ का वार्षिक अनुबंध प्राप्त हुआ है।
📈 योजना का प्रभाव
अमृत भारत स्टेशन योजना से भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, जिससे यात्री अनुभव में वृद्धि होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। इसके अलावा, यह योजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक होगी।
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