भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भले ही कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी अपनी शुरुआती बढ़त गंवा बैठे, लेकिन आईटी सेक्टर ने शानदार मजबूती दिखाई। जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजों से पहले निवेशकों ने आईटी कंपनियों के शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स दिन के दौरान करीब 3% तक उछल गया और अंत में 2.3% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे पूरे सेक्टर की दिशा तय कर सकते हैं। सबसे पहले देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी TCS 9 जुलाई को अपने जून तिमाही के नतीजे घोषित करेगी, जिस पर बाजार की खास नजर रहेगी।
इन आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
मंगलवार के कारोबार में कई प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
- TCS
- Infosys
- HCL Tech
- Tech Mahindra
- LTIMindtree
इन सभी शेयरों में 3.7% तक की तेजी दर्ज की गई। वहीं Persistent Systems का शेयर भी करीब 3.56% तक चढ़ गया।
जुलाई महीने की शुरुआत से ही आईटी सेक्टर में अच्छी रिकवरी देखने को मिल रही है। निफ्टी आईटी इंडेक्स इस महीने अब तक 6% से अधिक मजबूत हो चुका है, जबकि पिछले दो महीनों में इस सेक्टर में भारी गिरावट देखने को मिली थी।
Q1 रिजल्ट्स से बढ़ी निवेशकों की उम्मीद
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर के अनुसार, आईटी शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह जून तिमाही के नतीजों को लेकर बढ़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि वैश्विक जोखिम भावना (Global Risk Sentiment) में सुधार आया है और निवेशक फिर से मजबूत फंडामेंटल वाली आईटी कंपनियों की ओर लौट रहे हैं।
हालांकि पूरे बाजार में दोपहर बाद बिकवाली का दबाव देखने को मिला और सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद हुए, लेकिन आईटी सेक्टर ने अपनी मजबूती बरकरार रखी।
AI से डर नहीं, अब बन सकता है बड़ा अवसर
बीते एक साल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने भारतीय आईटी कंपनियों को लेकर कई तरह की चिंताएं पैदा की थीं। आशंका थी कि AI आधारित कोडिंग टूल्स पारंपरिक आईटी आउटसोर्सिंग मॉडल पर असर डाल सकते हैं, जिसके चलते आईटी शेयर दबाव में रहे।
लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है।
Morgan Stanley की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय आईटी कंपनियां AI क्रांति की सबसे बड़ी लाभार्थी बन सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर की कंपनियां AI आधारित एप्लिकेशन विकसित करने के लिए भारतीय आईटी कंपनियों की विशेषज्ञता का सहारा ले रही हैं। ऐसे में AI इन कंपनियों के लिए चुनौती नहीं बल्कि नए कारोबार और कमाई का बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
क्या TCS के नतीजे तय करेंगे सेक्टर की दिशा?
9 जुलाई को आने वाले TCS के जून तिमाही के नतीजों को पूरे आईटी सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा है। यदि कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहता है और प्रबंधन का आउटलुक सकारात्मक रहता है, तो इससे बाकी आईटी कंपनियों के शेयरों को भी समर्थन मिल सकता है।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञ अभी भी मानते हैं कि AI ट्रांजिशन और वैश्विक आईटी खर्च (IT Spending) की गति पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
बाजार की चाल
मंगलवार को शुरुआती बढ़त के बाद घरेलू शेयर बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली।
- सेंसेक्स 104 अंक (0.13%) गिरकर 78,189 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 31 अंक (0.13%) टूटकर बंद हुआ।
- बैंक निफ्टी भी लाल निशान में बंद हुआ।
- वहीं मिडकैप इंडेक्स में मजबूती बनी रही।
आईटी सेक्टर की मजबूती ने यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा एक बार फिर गुणवत्ता वाली टेक कंपनियों की ओर लौट रहा है। अब सभी की निगाहें TCS से शुरू होने वाले Q1 रिजल्ट सीजन पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में पूरे सेक्टर की दिशा तय कर सकता है।


