वैश्विक ऊर्जा संकट और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) ने अरब सागर में अपने बड़े गैस प्रोजेक्ट से उत्पादन शुरू कर दिया है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
Daman Upside Project: समुद्र के नीचे बड़ी उपलब्धि
29 मार्च 2026 को ONGC ने Daman Upside Development Project के तहत Platform B-12-24P से गैस उत्पादन शुरू किया।
यह प्रोजेक्ट:
- मुंबई से लगभग 180 किमी उत्तर-पश्चिम
- गुजरात के पिपावाव से करीब 80 किमी दक्षिण
- अरब सागर के रणनीतिक क्षेत्र में स्थित है
यहां से निकलने वाली गैस को गुजरात के Hazira Gas Plant तक पहुंचाया जा रहा है, जो देश की गैस सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र है।
प्रोजेक्ट की खासियत क्या है
Daman Upside Development Project एक हाई-इम्पैक्ट ऊर्जा प्रोजेक्ट है:
- कुल उत्पादन क्षमता: 21.5 BCM (बिलियन क्यूबिक मीटर)
- पीक आउटपुट: लगभग 5 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन
- इंफ्रास्ट्रक्चर:
- 4 wellhead platforms
- 140 किमी subsea pipeline
- निवेश: करीब 1 बिलियन डॉलर
ONGC इस प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से बढ़ा रहा है, ताकि उत्पादन स्थिर और कुशल बना रहे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट
भारत अपनी गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। FY26 में अनुमानित 35 BCM गैस आयात की गई है।
अगर यह प्रोजेक्ट अपने लक्ष्य तक पहुंचता है:
- यह भारत के गैस आयात का 60% तक कम कर सकता है
- हाल के आयात का करीब 74% तक ऑफसेट कर सकता है
यह बदलाव भारत को ऊर्जा के मामले में ज्यादा आत्मनिर्भर बना सकता है।
भारत की ऊर्जा रणनीति में बड़ा बदलाव
यह प्रोजेक्ट तीन बड़े मुद्दों को सीधे संबोधित करता है:
1. Import Dependence कम करना
घरेलू उत्पादन बढ़ने से LNG आयात पर निर्भरता घटेगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
2. Supply Security
वैश्विक संकट या युद्ध की स्थिति में भी गैस की सप्लाई बाधित नहीं होगी।
3. Industrial Stability
गैस की स्थिर उपलब्धता से बिजली, उर्वरक और पेट्रोकेमिकल सेक्टर को फायदा मिलेगा।
सरकार की पॉलिसी का भी बड़ा रोल
यह प्रोजेक्ट भारत की हाइड्रोकार्बन नीति का हिस्सा है, जिसमें Open Acreage Licensing Policy (OALP) शामिल है।
सरकार ने हाल ही में 21 नए ऑयल और गैस ब्लॉक्स की नीलामी भी शुरू की है, जिससे घरेलू उत्पादन को और बढ़ावा मिलेगा।
इंजीनियरिंग और एक्सीक्यूशन की ताकत
इस प्रोजेक्ट को 2 साल से कम समय में पूरा किया गया, जो कि इतने बड़े ऑफशोर प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
मुख्य कारण:
- उन्नत ड्रिल-डेक तकनीक
- इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट
- तेज पाइपलाइन कनेक्टिविटी
आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर असर
- गैस की कीमतों में स्थिरता आ सकती है
- LPG और फ्यूल संकट की आशंका कम होगी
- महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिलेगी
यह प्रोजेक्ट देश में “ऊर्जा आत्मनिर्भरता” की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
ONGC धीरे-धीरे सभी प्लेटफॉर्म से उत्पादन बढ़ाएगा।
आने वाले समय में इन बातों पर नजर रहेगी:
- वास्तविक उत्पादन बनाम अनुमान
- LNG आयात में कमी
- घरेलू गैस कीमतों पर असर
निष्कर्ष
ONGC का Arabian Sea Gas Project सिर्फ एक ऊर्जा प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत को बढ़ाने वाला कदम है।
यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि भारत अब ऊर्जा के मामले में सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि एक मजबूत उत्पादक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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