ब्रेकअप के बाद अपने एक्स पार्टनर को वापस पाने की चाहत कोई नई बात नहीं है, लेकिन अब इसे लेकर एक नया बिजनेस ट्रेंड सामने आया है। चीन में कई महिलाएं अपने टूटे रिश्ते को दोबारा जोड़ने के लिए रिलेशनशिप कोच या लव कोच की मदद ले रही हैं। इसके लिए वे हजारों युआन से लेकर लाखों रुपये तक खर्च करने को तैयार हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ रिलेशनशिप काउंसलिंग कंपनियां अपने प्रोग्राम की 90 प्रतिशत तक सफलता दर का दावा कर रही हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की सेवाओं की बढ़ती मांग के पीछे लोगों की भावनात्मक कमजोरी, अकेलेपन का डर और समाज का दबाव बड़ी वजह है।
एक्स को वापस पाने के लिए हजारों रुपये खर्च
South China Morning Post की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन में कई महिलाएं अपने पूर्व प्रेमी या पति को वापस पाने के लिए रिलेशनशिप कोचिंग प्रोग्राम खरीद रही हैं।
एक मामले में 28 साल की एक महिला ने अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद एक महीने के कोचिंग प्रोग्राम के लिए करीब 3,500 युआन (लगभग 500 डॉलर) खर्च किए। उसे उम्मीद थी कि कोच की सलाह से उसका रिश्ता फिर से ठीक हो जाएगा।
महिला ने बताया कि उसने कोच की बताई गई सभी बातों को फॉलो किया, लेकिन इसके बावजूद उसके एक्स बॉयफ्रेंड ने उसे सभी मैसेजिंग ऐप्स पर ब्लॉक कर दिया। जब उसने कंपनी से उनके 90% सफलता दर वाले दावे पर सवाल किया, तो उसे एक महंगे पैकेज में अपग्रेड करने की सलाह दी गई।
कंपनी ने उसे ज्यादा अनुभवी मेंटर के साथ 9,800 युआन (करीब 1,400 डॉलर) का नया प्रोग्राम लेने के लिए कहा।
3 लाख रुपये तक पहुंच रही कोचिंग फीस
एक अन्य मामले में एक महिला ने अपने पूर्व पति के साथ दोबारा संबंध बनाने के लिए करीब 20,000 युआन (लगभग 2,800 डॉलर यानी करीब 2.5 से 3 लाख रुपये) खर्च किए।
यह प्रोग्राम इस तरह डिजाइन किया गया था कि महिला अपने पूर्व पति के सामने ऐसा माहौल बना सके कि वह खुद दोबारा रिश्ते की शुरुआत करने की इच्छा जाहिर करे। महिला की कोशिश थी कि दोस्तों और परिवार के सामने उसकी छवि खराब न हो।
रिश्तों पर सामाजिक दबाव बढ़ा रहा मांग
रिलेशनशिप विशेषज्ञों और मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की इंडस्ट्री के बढ़ने के पीछे सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव भी बड़ा कारण है।
कई पारंपरिक समाजों में महिलाओं की पहचान और खुशी को लंबे समय तक शादी और रिश्तों से जोड़कर देखा जाता रहा है। ऐसे में अकेले रहने का डर और समाज की अपेक्षाएं कई लोगों को टूटे रिश्ते को बचाने के लिए बड़ी रकम खर्च करने के लिए मजबूर कर देती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेकअप के बाद इंसान अक्सर भावनात्मक रूप से कमजोर स्थिति में होता है। ऐसे समय में उसे जल्दी समाधान देने वाले वादे ज्यादा आकर्षक लगते हैं, जबकि वास्तविक मानसिक स्वास्थ्य सहायता या थेरेपी में समय और मेहनत लगती है।
लव कोचिंग इंडस्ट्री पर उठे सवाल
हालांकि इस बढ़ते कारोबार को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि कई कंपनियां लोगों की भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाकर महंगे पैकेज बेच रही हैं।
चीन में कंज्यूमर प्रोटेक्शन प्लेटफॉर्म्स पर डेटिंग और रिलेशनशिप कोचिंग सेवाओं के खिलाफ 3,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें झूठे विज्ञापन, सफलता दर के भ्रामक दावे और कोचों की योग्यता पर सवाल जैसी शिकायतें शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी रिश्ते को सिर्फ तकनीक या रणनीति से वापस नहीं लाया जा सकता। रिश्ते में भरोसा, आपसी सम्मान और दोनों लोगों की इच्छा सबसे ज्यादा मायने रखती है।
ब्रेकअप को नई शुरुआत मानने लगी महिलाएं
जहां एक तरफ कुछ लोग एक्स को वापस पाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक सकारात्मक बदलाव भी देख रहे हैं।
अब कई महिलाएं खराब रिश्तों को जबरदस्ती बनाए रखने के बजाय उनसे बाहर निकलने का फैसला ले रही हैं। वे ब्रेकअप को जिंदगी का अंत मानने के बजाय खुद के विकास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की शुरुआत के रूप में देख रही हैं।
रिलेशनशिप विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी रिश्ते को बचाने की कोशिश गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए अपनी मानसिक शांति, आर्थिक सुरक्षा और आत्मसम्मान को दांव पर लगाना सही फैसला नहीं हो सकता।


