भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्किल-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। SRM Institute of Science and Technology (SRMIST), कट्टनकुलथुर ने देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी Ather Energy के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत न केवल एक आधिकारिक समझौता (MoU) साइन किया गया, बल्कि ‘Ather Forge’ नामक एक नया प्रोग्राम भी लॉन्च किया गया, जो छात्रों को सीधे इंडस्ट्री के साथ जोड़ने का काम करेगा।
यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि SRMIST भारत का पहला विश्वविद्यालय बन गया है, जहां इस तरह का कैंपस-इंटीग्रेटेड EV लर्निंग मॉडल लागू किया जा रहा है।
क्या है Ather Forge प्रोग्राम?
‘Ather Forge’ को पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर एक experiential learning model के रूप में डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक इंजीनियरिंग समस्याओं और तकनीकी चुनौतियों से जोड़ना है।
इस प्रोग्राम के तहत छात्र सीधे Ather के स्कूटर टेक्नोलॉजी पर काम कर सकेंगे। इसमें बैटरी सिस्टम, इलेक्ट्रिक पावरट्रेन, और इंटेलिजेंट डैशबोर्ड जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं को समझने और उन पर प्रयोग करने का मौका मिलेगा।
यह पहल छात्रों को केवल थ्योरी नहीं, बल्कि प्रोटोटाइप बनाने और रियल-वर्ल्ड सॉल्यूशन तैयार करने की दिशा में प्रेरित करेगी।
अकादमिक और इंडस्ट्री के बीच की दूरी होगी कम
भारत में लंबे समय से यह चुनौती रही है कि कॉलेजों में पढ़ाई जाने वाली थ्योरी और इंडस्ट्री में काम आने वाली स्किल्स के बीच अंतर बना रहता है।
इस साझेदारी का सबसे बड़ा उद्देश्य इसी गैप को खत्म करना है।
इस प्रोग्राम के जरिए:
- छात्रों को EV सिस्टम के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों पहलुओं पर काम करने का मौका मिलेगा
- इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाएंगे
- छात्रों के आइडियाज को “proof of concept” में बदला जाएगा
इससे इंजीनियरिंग छात्रों की employability में सीधा सुधार देखने को मिल सकता है।
कैंपस में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की एंट्री
इस MoU के तहत Ather Energy ने SRMIST को तीन इलेक्ट्रिक स्कूटर भी दिए हैं, जिनका उपयोग रिसर्च और प्रैक्टिकल लर्निंग के लिए किया जाएगा।
यह स्कूटर केवल डेमो के लिए नहीं हैं, बल्कि इन्हें एक लाइव लर्निंग टूल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, जहां छात्र इनके अलग-अलग कंपोनेंट्स को समझेंगे और उन पर काम करेंगे।
इंटर्नशिप और करियर के नए अवसर
इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इंटर्नशिप का अवसर।
इस प्रोग्राम के तहत चुने गए छात्रों को Ather Energy में 6 महीने से 1 साल तक की इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा।
यह अनुभव छात्रों के लिए बेहद अहम होगा क्योंकि:
- उन्हें इंडस्ट्री का वास्तविक अनुभव मिलेगा
- प्रोडक्ट डेवलपमेंट प्रोसेस को समझने का मौका मिलेगा
- भविष्य में जॉब के अवसर बढ़ेंगे
Ather Energy का दृष्टिकोण
Ather Energy के टैलेंट एक्विजिशन और यूनिवर्सिटी रिलेशंस हेड Arief Ahmed Shariff ने इस पहल को युवा प्रतिभाओं को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उनका कहना है कि कंपनी की शुरुआत भी एक कैंपस से हुई थी, इसलिए वह शिक्षा और नवाचार के बीच मजबूत कनेक्शन बनाने में विश्वास रखते हैं।
इस सहयोग के जरिए Ather का लक्ष्य छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाना और उन्हें EV सेक्टर की गहराई से समझ देना है।
SRMIST का नजरिया
SRMIST के रजिस्ट्रार S Ponnusamy के अनुसार, यह पहल संस्थान के EV रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेगी।
वहीं, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी फैकल्टी के डीन Leenus Jesu Martin M ने कहा कि यह सहयोग छात्रों के लिए experiential learning को बढ़ावा देगा और उन्हें इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा।
किन छात्रों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
यह प्रोग्राम मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए फायदेमंद होगा जो:
- Electrical and Electronics Engineering
- Mechanical Engineering
- और अन्य संबंधित तकनीकी क्षेत्रों
से जुड़े हैं।
हालांकि, इसकी interdisciplinary nature के कारण अन्य क्षेत्रों के छात्र भी इससे जुड़ सकते हैं।
भारत में EV सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह पहल?
भारत तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में skilled manpower की जरूरत भी बढ़ रही है।
इस तरह की पहल:
- EV सेक्टर के लिए trained professionals तैयार करेगी
- innovation को बढ़ावा देगी
- academia और industry के बीच सहयोग को मजबूत करेगी
निष्कर्ष
SRM Institute of Science and Technology और Ather Energy के बीच यह साझेदारी केवल एक MoU नहीं, बल्कि भारत में भविष्य की शिक्षा और तकनीक के मेल का उदाहरण है।
‘Ather Forge’ जैसे प्रोग्राम यह दिखाते हैं कि आने वाले समय में शिक्षा केवल क्लासरूम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीधे इंडस्ट्री से जुड़कर छात्रों को वास्तविक अनुभव देगी।
अगर इस मॉडल को अन्य संस्थानों में भी अपनाया जाता है, तो यह भारत के तकनीकी और औद्योगिक विकास को नई दिशा दे सकता है।
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