RVNL Share Price | SBI Cards Share Price | 52 Week Low Stocks
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच कुछ ऐसे शेयर भी हैं जिनमें निवेशकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार, 8 जून को रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और SBI Cards & Payment Services के शेयरों ने 52 सप्ताह का नया निचला स्तर छू लिया। दोनों कंपनियों के शेयरों में जनवरी 2026 से लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है, जिसके कारण निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी रेलवे कंपनियों और वित्तीय सेवा क्षेत्र के कुछ शेयरों में पिछले वर्षों की तेज रैली के बाद अब मुनाफावसूली और वैल्यूएशन संबंधी दबाव देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि RVNL और SBI Cards जैसे शेयरों में लगातार कमजोरी बनी हुई है।
52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचे दोनों शेयर
सोमवार के कारोबारी सत्र में SBI Cards के शेयर गिरकर करीब 580 रुपये तक पहुंच गए, जो पिछले 52 सप्ताह का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। वहीं रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) का शेयर भी गिरकर लगभग 230 रुपये तक पहुंच गया।
52 सप्ताह का निचला स्तर किसी भी शेयर के लिए निवेशकों की धारणा को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। जब कोई शेयर लगातार अपने निचले स्तरों की ओर बढ़ता है तो यह दर्शाता है कि बाजार में उस स्टॉक को लेकर फिलहाल खरीदारी का उत्साह कम है और बिकवाली का दबाव अधिक है।
SBI Cards के निवेशकों को बड़ा झटका
क्रेडिट कार्ड और डिजिटल भुगतान सेवाएं प्रदान करने वाली SBI Cards के शेयर इस साल निवेशकों के लिए निराशाजनक साबित हुए हैं। जनवरी 2026 में यह शेयर करीब 861 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसके बाद लगातार कमजोरी देखने को मिली और अब इसका भाव लगभग 580 रुपये तक फिसल गया है।
इस प्रकार वर्ष 2026 में अब तक SBI Cards के शेयर में करीब 32 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। जिन निवेशकों ने साल की शुरुआत में इस शेयर में निवेश किया था, उन्हें अपने निवेश का लगभग एक-तिहाई हिस्सा गंवाना पड़ा है।
विश्लेषकों का कहना है कि उपभोक्ता ऋण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने, खर्च नियंत्रण और बाजार की कमजोर धारणा जैसे कई कारण इस गिरावट के पीछे हो सकते हैं। हालांकि कंपनी का बिजनेस मॉडल अभी भी मजबूत माना जाता है, लेकिन शेयर बाजार में फिलहाल निवेशकों का रुझान कमजोर बना हुआ है।
RVNL में भी जारी है दबाव
रेल मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी RVNL भी निवेशकों को निराश कर रही है। जनवरी 2026 में यह शेयर करीब 359 रुपये के स्तर पर था, जबकि अब इसका भाव गिरकर लगभग 230 रुपये रह गया है।
यानी इस साल अब तक RVNL के शेयर में करीब 35 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। खास बात यह है कि वर्ष 2024 में इस शेयर ने लगभग 647 रुपये का रिकॉर्ड उच्च स्तर बनाया था। उस समय रेलवे सेक्टर में निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिली थी और कई रेलवे शेयरों ने मल्टीबैगर रिटर्न दिए थे।
हालांकि रिकॉर्ड हाई के बाद से इस शेयर में लगातार दबाव बना हुआ है। वर्तमान स्तर पर शेयर अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
रेलवे शेयरों में क्यों आई कमजोरी?
रेलवे सेक्टर के कई शेयरों में पिछले दो वर्षों के दौरान असाधारण तेजी देखने को मिली थी। RVNL, IRFC, IRCON और RailTel जैसी कंपनियों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था। लेकिन जब किसी सेक्टर में तेजी बहुत अधिक हो जाती है तो वैल्यूएशन भी ऊंचे स्तर पर पहुंच जाते हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक अब रेलवे शेयरों में मुनाफावसूली कर रहे हैं। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और व्यापक बाजार कमजोरी का असर भी रेलवे सेक्टर के शेयरों पर दिखाई दे रहा है।
हालांकि सरकार द्वारा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार निवेश जारी है और आने वाले वर्षों में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम होने की संभावना है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों की नजर अब भी इस सेक्टर पर बनी हुई है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
किसी भी शेयर में लगातार गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन केवल कीमत गिरने के आधार पर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, ऑर्डर बुक, कमाई की संभावनाओं और उद्योग की स्थिति का विश्लेषण करना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में अस्थिरता के दौरान धैर्य बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। जिन निवेशकों का नजरिया लंबी अवधि का है, उन्हें किसी भी निर्णय से पहले कंपनी के मूलभूत आंकड़ों का मूल्यांकन करना चाहिए।
आगे कैसी रह सकती है चाल?
SBI Cards और RVNL दोनों शेयर फिलहाल तकनीकी रूप से कमजोर ट्रेंड में दिखाई दे रहे हैं। यदि बाजार में बिकवाली जारी रहती है तो इन शेयरों पर और दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं सकारात्मक कारोबारी अपडेट, मजबूत तिमाही नतीजे या बाजार में सुधार आने पर इनमें रिकवरी भी संभव है।
निवेशकों की नजर अब आने वाले तिमाही परिणामों, कंपनी प्रबंधन की रणनीति और बाजार की समग्र दिशा पर बनी रहेगी। फिलहाल दोनों शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचकर निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।)


