नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, अमेरिका-ईरान तनाव और डॉलर की मजबूती के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिल्ली सर्राफा बाजार में जहां सोने के दाम फिसल गए, वहीं चांदी में पहले तेजी और बाद में एमसीएक्स पर भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की अगली नीति पर टिकी हुई है, जिसका असर आने वाले दिनों में बुलियन मार्केट पर साफ दिखाई दे सकता है।
भारतीय बाजार में पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है। इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश में हैं, लेकिन डॉलर मजबूत होने से सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ रही है।
दिल्ली सर्राफा बाजार में क्या रहा हाल?
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 2,800 रुपये टूटकर 1,62,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। चांदी 2,000 रुपये बढ़कर 2,73,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। इससे पहले इसका बंद भाव 2,71,000 रुपये प्रति किलो था।
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू सर्राफा बाजार में ज्वेलर्स की मांग और निवेशकों की खरीदारी के कारण चांदी को सपोर्ट मिला, लेकिन वायदा बाजार में बिकवाली का दबाव अधिक रहा।
एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों टूटे
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार रात तक दोनों कीमती धातुओं में भारी गिरावट दर्ज की गई।
एमसीएक्स अपडेट
| धातु | कीमत | गिरावट |
|---|---|---|
| सोना | ₹1,57,802 प्रति 10 ग्राम | ₹1,279 नीचे |
| चांदी | ₹2,70,761 प्रति किलो | ₹5,955 नीचे |
विश्लेषकों के मुताबिक, वायदा बाजार में मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण यह गिरावट देखने को मिली।
IBJA के मुताबिक क्या हैं नए रेट?
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, बाजार बंद होने तक:
- 24 कैरेट सोना: ₹1,57,610 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹1,53,830 per 10 ग्राम
इन कीमतों में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के अनुसार अंतिम कीमतों में बदलाव हो सकता है।
आज आपके शहर में सोने का रेट
प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के दाम
| शहर | 24K | 22K | 18K |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,59,040 | ₹1,45,800 | ₹1,19,320 |
| मुंबई | ₹1,58,890 | ₹1,45,650 | ₹1,19,170 |
| कोलकाता | ₹1,58,890 | ₹1,45,650 | ₹1,19,170 |
| चेन्नई | ₹1,60,690 | ₹1,47,300 | ₹1,23,600 |
| लखनऊ | ₹1,59,040 | ₹1,45,800 | ₹1,19,320 |
| कानपुर | ₹1,59,040 | ₹1,45,800 | ₹1,19,320 |
| पटना | ₹1,58,940 | ₹1,45,700 | ₹1,19,220 |
| जयपुर | ₹1,59,040 | ₹1,45,800 | ₹1,19,320 |
| इंदौर | ₹1,58,940 | ₹1,45,700 | ₹1,19,220 |
| भोपाल | ₹1,58,940 | ₹1,45,700 | ₹1,19,220 |
स्रोत: गुडरिटर्न्स
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों आई कमजोरी?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड लगभग 1 फीसदी गिरकर 4,534.69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर भी 2 फीसदी से ज्यादा टूटकर 76.49 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशकों का रुख डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड की तरफ बढ़ा है। डॉलर मजबूत होने से सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग कमजोर पड़ती है।
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट?
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, बाजार फिलहाल बेहद सतर्क स्थिति में है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं मिलने से निवेशक बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।
उनके मुताबिक कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, ट्रेजरी यील्ड, फेडरल रिजर्व की नीति इन सभी फैक्टर्स पर बाजार की नजर बनी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है तो महंगाई का दबाव कम हो सकता है, जिससे सोने और चांदी को सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन यदि तनाव बढ़ता है तो डॉलर मजबूत होगा और बुलियन मार्केट पर दबाव बढ़ सकता है।
आगे क्या रह सकते हैं संकेत?
LKP सिक्योरिटीज के VP रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के कोर PCE महंगाई आंकड़ों और GDP डेटा पर है। ये आंकड़े तय करेंगे कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर कितना सख्त रुख अपनाता है।
अगर अमेरिकी महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो:
- ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं
- डॉलर मजबूत हो सकता है
- सोना और चांदी दबाव में आ सकते हैं
वहीं यदि महंगाई में नरमी आती है तो बुलियन मार्केट को सपोर्ट मिल सकता है।
क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि शादी और त्योहारों के सीजन को देखते हुए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है। हालांकि शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
जिन निवेशकों का नजरिया लंबी अवधि का है, वे SIP मोड में गोल्ड खरीद सकते हैं, गोल्ड ETF या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर नजर रख सकते हैं, एकमुश्त बड़ी खरीदारी से फिलहाल बच सकते हैं.
निष्कर्ष
सोने और चांदी की कीमतों में फिलहाल वैश्विक घटनाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर की मजबूती और फेड की नीति को लेकर अनिश्चितता के कारण बुलियन मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और भू-राजनीतिक घटनाएं तय करेंगी कि सोना और चांदी नई तेजी पकड़ेंगे या दबाव में बने रहेंगे।
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