MGNREGA अब बदलकर VB-G RAM G Act, 2025 बन चुकी है। इसमें नाम हटना, 125 दिन रोजगार की गारंटी, नई फंडिंग पॉलिसी और ग्रामीण विकास मॉडल शामिल हैं। जानिए क्या बदल गया।
🌾 MGNREGA का नया रूप — अब VB-G RAM G!

भारत सरकार ने दिसंबर 2025 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को Viksit Bharat-Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) — यानी VB-G RAM G Act, 2025 से बदल दिया है। इस परिवर्तन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हस्ताक्षर देकर कानून का दर्जा दे दिया है, जो ग्रामीण रोजगार, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को फिर से परिभाषित करता है।
यह बदलाव सिर्फ़ नाम बदलने जैसा नहीं है — इसमें नीचे दिए गए चार मुख्य क्षेत्रों में बड़े बदलाव किए गए हैं:
🧑🌾 1. नाम से हट गया ‘महात्मा गांधी’, क्यों हुआ विवाद?
सबसे ज़्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि नए कानून में ‘महात्मा गांधी’ का नाम पूरी तरह हटा दिया गया है — जो MGNREGA का नाम पहले था। इस कदम पर कांग्रेस और विरोधी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, इसे गांधी जी के आदर्शों का अपमान बताया है।
विरोधियों का कहना है कि ये केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि इतिहास और सरकारी जीवन सुरक्षा मॉडल में बदलाव का प्रतीक है, क्योंकि MGNREGA हमेशा गांधी-जनता के बीच जुड़ी सरकारी योजना के तौर पर जानी जाती थी।
📅 2. रोजगार गारंटी अब 100 से बढ़कर 125 दिनों की
VB-G RAM G Act के तहत अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को हर वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी — जबकि MGNREGA में यह केवल 100 दिन तय था। इससे ग्रामीण मजदूरों के पास साल भर अधिक आय सुरक्षित होगी।
यह कदम सरकार के ग्रामीण आजीविका समर्थन और रोजगार सुरक्षा के लक्ष्य को सुदृढ़ करने के लिए लिया गया है, जो Viksit Bharat @2047 विज़न से जुड़ा हुआ है।
💰 3. फंडिंग मॉडल में बड़ा बदलाव — केंद्र-राज्य साझेदारी
MGNREGA में पहले केंद्र सरकार पूरे वेतन लागत को 100% कवर करती थी, जिससे राज्य सरकारों पर बोझ कम रहता था। VB-G RAM G के तहत फंडिंग का अनुपात 60:40 (केंद्र:राज्य) रख दिया गया है, यानी अब राज्यों को भी 40% खर्च वहन करना होगा।
यह बदलाव केंद्रीय और राज्य सरकार के बीच साझा जिम्मेदारी मॉडल को बढ़ावा देगा, लेकिन कई राज्यों का कहना है कि इससे राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा और गरीब क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को कमजोर कर सकता है। The Times of India
🏗️ 4. ग्रामीण कामों की प्राथमिकता और संरचना बदल गई
VB-G RAM G Act में अब रोजगार से जुड़े कामों की सीमित श्रेणियाँ निर्धारित की गई हैं।
अब केवल नीचे दिए चार प्रमुख क्षेत्रों में ही रोजगार उत्पन्न कार्यों की अनुमति है:
✔ जल सुरक्षा (Water Security)
✔ मूल ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर
✔ आजीविका से संबंधित संपत्तियाँ
✔ जलवायु-प्रतिरोधी परियोजनाएँ
सरकार का कहना है कि इससे गुणवत्ता और दीर्घकालिक प्रभाव वाली संपत्तियाँ बनी रहेंगी।
🔎 VB-G RAM G पर विरोध और समर्थन — दो धारणाएँ
❗ विरोधी दलों की राय
• नाम हटाना गांधी जी के आदर्शों का अपमान है। Hindustan Times
• रोजगार की प्रति-परिवार गारंटी अब सीमित संसाधन और normative allocation प्रणाली पर आधारित हो सकती है, जिससे मांग-आधारित अधिकार कमजोर हो सकते हैं। mint
• राज्यों के लिए बड़ा वित्तीय बोझ। The Times of India
✅ सरकार और समर्थकों का पक्ष
• 125 दिनों की गारंटी बेरोज़गार ग्रामीणों के लिए बेहतर है।
• केंद्र-राज्य साझेदारी से सहकारी federalism को बल मिलेगा।
• योजनाओं में पारदर्शिता और दृष्टिकोण आधारित कार्यों का समावेश रहेगा। The New Indian Express
📌 निष्कर्ष

VB-G RAM G Act, 2025 एक महत्वपूर्ण नीति बदलाव है जिसमें ग्रामीण रोजगार, आजीविका और बुनियादी ढांचे के लिए देश की सबसे बड़ी सरकारी योजना को एक नए कानूनी ढांचे में बदल दिया गया है।
✔ रोजगार गारंटी अब बढ़कर 125 दिन हो गई है।
✔ नाम के हटने से राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएँ तेज़ हैं।
✔ फंडिंग मॉडल बदल गया और राज्यों की भागीदारी बढ़ी है।
✔ योजना के कार्यों और प्राथमिकताओं को नया स्वरूप मिला है। The New Indian Express
यह बदलाव MGNREGA की तुलना में एक आधुनिक, योजनाबद्ध और केंद्र-राज्य सहभागिता आधारित रोजगार ढांचा का प्रारंभिक रूप माना जा रहा है — जिसे आने वाले महीनों और वर्षों में जमीन पर लागू करते हुए देखा जाएगा।
Also Read;


