Gold Silver Price Forecast (March 2026): सोना और चांदी के बाजार में अगले सप्ताह ज्यादा हलचल की उम्मीद नहीं है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुएं फिलहाल सीमित दायरे (Range Bound) में कारोबार कर सकती हैं। निवेशकों की नजर खास तौर पर पश्चिम एशिया के तनाव और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।
बाजार की चाल किन कारकों पर निर्भर?
अगले सप्ताह सोने-चांदी की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टर:
- पश्चिम एशिया का भू-राजनीतिक तनाव
- अमेरिकी आर्थिक आंकड़े (रोजगार, खपत, विनिर्माण डेटा)
- यूरोजोन महंगाई आंकड़े
- डॉलर की मजबूती
- बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सभी संकेतों के आधार पर ही बाजार में तेजी या गिरावट तय होगी।
जेरोम पॉवेल के बयान रहेंगे अहम
Jerome Powell के आगामी बयान बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
- ब्याज दरों पर संकेत मिल सकता है
- मौद्रिक नीति (Monetary Policy) की दिशा साफ होगी
- इससे सोने-चांदी की मांग प्रभावित हो सकती है
पिछले हफ्ते का प्रदर्शन कैसा रहा?
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 2% गिरकर 4,492.5 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ
- चांदी हल्की बढ़त के साथ 69.79 डॉलर प्रति औंस रही
घरेलू बाजार (MCX)
- सोना: करीब ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम
- चांदी: ₹2.27 लाख प्रति किलो (₹1,182 की बढ़त)
सोने में गिरावट की वजह क्या रही?
विश्लेषकों के अनुसार सोने में हालिया गिरावट के पीछे ये कारण रहे:
- गोल्ड ETF निवेशकों की बिकवाली
- भौतिक मांग में कमी
- मजबूत डॉलर
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
चांदी को क्यों मिला सपोर्ट?
- अमेरिकी बाजार में कमजोरी से Safe Haven Demand बढ़ी
- लेकिन ऊंचे कच्चे तेल के दाम और बॉन्ड यील्ड ने तेजी को सीमित किया
रुपये की कमजोरी का असर
- भारतीय रुपया करीब 1% गिरकर ₹94.80 प्रति डॉलर पहुंचा
- इससे सोने-चांदी की कीमतों को कुछ सपोर्ट मिला
अगले हफ्ते किन चीजों पर रखें नजर?
- पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता या घटता है या नहीं
- अमेरिकी रोजगार और खपत के आंकड़े
- यूरोजोन महंगाई डेटा
- वैश्विक बाजारों की दिशा
इसके अलावा, घरेलू बाजार में ट्रेडिंग कम रहेगी क्योंकि:
- 31 मार्च: महावीर जयंती (मार्केट बंद)
- 3 अप्रैल: गुड फ्राइडे (मार्केट बंद)
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
- बाजार फिलहाल स्थिर रह सकता है
- बड़े मूव के लिए ग्लोबल संकेतों का इंतजार
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सावधानी बरतनी चाहिए
- लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट में अवसर तलाश सकते हैं
निष्कर्ष
पश्चिम एशिया संकट और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बीच सोना-चांदी की कीमतें अगले सप्ताह सीमित दायरे में रह सकती हैं। निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहने और बड़े फैसले लेने से पहले वैश्विक संकेतों को समझने का है।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न मानें। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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