यूट्यूबर ध्रुव राठी ने रणवीर सिंह की फिल्म धुरन्धर पर फॉल्स प्रॉपगैंडा का आरोप लगाया। पढ़िए विवाद, प्रतिक्रियाएँ, और फिल्म की बॉक्स ऑफिस स्थिति।
🎥 धुरन्धर पर विवाद: क्या कहा ध्रुव राठी ने?
लोकप्रिय यूट्यूबर और राजनीतिक टिप्पणीकार ध्रुव राठी ने हाल ही में रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म धुरन्धर को “false propaganda” (झूठा प्रचार) कहकर सोशल मीडिया और यूट्यूब पर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। यह बयान तब आया जब फिल्म रिलीज़ के सिर्फ 16 दिनों में दुनिया भर में लगभग ₹800 करोड़ से ऊपर के कलेक्शन के करीब पहुँच रही थी — एक अभूतपूर्व व्यवसायिक सफलता।
📍 ध्रुव राठी की मुख्य आलोचना
ध्रुव राठी ने एक लगभग 30 मिनट के वीडियो में निर्देशक आदित्य धर पर आरोप लगाया कि उन्होंने धुरन्धर में वास्तविक घटनाओं और हिंसा को राजनीतिक संदेश के साथ मिलाकर प्रस्तुत किया है। राठी के अनुसार:
✔ फिल्म fiction / inspired by real events होने का दावा करती है, पर यह वास्तविक घटनाओं के साथ राजनीतिक संदेश जोड़ती है।
✔ उन्होंने फिल्म में दिखाई गई हिंसा और हिंसात्मक दृश्यों को भी सेन्सेशनलाइज़ किया गया बताया।
✔ राठी ने यह तर्क दिया कि अगर वास्तविक फुटेज, घटनाएँ और संवाद इस्तेमाल किए जाएँ, तो दर्शक फिक्शन और रियलिटी में अंतर नहीं समझ पाएंगे, जिससे संदेश अधिक प्रभावशाली बन जाएगा।
इन आलोचनाओं ने फिल्म के आसपास एक बड़ा बहस चक्र शुरू कर दिया।
🔥 वायरल प्रतिक्रियाएँ और इंटरनेट पर हंगामा
ध्रुव राठी के वीडियो पर YouTube ने उसी वीडियो पर धुरन्धर का विज्ञापन भी दिखा दिया, जिससे सोशल मीडिया पर मज़ाक और तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। लोगों ने इस स्थिति को “He is cooked” जैसे व्यंग्यात्मक ट्वीट्स के साथ शेयर किया। Indiatimes
कुछ लोगों ने राठी के वीडियो पर आलोचना की है कि वह केवल ध्यान आकर्षित करने के लिए विवाद खड़ा कर रहे हैं, जबकि कुछ दर्शकों ने उनके कुछ बिंदुओं पर सहमति भी जताई है, खासकर जब फिल्म वास्तविक घटनाओं के साथ राजनीतिक संदेश जोड़ती प्रतीत होती है। Reddit
💬 फिल्म के कुछ कलाकारों का जवाब
ध्रुव राठी का आरोप जारी रहने के बीच, फिल्म के कलाकारों ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है।
🎬 अंकित सागर ने कहा कि फिल्म की कहानी उस समय की वास्तविक परिस्थितियों से प्रेरित है, और इसे सिर्फ राजनीतिक संदेश के रूप में नहीं देखना चाहिए।
🎬 डेनिश पांडोर ने इस बहस को “सब्जेक्टिव” बताया और कहा कि फिल्म का सबसे बड़ा प्रभाव सहानुभूति और मानवीय भावनाओं पर आधारित है, ना कि केवल किसी राजनीतिक एजेंडा पर।
📊 धुरन्धर की बॉक्स ऑफिस प्रभाव
जबकि विवाद जारी है, धुरन्धर ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है:
📈 फिल्म ने सिर्फ 16 दिनों में लगभग ₹800 करोड़ का वैश्विक संग्रह हासिल किया — जो इसे इस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बनाता है। The Indian Express
इंटरनेट पर धुरन्धर के चरित्रों के बारे में मेमे और कॉमिक प्रतिक्रियाएँ भी वायरल हो रही हैं, खासकर रणवीर सिंह के किरदार को लेकर। The Times of India
📌 इस बहस के दोनों पक्ष
✔ ध्रुव राठी का पक्ष:
उनका कहना है कि फिल्म फिक्शन होते हुए भी वास्तविक घटनाओं पर आधारित सामग्री दिखाकर दर्शकों के मन में एक राजनीतिक संदेश स्थापित कर सकती है, जो आलोचना का विषय है। mint
✔ फिल्म के समर्थकों का पक्ष:
दर्शकों और कुछ कलाकारों ने कहा है कि यह सिर्फ एंटरटेनमेंट फिल्म है और इसे सरल मनोरंजन के नजरिए से देखा जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत राजनीतिक संदेश के रूप में। Moneycontrol
🎯 निष्कर्ष
रणवीर सिंह की धुरन्धर न केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार सफलता पा रही है, बल्कि इसने बॉलीवुड में एक बड़ी सामाजिक और राजनीतिक बहस भी खड़ी कर दी है। जहाँ कुछ लोगों का मानना है कि फिल्म ने वास्तविक घटनाओं को राजनीतिक रूप से पेश किया है, वहीं कई दर्शक और कलाकार इसे एक सशक्त और भावनात्मक कहानी के तौर पर देखते हैं।
चाहे आप फिल्म के आलोचक हों या प्रशंसक, धुरन्धर ने निश्चित रूप से 2025 के सबसे चर्चित फिल्मों में अपनी पहचान बना ली है।
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