Top Stock Picks: शेयर बाजार में मौजूदा अनिश्चित माहौल को देखते हुए निवेशकों को जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जा रही है। एक्सपर्ट आशीष चतुरमोहता के मुताबिक, निफ्टी के 23,500-23,400 के स्तर अहम सपोर्ट हैं। अगर ये स्तर टूटते हैं तो बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, गिरावट का इस्तेमाल अच्छे फंडामेंटल वाले फार्मा, हॉस्पिटल और डिफेंस शेयरों में खरीदारी के मौके के रूप में किया जा सकता है।
बाजार में क्यों बनी हुई है अनिश्चितता?
शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अलग-अलग सेक्टरों में बिकवाली के चलते बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बना रहा।
सेंसेक्स करीब 571 अंक यानी 0.75 फीसदी की गिरावट के साथ 75,819.82 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 163 अंक यानी 0.68 फीसदी टूटकर 23,706.40 के आसपास रहा। वहीं निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 0.5 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली।
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर कहा कि पिछले कुछ दिनों से बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
उनके अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ग्लोबल मार्केट में एआई डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियों में बिकवाली ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।
क्रूड ऑयल और ग्लोबल मार्केट दबाव की बड़ी वजह
आशीष चतुरमोहता ने कहा कि क्रूड ऑयल की कीमतों ने दोबारा 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छुआ है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयात आधारित देश के लिए चिंता का विषय हैं।
इसके अलावा अमेरिका, ताइवान और कोरिया जैसे बड़े बाजारों में एआई थीम से जुड़ी कंपनियों में भारी बिकवाली देखने को मिली है। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर में कंपनियों के बड़े कैपेक्स के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि भारी निवेश के बावजूद कुछ बड़ी कंपनियों की भविष्य की कमाई को लेकर अनिश्चितता नजर आ रही है, जिसका असर पूरे टेक्नोलॉजी सेक्टर पर पड़ा है।
निफ्टी के लिए 23,500-23,400 अहम सपोर्ट
बाजार की तकनीकी स्थिति पर बात करते हुए चतुरमोहता ने कहा कि निफ्टी लंबे समय से अपने 200 डे मूविंग एवरेज को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिल रही है और निफ्टी अभी तक मजबूती के साथ 200 डे मूविंग एवरेज के ऊपर टिक नहीं पाया है।
ऐसे में निवेशकों को फिलहाल वेट एंड वॉच की रणनीति अपनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि निफ्टी के लिए 23,500-23,400 का जोन महत्वपूर्ण सपोर्ट है। अगर यह स्तर टूटता है तो बाजार में और गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।
निवेशकों को इंडेक्स में जल्दबाजी में लॉन्ग या शॉर्ट पोजीशन लेने से बचना चाहिए और बेहतर मौकों का इंतजार करना चाहिए।
हॉस्पिटल सेक्टर में दिख रहा है बड़ा अवसर
अपने पसंदीदा सेक्टर के बारे में बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उनकी पहली पसंद हॉस्पिटल सेक्टर है।
उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल इंडस्ट्री में इस समय बड़ा कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। बड़ी हॉस्पिटल कंपनियां छोटे अस्पतालों का अधिग्रहण कर रही हैं, जिससे पूरे सेक्टर की ग्रोथ को फायदा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल कंपनियों में तीन बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं:
- अस्पतालों में मरीजों के रहने की औसत अवधि (Average Length of Stay) कम हो रही है।
- ज्यादा मार्जिन वाले ट्रीटमेंट की हिस्सेदारी बढ़ रही है।
- ऑक्युपेंसी रेट में लगातार सुधार हो रहा है।
इन कारणों से हॉस्पिटल सेक्टर आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
इन हॉस्पिटल शेयरों पर नजर
लार्ज कैप हॉस्पिटल कंपनियों में आशीष चतुरमोहता ने अपोलो हॉस्पिटल्स और मैक्स हेल्थकेयर को आकर्षक बताया।
वहीं मिड और स्मॉल कैप सेगमेंट में उन्होंने एस्टर डीएम (Aster DM) और पार्क मेडिकेयर जैसी कंपनियों को दिलचस्प बताया।
उनके मुताबिक, हेल्थकेयर सेक्टर में लंबी अवधि के लिए अच्छे अवसर बन सकते हैं।
फार्मा सेक्टर में गिरावट पर खरीदारी का मौका
फार्मा सेक्टर पर बात करते हुए चतुरमोहता ने कहा कि जेनेरिक बिजनेस में कुछ अनिश्चितताएं जरूर हैं, लेकिन स्पेशियलिटी सीडीएमओ और सीआरडीएमओ सेगमेंट में काफी संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि यह सेगमेंट टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं से काफी हद तक सुरक्षित नजर आता है।
गिरावट आने पर निवेशक इन शेयरों पर नजर रख सकते हैं:
- नवीन फ्लोरीन
- बायोकॉन
- लॉरस लैब्स
इन कंपनियों को लंबी अवधि में ग्रोथ के अवसर मिल सकते हैं।
डिफेंस सेक्टर में जारी रह सकता है तेजी का दौर
आशीष चतुरमोहता ने तीसरी बड़ी थीम के तौर पर डिफेंस सेक्टर को पसंद बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार डिफेंस सेक्टर पर फोकस कर रही है और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
डिफेंस कंपनियों का ऑर्डर इनफ्लो मजबूत बना हुआ है। साथ ही कंपनियां डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग दोनों क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं।
उनके अनुसार, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और डिफेंस कंपनियों का एक मजबूत बास्केट बनाया जा सकता है, जिसमें बाजार की गिरावट का इस्तेमाल खरीदारी के लिए किया जा सकता है।
निवेशकों के लिए रणनीति
मौजूदा बाजार परिस्थितियों में विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक धैर्य रखें और मजबूत कंपनियों पर फोकस करें।
बाजार में गिरावट को डर के बजाय अवसर के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और जोखिम को जरूर समझना जरूरी है।
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