Silver Gold Price Today: मंगलवार, 11 अगस्त को कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है। MCX पर जहां सोने के भाव में तेजी बनी हुई है, वहीं चांदी दबाव में कारोबार कर रही है। डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और ग्लोबल मार्केट के सकारात्मक संकेतों से सोने को सहारा मिला है। दूसरी तरफ कच्चे तेल और नैचुरल गैस में भी तेजी देखने को मिल रही है।
सुबह करीब 11:15 बजे MCX पर अक्टूबर एक्सपायरी वाला सोना 538 रुपये यानी 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 1,53,700 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, सितंबर वायदा चांदी 1,480 रुपये यानी 0.62 फीसदी की गिरावट के साथ करीब 2,35,300 रुपये पर ट्रेड कर रही थी।
सोने-चांदी की चाल पर डॉलर का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स में नरमी का असर कीमती धातुओं पर देखने को मिल रहा है। डॉलर कमजोर होने पर दूसरी करेंसी में कारोबार करने वाले निवेशकों के लिए सोना और चांदी अपेक्षाकृत सस्ते हो जाते हैं। इससे इनकी मांग को सपोर्ट मिल सकता है।
इसके अलावा ग्लोबल मार्केट के सकारात्मक संकेत भी बुलियन मार्केट के लिए मददगार बने हुए हैं। हालांकि, आने वाले दिनों में अमेरिका से मिलने वाले महंगाई के आंकड़े सोने की दिशा के लिए काफी अहम रहेंगे।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर
LKP Securities के जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिका के रिटेल महंगाई यानी CPI आंकड़ों पर निवेशकों की नजर रहेगी। यह आंकड़ा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगे की ब्याज दर नीति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
अगर अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहते हैं तो सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। इसके उलट, अगर CPI आंकड़े अनुमान से ज्यादा आते हैं तो डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में सोने में मुनाफावसूली का दबाव बढ़ सकता है।
सोने के लिए क्या हैं अहम स्तर?
तकनीकी नजरिए से MCX गोल्ड के लिए 1,50,000 से 1,54,000 रुपये की रेंज महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले कारोबारी सत्रों में इस दायरे के आसपास सोने की चाल पर नजर रखनी होगी।
चांदी में क्यों दिख रही कमजोरी?
सोने के मुकाबले मंगलवार को चांदी में कमजोरी देखने को मिली। MCX पर सितंबर वायदा चांदी करीब 0.62 फीसदी नीचे कारोबार कर रही थी। चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग और ग्लोबल कमोडिटी मार्केट की दिशा का भी असर पड़ता है।
ऐसे में निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी या गिरावट के आधार पर फैसला लेने के बजाय डॉलर, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल पर नजर रखनी चाहिए।
दूसरी कमोडिटीज का हाल
कीमती धातुओं के अलावा मंगलवार को दूसरी कमोडिटीज में भी हलचल देखने को मिली।
MCX कॉपर: सितंबर वायदा करीब 2.15 रुपये यानी 0.16 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 1,380 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था।
MCX क्रूड ऑयल: अगस्त वायदा करीब 71 रुपये यानी 0.91 फीसदी की तेजी के साथ 7,875 रुपये के आसपास पहुंच गया था।
MCX नैचुरल गैस: अगस्त वायदा करीब 0.70 फीसदी की बढ़त के साथ 266.70 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था।
ELECDMBL: अगस्त वायदा करीब 73 रुपये यानी 1.59 फीसदी की तेजी के साथ 4,676 के आसपास कारोबार करता दिखा।
क्रूड ऑयल में तेजी की क्या वजह है?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अनिश्चितता ने बाजार की चिंता बढ़ाई है। ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दिए गए बयानों के कारण भी तेल बाजार में जोखिम बढ़ा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इसलिए इससे जुड़ी किसी भी तरह की भू-राजनीतिक हलचल का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
गोल्ड और नैचुरल गैस में ट्रेडिंग कॉल
कमोडिटी मार्केट में आज के ट्रेडिंग सेटअप को लेकर रिसर्च एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने गोल्ड और नैचुरल गैस में मौके बताए हैं।
MCX Gold
अनुज गुप्ता के मुताबिक, MCX गोल्ड को करीब 1,52,500 रुपये के आसपास खरीदने पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए 1,51,850 रुपये का स्टॉप लॉस और 1,54,000 रुपये का टारगेट बताया गया है।
MCX Natural Gas
नैचुरल गैस में 263 रुपये के आसपास खरीदारी की सलाह दी गई है। इसमें 256 रुपये का स्टॉप लॉस और 275 रुपये का टारगेट रखा गया है।
ध्यान रखें कि ये ट्रेडिंग कॉल बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और तकनीकी स्तरों पर आधारित हैं। कमोडिटी मार्केट में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है, इसलिए किसी भी ट्रेड से पहले जोखिम और अपनी निवेश क्षमता को जरूर ध्यान में रखें।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
आज के कारोबार में सोने की दिशा तय करने में अमेरिकी CPI आंकड़े, डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड की भूमिका अहम हो सकती है। वहीं, चांदी में औद्योगिक मांग और ग्लोबल कमोडिटी सेंटीमेंट का असर देखने को मिल सकता है।
अगर महंगाई के आंकड़े नरम रहते हैं और डॉलर पर दबाव बना रहता है, तो सोने को आगे भी सपोर्ट मिल सकता है। दूसरी ओर, मजबूत अमेरिकी महंगाई आंकड़े कीमती धातुओं में मुनाफावसूली का कारण बन सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दिए गए ट्रेडिंग लेवल और एक्सपर्ट की राय केवल जानकारी के उद्देश्य से हैं। कमोडिटी मार्केट में जोखिम काफी अधिक होता है और कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव हो सकता है। निवेश या ट्रेडिंग का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश निर्णय से होने वाले लाभ या नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।


