नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े ₹4,097 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में रिलायंस समूह की दो कंपनियों समेत कुल सात आरोपियों को नामजद किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी से 13 सरकारी बैंकों को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच अभी भी जारी है।
हाईलाइट्स
- CBI ने ₹4,097 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की।
- रिलायंस समूह की दो कंपनियों समेत 7 आरोपियों को बनाया गया आरोपी।
- 13 सरकारी बैंकों को कथित तौर पर ₹4,097 करोड़ का नुकसान।
- अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी, कई अन्य की भूमिका की जांच जारी।
- मामले में आगे सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है।
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई के मुताबिक, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) ने बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का इस्तेमाल निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं किया। जांच में सामने आया कि कर्ज की रकम को विभिन्न मध्यस्थ और शेल कंपनियों के जरिए रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। इससे ऋण देने वाले बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ, जबकि संबंधित कंपनियों और आरोपियों को कथित रूप से अनुचित लाभ मिला।
यह चार्जशीट विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल की गई है।
चार्जशीट में किन लोगों और कंपनियों के नाम?
सीबीआई ने चार्जशीट में निम्नलिखित आरोपियों को नामजद किया है—
- रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड
- रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL)
- रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) के तत्कालीन निदेशक एवं CEO देवांग प्रवीण मोदी
- निदेशक रविंद्र सोमयाजुला राव
- धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी
- एग्जीक्यूटिव रिस्क ऑफिसर राजेश कृष्णमूर्ति
- चीफ रिस्क ऑफिसर लव चतुर्वेदी
इन सभी पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।
13 सरकारी बैंकों को हुआ ₹4,097 करोड़ का नुकसान
सीबीआई ने यह मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शिकायतों के आधार पर दर्ज किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, बैंकिंग कंसोर्टियम में शामिल 13 सरकारी बैंकों को इस कथित धोखाधड़ी के कारण कुल ₹4,097 करोड़ का नुकसान हुआ।
अब तक तीन गिरफ्तारियां
इस मामले में सीबीआई अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है—
- रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व उपाध्यक्ष अमिताभ झुनझुनवाला
- RCFL के पूर्व CEO देवांग मोदी
- रिलायंस कैपिटल के पूर्व CFO अमित बापना
वर्तमान में अमिताभ झुनझुनवाला और देवांग मोदी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि अमित बापना सीबीआई की हिरासत में हैं।
जांच अभी जारी, आ सकती है सप्लीमेंट्री चार्जशीट
सीबीआई का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य निदेशकों, कंपनियों तथा सार्वजनिक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी ने संकेत दिया है कि आगे चलकर इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है।
रिलायंस समूह से जुड़े सात मामले दर्ज
सीबीआई के अनुसार, रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom), रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (RCFL) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL) के खिलाफ विभिन्न सरकारी बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शिकायतों के आधार पर कुल सात एफआईआर दर्ज की गई हैं।
इससे पहले 29 मई को सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े मामले में 16 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की थी। मौजूदा चार्जशीट रिलायंस एडीए समूह से जुड़े मामलों में दूसरी प्रमुख चार्जशीट है। एजेंसी ने कहा है कि सभी मामलों की जांच जारी है और पूरी प्रक्रिया की निगरानी सुप्रीम कोर्ट कर रहा है।


