Petrol Diesel Price Today, 6 July 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को नरमी देखने को मिली। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही सामान्य होने और OPEC देशों द्वारा उत्पादन बढ़ाने से क्रूड ऑयल पर दबाव बना है। हालांकि, इसका असर अभी भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर नहीं दिखा है। सरकारी तेल कंपनियों ने 6 जुलाई 2026 के लिए भी ईंधन के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है।
होर्मुज स्ट्रेट में सुधरे हालात, क्रूड ऑयल पर बना दबाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। अब केवल कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस ही नहीं, बल्कि उर्वरक और अन्य जरूरी सामान लेकर आने वाले जहाज भी बिना किसी बड़ी रुकावट के इस मार्ग से गुजर रहे हैं।
वैश्विक सप्लाई में सुधार की उम्मीद ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को राहत दी है।
OPEC ने बढ़ाया उत्पादन, सप्लाई बढ़ने की उम्मीद
कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ाने वाली दूसरी बड़ी वजह OPEC सदस्य देशों का उत्पादन बढ़ाना है।
रिपोर्ट के अनुसार, OPEC के 11 सदस्य देशों ने जून 2026 में अपना उत्पादन बढ़ाकर औसतन 19.43 मिलियन बैरल प्रतिदिन कर दिया। अधिक उत्पादन का मतलब बाजार में बेहतर सप्लाई है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
Brent और WTI Crude दोनों में आई गिरावट
सोमवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों प्रमुख क्रूड बेंचमार्क लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
- Brent Crude करीब 0.39% यानी 0.28 डॉलर गिरकर 71.84 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
- WTI Crude भी लगभग 0.29% यानी 0.20 डॉलर टूटकर 68.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक सप्लाई सामान्य बनी रहती है और भू-राजनीतिक तनाव दोबारा नहीं बढ़ता, तो कच्चे तेल की कीमतों में आगे भी सीमित दबाव बना रह सकता है।
भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के बावजूद भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने 6 जुलाई 2026 को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
देश में 25 मई 2026 के बाद से ईंधन की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
मई 2026 में चार बार बढ़े थे दाम
पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद मई 2026 में तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चार बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई थीं।
- 15 मई 2026: पेट्रोल ₹3.00 और डीजल ₹3.29 प्रति लीटर महंगा
- 19 मई 2026: पेट्रोल ₹0.87 और डीजल ₹0.91 प्रति लीटर महंगा
- 23 मई 2026: पेट्रोल ₹0.87 और डीजल ₹0.91 प्रति लीटर महंगा
- 25 मई 2026: पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा
इसके बाद से कीमतों में कोई संशोधन नहीं किया गया है।
आज पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट (6 जुलाई 2026)
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| नोएडा | 102.12 | 97.56 |
| चंडीगढ़ | 101.51 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.49 |
| भोपाल | 114.57 | 99.64 |
क्या सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल?
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी भारत के लिए सकारात्मक संकेत है क्योंकि देश अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। हालांकि घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल अंतरराष्ट्रीय क्रूड पर निर्भर नहीं होतीं।
इनकी कीमतों पर रुपये-डॉलर की विनिमय दर, रिफाइनिंग लागत, फ्रेट चार्ज, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स तथा तेल कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति का भी असर पड़ता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट आने के बावजूद खुदरा कीमतों में तुरंत कटौती होना जरूरी नहीं है।
डिस्क्लेमर
पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रतिदिन सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी की जाती हैं। वाहन में ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर के ताजा रेट की आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें।


