अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह 1972 के Apollo programme के बाद पहली बार है जब इंसानों को चांद के आसपास भेजा गया है।
यह मिशन चांद पर लैंडिंग नहीं करेगा, बल्कि “free-return trajectory” के जरिए चांद के चारों ओर घूमकर सुरक्षित पृथ्वी पर लौटेगा।
Artemis II को चांद तक पहुंचने में कितना समय लगेगा
Liftoff.
The Artemis II mission launched from @NASAKennedy at 6:35pm ET (2235 UTC), propelling four astronauts on a journey around the Moon.
Artemis II will pave the way for future Moon landings, as well as the next giant leap — astronauts on Mars. pic.twitter.com/ENQA4RTqAc
— NASA (@NASA) April 1, 2026 Artemis II मिशन का Orion कैप्सूल लॉन्च के लगभग 6 दिन बाद यानी 6 अप्रैल 2026 को चांद के पास पहुंचेगा।
- कुल मिशन अवधि: 10 दिन
- चांद तक पहुंचने का समय: लगभग 6 दिन
- पृथ्वी पर वापसी: 10 अप्रैल 2026
कैसे हुआ लॉन्च
यह मिशन Kennedy Space Center से लॉन्च किया गया।
- रॉकेट: Space Launch System (322 फुट ऊंचा)
- कैप्सूल: Orion spacecraft
- लॉन्च टाइम: 6:35 PM ET
लॉन्च से पहले कुछ तकनीकी चुनौतियां सामने आई थीं, जैसे हाइड्रोजन लीक और बैटरी सेंसर से जुड़ी समस्याएं, जिन्हें समय रहते ठीक कर लिया गया।
मिशन में कौन-कौन शामिल है
Artemis II मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं:
- Reid Wiseman – मिशन कमांडर
- Victor Glover – पायलट
- Christina Koch – मिशन स्पेशलिस्ट
- Jeremy Hansen – मिशन स्पेशलिस्ट
यह टीम अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी प्रतीक है।
10 दिनों का पूरा मिशन प्लान
दिन 1-2: Earth Orbit
- अंतरिक्ष यात्री सिस्टम चेक करेंगे
- Orion हाई अर्थ ऑर्बिट में रहेगा
दिन 3-4: Moon की ओर यात्रा
- “Translunar Injection” के जरिए चांद की ओर बढ़ेगा
- सिस्टम मॉनिटरिंग जारी रहेगी
दिन 5: Moon Gravity में एंट्री
- Orion चांद के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश करेगा
- स्पेससूट टेस्टिंग होगी
दिन 6: Moon Flyby
- चांद के सबसे करीब पहुंचेगा (करीब 4,000–6,000 मील दूरी)
दिन 7-9: वापसी यात्रा
- वैज्ञानिक प्रयोग और डेटा कलेक्शन
दिन 10: Earth Re-entry
- स्पीड: करीब 40,000 km/h
- Pacific Ocean में splashdown
“Free-Return Trajectory” क्या है
यह एक खास रास्ता होता है जिसमें स्पेसक्राफ्ट चांद के चारों ओर घूमकर बिना अतिरिक्त ईंधन के अपने आप पृथ्वी की ओर लौट आता है।
यह तकनीक भविष्य के मिशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आगे क्या है NASA का प्लान
- Artemis III (2027): चांद पर इंसानों की लैंडिंग
- Artemis IV (2028): बड़े स्तर पर lunar base मिशन
इस मिशन में SpaceX और Blue Origin जैसी कंपनियों की तकनीक का भी इस्तेमाल होगा।
क्यों खास है Artemis II मिशन
- 50 साल बाद इंसानों की चांद के पास वापसी
- Deep space में मानव मिशन का नया दौर
- भविष्य में Mars मिशन की तैयारी
निष्कर्ष
Artemis II सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण के नए युग की शुरुआत है। 6 दिन में चांद तक पहुंचने और 10 दिन में सुरक्षित वापसी का यह मिशन आने वाले दशकों के स्पेस मिशनों की नींव तैयार करेगा।
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