Petrol Diesel New Rate Today
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं और फिलहाल इनमें किसी बड़ी राहत के संकेत नहीं मिल रहे हैं। मंगलवार, 9 जून 2026 को भी ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों में मामूली तेजी दर्ज की गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि भारत में पेट्रोल और डीजल बेचने वाली सरकारी तेल कंपनियों ने आज भी ईंधन की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार कई दिनों से स्थिर बने हुए हैं। इससे आम उपभोक्ताओं को तत्काल राहत जरूर मिली है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
11 दिनों में चार बार बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पिछली बड़ी बढ़ोतरी मई 2026 के दौरान देखने को मिली थी। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने 11 दिनों के भीतर चार बार कीमतों में वृद्धि की थी।
15 मई 2026 को पेट्रोल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.29 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ। 23 मई को फिर समान बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद 25 मई को पेट्रोल के दाम 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए।
कुल मिलाकर मई महीने में पेट्रोल लगभग 7.35 रुपये और डीजल करीब 7.82 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ। इसके बाद से अब तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
चार महानगरों में आज पेट्रोल का भाव
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी ताजा दरों के अनुसार देश के चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतें निम्न प्रकार हैं:
| शहर | पेट्रोल (रुपये/लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 102.12 |
| कोलकाता | 113.51 |
| मुंबई | 111.21 |
| चेन्नई | 107.77 |
दिल्ली की तुलना में कोलकाता और मुंबई में पेट्रोल काफी महंगा बना हुआ है। इसकी प्रमुख वजह राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले वैट और अन्य स्थानीय कर हैं।
डीजल के ताजा दाम क्या हैं?
डीजल की कीमतों में भी आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार प्रमुख शहरों में डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | डीजल (रुपये/लीटर) |
|---|---|
| दिल्ली | 95.20 |
| कोलकाता | 99.82 |
| मुंबई | 97.83 |
| चेन्नई | 99.55 |
डीजल की कीमतें अभी भी कई राज्यों में 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई हैं, जिसका असर माल ढुलाई और परिवहन लागत पर पड़ रहा है।
पेट्रोल-डीजल के आज के ताजा रेट
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
नोएडा में आज पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 97.56 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं भोपाल में पेट्रोल 114 रुपये के पार बना हुआ है, जो देश के महंगे शहरों में शामिल है।
क्यों बढ़ती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे भारतीय बाजार को प्रभावित करता है।
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें तय करते समय कई कारकों को ध्यान में रखा जाता है:
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- रिफाइनिंग और परिवहन लागत
- केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी
- राज्य सरकारों का वैट
- डीलर कमीशन
इन्हीं कारणों से अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग दिखाई देती हैं।
क्रूड ऑयल में तेजी बरकरार
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 0.12 फीसदी की तेजी के साथ लगभग 94.36 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 0.13 फीसदी बढ़कर 91.42 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
हालांकि इंडियन बास्केट क्रूड का औसत मूल्य घटकर 95.93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इसके बावजूद कीमतें अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निकट भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है।
तेल कंपनियों को हो रहा है भारी नुकसान
ऊंचे क्रूड ऑयल भाव के कारण भारतीय तेल विपणन कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है। उद्योग से जुड़े अनुमानों के अनुसार पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बिक्री पर कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 750 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हालांकि कंपनियां अभी खुदरा कीमतों में नई बढ़ोतरी से बच रही हैं, लेकिन यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो आगे चलकर दामों पर दबाव बढ़ सकता है।
क्या आगे फिर महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल?
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर लंबे समय तक बना रहता है तो तेल कंपनियों की लागत लगातार बढ़ती रहेगी। ऐसी स्थिति में सरकार और तेल कंपनियों को कीमतों को लेकर नए फैसले लेने पड़ सकते हैं।
हालांकि सरकार फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर रही है। इसलिए निकट भविष्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। लेकिन वैश्विक हालात बिगड़ने पर कीमतों में फिर से वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पेट्रोलियम मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधनों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत के पास 76 से 80 दिनों का पर्याप्त फ्यूल स्टॉक उपलब्ध है।
मंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें लंबे समय तक नहीं टिकेंगी और आने वाले समय में बाजार में कुछ नरमी देखने को मिल सकती है।
ऐसे चेक करें अपने शहर का ताजा भाव
पेट्रोल और डीजल के दाम रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट किए जाते हैं। ग्राहक SMS के जरिए भी अपने शहर के ताजा रेट जान सकते हैं।
- इंडियन ऑयल ग्राहक RSP <शहर कोड> लिखकर 9224992249 पर भेजें।
- बीपीसीएल ग्राहक RSP <शहर कोड> लिखकर 9223112222 पर भेजें।
- एचपीसीएल ग्राहक HPPRICE <शहर कोड> लिखकर 9222201122 पर भेजें।
इसके अलावा तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर भी ताजा दरें देखी जा सकती हैं।
निष्कर्ष
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इसके बावजूद भारतीय तेल कंपनियों ने 9 जून 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। नोएडा में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 97.56 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। हालांकि वैश्विक बाजार में तेजी जारी रहने की स्थिति में आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों पर फिर दबाव बन सकता है।


