फ्रांस की दिग्गज एसेट मैनेजमेंट कंपनी अमुंडी (Amundi) का भारत में किया गया एक निवेश अब शानदार रिटर्न की मिसाल बन गया है। करीब 15 साल पहले SBI Funds Management में लगाए गए 173.9 करोड़ रुपये अब बढ़कर लगभग 4,400 करोड़ रुपये हो गए हैं। यह उछाल ऐसे समय आया है, जब SBI Funds Management अपना बहुप्रतीक्षित IPO लाने की तैयारी कर रही है।
आईपीओ के जरिए अमुंडी अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचकर हजारों करोड़ रुपये की कमाई करेगी, जबकि कंपनी में उसकी बड़ी हिस्सेदारी पहले की तरह बनी रहेगी।
₹1.17 लाख करोड़ हो सकती है SBI Funds Management की वैल्यूएशन
बाजार सूत्रों के मुताबिक, SBI Funds Management इस सप्ताह के अंत तक अपने आईपीओ का प्राइस बैंड घोषित कर सकती है। कंपनी की संभावित वैल्यूएशन करीब 1.17 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
इस वैल्यूएशन के आधार पर अमुंडी द्वारा बेचे जाने वाले शेयरों की कीमत लगभग ₹4,330 करोड़ से ₹4,400 करोड़ के बीच हो सकती है। इसे भारत के एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में किसी विदेशी निवेशक की सबसे सफल निवेश कहानियों में से एक माना जा रहा है।
2011 में किया था सिर्फ ₹173.9 करोड़ का निवेश
SBI Funds Management के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, Amundi India Holding ने 30 मई 2011 को कंपनी के 18.5 करोड़ शेयर खरीदे थे। उस समय इस निवेश की कुल कीमत 173.9 करोड़ रुपये थी।
इसके बाद कंपनी ने पहले स्टॉक स्प्लिट किया, जिसमें शेयर की फेस वैल्यू 100 रुपये से घटाकर 1 रुपये कर दी गई। बाद में 3:1 बोनस शेयर जारी किए गए, जिससे अमुंडी के पास शेयरों की संख्या बढ़कर लगभग 74 करोड़ हो गई।
IPO में कितने शेयर बेचेगी अमुंडी?
आईपीओ में अमुंडी अपनी पूरी हिस्सेदारी नहीं बेच रही है। कंपनी 7.53 करोड़ शेयर, यानी करीब 3.7% हिस्सेदारी, ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेगी।
शेयर बिक्री के बाद भी अमुंडी के पास कंपनी में लगभग 32.56% हिस्सेदारी बनी रहेगी। इसके साथ ही वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बाद कंपनी की दूसरी सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रहेगी और रणनीतिक साझेदार के रूप में जुड़ी रहेगी।
IPO पूरी तरह OFS होगा
SBI Funds Management का आईपीओ पूरी तरह Offer for Sale (OFS) होगा। इसका मतलब है कि कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं करेगी और IPO से जुटाई गई राशि कंपनी के पास नहीं जाएगी।
इस इश्यू के तहत कुल 20.3 करोड़ शेयर, यानी कंपनी की 10% हिस्सेदारी, बेची जाएगी।
- SBI बेचेगा: 12.83 करोड़ शेयर (6.3%)
- Amundi बेचेगी: 7.53 करोड़ शेयर (3.7%)
DRHP के अनुसार, अमुंडी की वेटेड एवरेज एक्विजिशन कॉस्ट मात्र ₹4.35 प्रति शेयर रही है, जो उसके निवेश पर मिले असाधारण रिटर्न को दर्शाती है।
भारत के म्यूचुअल फंड उद्योग पर भरोसा
अमुंडी का यह निवेश भारत के तेजी से बढ़ते म्यूचुअल फंड उद्योग में विदेशी निवेशकों के भरोसे को भी दिखाता है। पिछले कुछ वर्षों में देश में निवेशकों की संख्या और एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) दोनों में तेज वृद्धि हुई है, जिससे वैश्विक कंपनियां भारतीय बाजार में लंबी अवधि के अवसर देख रही हैं।
अमुंडी कौन है?
अमुंडी का मुख्यालय पेरिस (फ्रांस) में स्थित है। यह यूरोप की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है और दुनिया की टॉप-10 एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है।
कंपनी की प्रमुख विशेषताएं:
- 20 करोड़ से अधिक रिटेल ग्राहक
- करीब 1,000 संस्थागत और कॉर्पोरेट क्लाइंट
- लगभग 5,600 कर्मचारी
- 900 से अधिक निवेश विशेषज्ञ (Investment Professionals)
- 2011 से SBI Funds Management की रणनीतिक विदेशी साझेदार
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
SBI Funds Management का IPO भारतीय पूंजी बाजार के सबसे चर्चित इश्यू में से एक माना जा रहा है। अमुंडी के निवेश पर मिले लगभग 25 गुना रिटर्न से यह स्पष्ट होता है कि भारत का एसेट मैनेजमेंट उद्योग वैश्विक निवेशकों के लिए लंबी अवधि में मजबूत अवसर प्रदान कर रहा है। IPO के बाद भी अमुंडी का कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी बनाए रखना उसके दीर्घकालिक भरोसे का संकेत माना जा रहा है।


