भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार कारोारी दिनों की तेजी के बाद गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। शुरुआती बढ़त के बावजूद दिन के दूसरे हिस्से में भारी मुनाफावसूली और अन्य वैश्विक कारणों के चलते बाजार लाल निशान में बंद हुआ। इंट्रा-डे में जहां Sensex 350 अंकों से अधिक चढ़ा, वहीं बाद में यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 600 अंक टूट गया। दूसरी ओर Nifty 50 भी 24,500 के पार पहुंचने के बाद फिसलकर 24,400 के नीचे आ गया।
शुरुआती तेजी के बाद बाजार में आई तेज बिकवाली
सप्ताह की एक्सपायरी वाले कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत मजबूत रही। निवेशकों की खरीदारी से सेंसेक्स 78,664.92 के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,530.90 के स्तर को छू गया। लेकिन दोपहर बाद बिकवाली का दबाव बढ़ने से बाजार की दिशा बदल गई।
दिन के अंत में:
- Sensex 104.35 अंक (0.13%) गिरकर 78,180.72 पर बंद हुआ।
- Nifty 50 31.65 अंक (0.13%) टूटकर 24,398.70 पर बंद हुआ।
बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। Nifty Midcap 100 में 0.30% और Nifty Smallcap 100 में 0.55% की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में गिरावट की 4 बड़ी वजह
1. लगातार तेजी के बाद मुनाफावसूली
पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 2.4% तक चढ़ चुके थे और करीब 10 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गए थे। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।
2. Nifty की वीकली एक्सपायरी
गुरुवार को निफ्टी के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी थी। इस दौरान ट्रेडर्स अपनी पोजिशन स्क्वेयर ऑफ करते हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है। इसी वजह से दिनभर तेज वोलैटिलिटी देखने को मिली।
3. मेटल और रियल्टी सेक्टर में कमजोरी
हालांकि आईटी शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की और दिन के दौरान आईटी इंडेक्स में लगभग 4% तक की तेजी भी देखने को मिली, लेकिन कारोबार के अंत तक इसकी बढ़त सीमित रह गई।
वहीं दूसरी ओर:
- Nifty Metal इंडेक्स 1% से अधिक टूटा।
- Nifty Realty इंडेक्स 1.5% से ज्यादा गिर गया।
इन दोनों सेक्टरों में बिकवाली ने पूरे बाजार पर दबाव बनाया।
4. अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों का मूड कमजोर रहा। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान तट के समीप एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमले की खबर सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों की चेतावनियों के बावजूद टैंकर समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद उसे निशाना बनाया गया। इस घटना ने वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ा दिए, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।
टेक्निकल आउटलुक: आगे क्या?
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के अनुसार, निफ्टी का 24,400 के ऊपर क्लोज होना मध्यम अवधि में सकारात्मक संकेत देता है और इससे इंडेक्स के 24,800 से 25,250 की ओर बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 24,600 के आसपास निफ्टी को मजबूत प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। यदि इंडेक्स 24,360 के सपोर्ट स्तर को बनाए रखता है, तो दोबारा ऊपर की ओर बढ़त देखने को मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


