लगातार चार कारोबारी सत्रों तक तेजी दिखाने के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती मजबूती जरूर दिखाई, लेकिन कारोबार के आखिरी 35 मिनट में बिकवाली इतनी तेज हुई कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के चलते अंतिम घंटे में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे दिनभर की बढ़त पूरी तरह खत्म हो गई। इस गिरावट का असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा और बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹1.39 लाख करोड़ घट गया।
आखिरी 35 मिनट में बदला पूरा माहौल

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। सेंसेक्स इंट्राडे में 78,664.92 अंक तक पहुंच गया था, जबकि निफ्टी 24,530.90 के स्तर को छूने में सफल रहा। लेकिन वीकली एक्सपायरी के दौरान अंतिम 35 मिनट में तेज मुनाफावसूली और बिकवाली के कारण बाजार में दबाव बढ़ गया।
इंट्राडे हाई से सेंसेक्स करीब 634 अंक फिसल गया, जबकि निफ्टी भी 24,500 के ऊपर से टूटकर 24,400 के नीचे बंद हुआ।
Sensex-Nifty का क्लोजिंग लेवल
दिन के अंत में प्रमुख सूचकांक इस प्रकार बंद हुए—
- Sensex: 104.35 अंक (0.13%) गिरकर 78,180.72
- Nifty 50: 31.65 अंक (0.13%) टूटकर 24,398.70
आईटी सेक्टर ने संभालने की कोशिश, लेकिन नहीं बचा पाया बाजार

आज बाजार को सबसे ज्यादा सहारा आईटी शेयरों से मिला। कारोबार के दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 4% तक उछल गया था, हालांकि क्लोजिंग तक इसकी बढ़त घटकर ढाई फीसदी से भी कम रह गई।
दूसरी ओर, मेटल और रियल्टी सेक्टर में भारी बिकवाली देखने को मिली।
- निफ्टी मेटल इंडेक्स 1% से अधिक टूटा।
- निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.5% से ज्यादा फिसला।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव
बाजार की कमजोरी सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही।
- निफ्टी मिडकैप 100 लगभग 0.30% गिरा।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 0.55% कमजोर होकर बंद हुआ।
इससे साफ है कि व्यापक बाजार (Broad Market) में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की।
निवेशकों के ₹1.39 लाख करोड़ स्वाहा
बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप एक दिन पहले ₹4,81,50,174.78 करोड़ था, जो गुरुवार को घटकर ₹4,80,10,339.37 करोड़ रह गया।
यानी सिर्फ एक कारोबारी सत्र में निवेशकों की कुल संपत्ति में ₹1,39,835.41 करोड़ की कमी दर्ज की गई।
Sensex के 14 शेयर बढ़त में बंद
30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 14 शेयर हरे निशान में बंद हुए।
सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे—
- HCLTech
- Tech Mahindra
- Infosys
वहीं सबसे बड़ी गिरावट Trent के शेयर में दर्ज की गई।
बाजार की चौड़ाई रही कमजोर
बीएसई पर कुल 4,397 शेयरों में कारोबार हुआ।
- 1,599 शेयरों में तेजी रही।
- 2,633 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
- 165 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
- 147 शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचे।
- 73 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर आ गए।
- 5 शेयर अपर सर्किट और 9 शेयर लोअर सर्किट में बंद हुए।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार में लगातार चार दिनों की तेजी के बाद आई यह गिरावट फिलहाल मुनाफावसूली का संकेत मानी जा रही है। हालांकि आईटी सेक्टर में मजबूती बनी हुई है, लेकिन मेटल, रियल्टी और व्यापक बाजार में कमजोरी यह दर्शाती है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। आने वाले कारोबारी सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे और वैश्विक संकेत बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


