आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) थीम वाले शेयरों में मंगलवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। भारतीय बाजार में Netweb Technologies, Black Box, E2E Networks और Aeroflex Industries जैसे शेयरों में 10% तक की गिरावट दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह वैश्विक टेक शेयरों में आई कमजोरी, AI कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन और भविष्य की कमाई को लेकर बढ़ती चिंताएं रहीं। वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली, जिसका असर भारतीय AI स्टॉक्स पर भी पड़ा।
भारतीय AI शेयरों में क्यों आई गिरावट?
हाल के महीनों में AI से जुड़े शेयरों ने शानदार रिटर्न दिया था। लेकिन अब निवेशकों का फोकस इस बात पर है कि कंपनियां AI पर किए जा रहे भारी निवेश को वास्तविक मुनाफे में बदल पाएंगी या नहीं।
इसी चिंता के बीच मंगलवार को Netweb Technologies, Black Box, E2E Networks और Aeroflex Industries जैसे शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे AI शेयरों में मुनाफावसूली भी इस गिरावट की एक बड़ी वजह रही।
दुनिया भर के टेक शेयरों पर दबाव
एशियाई शेयर बाजार लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। MSCI Asia Pacific Index कारोबार के दौरान करीब 2.2% तक लुढ़क गया, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स लगभग 1.5% की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
यूरोप में भी टेक्नोलॉजी शेयर दबाव में रहे। STOXX Europe 600 Technology Index शुरुआती कारोबार में लगभग 2% टूट गया। हालांकि फ्रांस का CAC 40 इंडेक्स करीब 1% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
चिप कंपनियों में सबसे ज्यादा बिकवाली
सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला।
- ASML Holding के शेयर करीब 5% टूटे।
- Infineon Technologies में लगभग 5% की गिरावट आई।
- Aixtron और STMicroelectronics भी करीब 5% तक फिसले।
- BE Semiconductor Industries के शेयर 4% से अधिक टूट गए।
हालांकि सभी टेक कंपनियों में कमजोरी नहीं रही। SAP के शेयर लगभग 2.5% और Amadeus IT Group करीब 2% की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
Samsung और SK Hynix में भी भारी गिरावट
दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी Samsung Electronics के शेयरों में करीब 10% तक की गिरावट दर्ज की गई। यह तब हुआ जब कंपनी ने मुनाफे में 19 गुना वृद्धि की जानकारी दी थी।
वहीं SK Hynix के शेयर लगभग 6% टूट गए। इसके चलते Kospi Index पर भी दबाव बढ़ा और कारोबार के दौरान तेज गिरावट आने पर कुछ समय के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी।
AI सेक्टर को लेकर क्यों बढ़ रही है चिंता?
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक अब टेक्नोलॉजी शेयरों से पैसा निकालकर अन्य सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे हैं।
बाजार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर पर हो रहा भारी निवेश भविष्य में कंपनियों की कमाई पर कितना सकारात्मक असर डालेगा। यदि AI पर खर्च के मुकाबले अपेक्षित मुनाफा नहीं आता, तो मौजूदा ऊंचे वैल्यूएशन को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
इसके अलावा AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लगातार बढ़ रही उत्पादन क्षमता (Capacity Expansion) भी भविष्य में मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
माइकल बरी ने भी जताई चिंता
‘द बिग शॉर्ट’ से मशहूर निवेशक माइकल बरी ने भी मेमोरी चिप सेक्टर को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने Micron Technology के शेयरों में शॉर्ट पोजिशन ली है, जिससे संकेत मिलता है कि उन्हें इस सेक्टर में आगे गिरावट की आशंका है।
बरी का मानना है कि दक्षिण कोरिया में चिप निर्माण क्षमता तेजी से बढ़ रही है। यदि अगले साल DRAM चिप्स की सप्लाई बढ़ती है, तो मौजूदा कमी खत्म हो सकती है। इससे चिप्स की कीमतों और कंपनियों की कमाई दोनों पर दबाव आने की संभावना है।
फिलहाल Samsung Electronics, SK Hynix और Micron Technology वैश्विक DRAM बाजार के लगभग 90% हिस्से पर कब्जा रखते हैं। ऐसे में सप्लाई बढ़ने का असर पूरे उद्योग पर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि AI सेक्टर की लंबी अवधि की संभावनाएं अब भी मजबूत हैं, लेकिन निकट भविष्य में ऊंचे वैल्यूएशन वाले शेयरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को केवल AI थीम के आधार पर निवेश करने के बजाय कंपनियों की आय, ऑर्डर बुक, कैश फ्लो और बिजनेस ग्रोथ पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


