भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन भी भारी बिकवाली देखने को मिली। ग्लोबल तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कमजोर सेंटीमेंट के चलते निवेशकों में घबराहट बनी हुई है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अब केवल गिरावट देखकर नए शॉर्ट सौदे करना जोखिम भरा हो सकता है। CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने निवेशकों को सलाह दी है कि यदि पहले से शॉर्ट पोजिशन में हैं तो अब ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस (Trailing Stop Loss) का इस्तेमाल करें और वीकेंड पर नई शॉर्ट पोजिशन लेकर जाने से बचें।
शुरुआती कारोबार में बाजार पर रहा दबाव
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर भारी दबाव देखने को मिला। सुबह करीब 10:50 बजे तक:
- सेंसेक्स 795.76 अंक यानी 1.04% गिरकर 75,595.63 पर कारोबार कर रहा था।
- निफ्टी 50 227.50 अंक यानी 0.95% टूटकर 23,642.10 पर पहुंच गया।
- निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
लगातार बिकवाली के चलते निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर बना रहा, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार अब पैनिक का बड़ा हिस्सा पहले ही डिस्काउंट कर चुका है।
क्या आज बाजार में बनेगा बॉटम?
अनुज सिंघल के अनुसार यदि गिफ्ट निफ्टी के संकेत सही साबित होते हैं तो बाजार अपनी मौजूदा ट्रेडिंग रेंज का ब्रेकडाउन कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जरूरी नहीं कि यह ब्रेकडाउन लंबे समय तक टिके।
उनके मुताबिक कुछ ऐसे फैक्टर हैं जो बाजार में अचानक रिकवरी भी ला सकते हैं।
- अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% के बेहद अहम स्तर पर है।
- यदि यह स्तर पार होता है तो अमेरिकी बाजारों में घबराहट बढ़ सकती है।
- दूसरी ओर यदि वीकेंड में अमेरिका की ओर से कोई सकारात्मक बयान आता है या पश्चिम एशिया के तनाव में कमी आती है तो सोमवार को भारतीय बाजार में तेज शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है।
- ब्रेंट क्रूड ऑयल 102 डॉलर तक पहुंचने के बाद फिर 100 डॉलर के आसपास आ गया है, जिससे कुछ राहत मिली है।
अनुज सिंघल का मानना है कि आईटी सेक्टर सबसे पहले रिकवरी दिखा सकता है। हालांकि इंफोसिस के तिमाही नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे हैं, लेकिन वे इतने खराब भी नहीं हैं कि पूरे सेक्टर पर लंबा नकारात्मक असर डालें।
निफ्टी के लिए क्यों अहम है 23,622 का स्तर?
बाजार विशेषज्ञ के अनुसार मौजूदा गिरावट तकनीकी रूप से बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुकी है।
उन्होंने बताया कि:
- निफ्टी की पिछली बड़ी रैली 23,123 से शुरू होकर 24,430 तक गई थी।
- यानी कुल 1307 अंकों की तेजी देखने को मिली।
- अब तक बाजार इस रैली का लगभग 43% करेक्शन कर चुका है।
- 50% Fibonacci Retracement का स्तर लगभग 23,776 पर है।
- 61.8% Fibonacci Retracement का महत्वपूर्ण स्तर 23,622 है।
यदि निफ्टी इस स्तर के नीचे बंद होता है तो पूरी तेजी समाप्त होने का खतरा बढ़ सकता है और बाजार में और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
क्या अब नए शॉर्ट ट्रेड करने चाहिए?
अनुज सिंघल का स्पष्ट कहना है कि मौजूदा स्तरों पर नए शॉर्ट ट्रेड करना पहले जितना आसान नहीं रहा।
उनकी सलाह है:
- यदि पहले से शॉर्ट पोजिशन में हैं तो ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस लगाएं।
- वीकेंड पर नई शॉर्ट पोजिशन लेकर जाने से बचें।
- यदि किसी सकारात्मक खबर के कारण सोमवार को बाजार खुलता है तो तेज शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है।
- बाजार का टेक्सचर अभी भी कमजोर है, इसलिए बिना स्पष्ट संकेत के लॉन्ग पोजिशन लेना भी जोखिम भरा हो सकता है।
रिवेंज ट्रेडिंग से बचने की सलाह
लगातार नुकसान के बाद कई निवेशक जल्द पैसा वापस कमाने की कोशिश में बड़े जोखिम उठा लेते हैं। अनुज सिंघल ने इसे सबसे बड़ी गलती बताया।
उन्होंने कहा कि:
- इस समय रिवेंज ट्रेडिंग बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।
- जरूरी नहीं कि सप्ताहभर का नुकसान एक ही दिन में पूरा किया जाए।
- बाजार की चाल को स्वीकार करना भी सफल निवेशक की पहचान होती है।
- अनुमान लगाने के बजाय केवल प्राइस एक्शन को फॉलो करें।
उनका मानना है कि फिलहाल पूरे बाजार में सीमित अवसर हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में टू-व्हीलर सेक्टर के शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है।
निफ्टी के लिए आज की ट्रेडिंग रणनीति
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए अहम स्तर इस प्रकार हैं:
सपोर्ट लेवल
- 23,700–23,750 : पहला सपोर्ट (ऑप्शंस जोन)
- 23,600–23,650 : सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट (Fibonacci Zone)
रेजिस्टेंस लेवल
- 23,850–23,900 : पहला रेजिस्टेंस
- 23,950–24,050 : मजबूत रेजिस्टेंस
यदि बाजार गैपडाउन खुलता है तो जल्दबाजी में ट्रेड करने के बजाय वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा। जिन निवेशकों के पास पहले से शॉर्ट पोजिशन है, वे आंशिक मुनाफावसूली पर भी विचार कर सकते हैं।
बैंक निफ्टी के लिए क्या है संकेत?
बैंक निफ्टी में भी दबाव बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- 55,200 अगला बड़ा सपोर्ट है।
- बीच-बीच में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है।
- यदि बैंक निफ्टी जल्द 57,000 के ऊपर वापस नहीं आता तो गिरावट और गहरी हो सकती है।
- मौजूदा स्तरों पर नए ट्रेड लेने से बचना बेहतर माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
मौजूदा बाजार में जल्दबाजी सबसे बड़ा जोखिम साबित हो सकती है। लगातार गिरावट के बावजूद केवल बाजार नीचे जा रहा है इसलिए नए शॉर्ट बनाना सही रणनीति नहीं मानी जा रही। दूसरी ओर बिना स्पष्ट संकेत के लॉन्ग पोजिशन लेना भी जोखिमपूर्ण है। ऐसे माहौल में पूंजी की सुरक्षा, सीमित ट्रेडिंग और ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल सबसे बेहतर रणनीति हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


