Diamond State Summit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूज18 इंडिया के खास कार्यक्रम ‘डायमंड स्टेट्स समिट’ में प्रदेश के युवाओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के युवा प्रतिभाशाली हैं और उन्हें सही अवसर व मार्गदर्शन देकर आगे बढ़ाया जा सकता है। सीएम योगी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर स्किल डेवलपमेंट, AI, स्पेस टेक्नोलॉजी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूज18 इंडिया के ‘डायमंड स्टेट्स समिट’ कार्यक्रम में प्रदेश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि युवा किसी भी देश और प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। अगर युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा, आधुनिक शिक्षा और बेहतर अवसर मिलें, तो वे न केवल अपने भविष्य को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और विकास को भी नई गति दे सकते हैं।
सीएम योगी ने खास तौर पर उत्तर प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश देश की सबसे युवा आबादी वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि यूपी के युवाओं में क्षमता की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उचित संसाधन और अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।
युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिल रही कोचिंग
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, योजना का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर देना है, जो UPSC, UPPSC, NEET, IIT-JEE जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यमों से कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
सीएम योगी ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुके लोग भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि UPSC परीक्षा पास कर चुके अधिकारी और अन्य अनुभवी लोग युवाओं के साथ अपना अनुभव साझा कर रहे हैं। कई मामलों में ऐसे अधिकारी कम से कम एक घंटे का समय विद्यार्थियों को देते हैं, ताकि उन्हें परीक्षा की तैयारी, रणनीति और विषयों को समझने में मदद मिल सके।
इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि विद्यार्थियों को केवल किताबों और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें उन लोगों से सीखने का अवसर मिलता है, जो खुद इन प्रतियोगी परीक्षाओं की कठिन प्रक्रिया से गुजर चुके हैं।
‘हमारे युवा प्रतिभाशाली हैं’, Gen-Z पर CM योगी का भरोसा
डायमंड स्टेट्स समिट में सीएम योगी ने Gen-Z युवाओं को लेकर भी सकारात्मक बात कही। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नई तकनीक को तेजी से अपनाती है और उसके पास सीखने की क्षमता बहुत अधिक है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की युवा आबादी को ध्यान में रखते हुए सरकार शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट पर भी जोर दे रही है। उनका कहना था कि आने वाले समय में सिर्फ पारंपरिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि युवाओं को नई तकनीकों और बदलती इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक कौशल हासिल करना होगा।
यही वजह है कि प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट सेंटरों के जरिए युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इन केंद्रों में युवाओं को मौजूदा समय की जरूरत के अनुसार विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है।
AI और स्पेस टेक्नोलॉजी की शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना जरूरी है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्पेस टेक्नोलॉजी और दूसरी आधुनिक तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को इन क्षेत्रों की जानकारी और प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
आज AI तेजी से शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग, मीडिया और दूसरे क्षेत्रों को बदल रहा है। ऐसे में युवाओं के लिए इन तकनीकों को समझना और इनके इस्तेमाल का कौशल विकसित करना रोजगार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गया है।
सीएम योगी का जोर इसी बात पर रहा कि प्रदेश के युवाओं को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार किया जाए। इसके लिए पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान को भी महत्व दिया जा रहा है।
प्रोजेक्ट अलंकार से सरकारी इंटर कॉलेजों में बदलाव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रोजेक्ट अलंकार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश के सरकारी इंटर कॉलेजों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में सुधार किया गया है।
सरकारी स्कूल और इंटर कॉलेज बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में इन संस्थानों में बेहतर भवन, सुविधाएं और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना शिक्षा की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि ग्रामीण और छोटे शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक माहौल मिले। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने खास तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी युवा आबादी रहती है और पिछले कुछ वर्षों में यहां काफी बदलाव देखने को मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र पहले की तुलना में काफी आगे बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि वह केवल आंकड़ों के आधार पर बदलाव की बात नहीं कर रहे हैं। उनके अनुसार, जब आम लोग अपनी आंखों से विकास और बदलाव को महसूस करते हैं, तो उससे जमीनी स्तर पर हुए परिवर्तन का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों के कारण चर्चा में रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में नए शैक्षणिक संस्थानों और दूसरी सुविधाओं के विस्तार को युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा सकता है।
गोरखपुर से मिर्जापुर तक नए विश्वविद्यालयों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार का उदाहरण देते हुए नए विश्वविद्यालयों की स्थापना का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक उत्तर प्रदेश में काशी और प्रयागराज जैसे कुछ प्रमुख क्षेत्रों को छोड़कर अन्य इलाकों में विश्वविद्यालयों की संख्या सीमित थी। लेकिन पिछले वर्षों में कई नए क्षेत्रों में विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं।
सीएम योगी ने गोरखपुर, आजमगढ़, बलरामपुर और मिर्जापुर में स्थापित किए गए नए विश्वविद्यालयों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना भी की गई है।
सरकार का तर्क है कि विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार होने से विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र के आसपास उच्च शिक्षा हासिल करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इससे उन विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकता है, जिन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाने में आर्थिक या अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
युवाओं को स्थानीय स्तर पर मिलेंगे ज्यादा अवसर
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में उच्च शिक्षा के संस्थानों का अलग-अलग क्षेत्रों में विस्तार युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी क्षेत्र में विश्वविद्यालय की स्थापना सिर्फ विद्यार्थियों को डिग्री हासिल करने का अवसर नहीं देती, बल्कि उसके आसपास शिक्षा, रोजगार, शोध और अन्य गतिविधियों का इकोसिस्टम भी विकसित हो सकता है।
विश्वविद्यालयों के साथ कॉलेजों, हॉस्टल, लाइब्रेरी, कोचिंग और दूसरी शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार भी होता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना रहती है।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में इसी व्यापक बदलाव की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा है और सरकार की कोशिश है कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाए।
NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं के संदर्भ में बयान क्यों अहम?
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं और परीक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं के बीच काफी चर्चा है। हाल के दिनों में NEET-UG 2026 से जुड़े विवादों को लेकर भी छात्रों और युवा समूहों की ओर से प्रदर्शन किए गए हैं।
ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी तैयारी व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे वे महंगी निजी कोचिंग पर पूरी तरह निर्भर न रहें। खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और छोटे शहरों या ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्तर पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की सुविधाएं उपयोगी हो सकती हैं।
शिक्षा के साथ स्किल डेवलपमेंट भी जरूरी
सीएम योगी के संबोधन का एक बड़ा संदेश यह रहा कि युवाओं के भविष्य के लिए केवल डिग्री आधारित शिक्षा पर्याप्त नहीं है। रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए युवाओं को तकनीकी और व्यावहारिक कौशल से लैस करना भी जरूरी है।
AI, स्पेस टेक्नोलॉजी और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग बढ़ सकती है।
उत्तर प्रदेश में बड़ी युवा आबादी को देखते हुए यह सरकार के लिए भी एक बड़ा अवसर है। अगर युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उद्योग की जरूरत के मुताबिक स्किल उपलब्ध कराई जाती है, तो इससे रोजगार और उद्यमिता दोनों को बढ़ावा मिल सकता है।
CM योगी का संदेश—युवाओं को अवसर देना सबसे जरूरी
डायमंड स्टेट्स समिट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का मुख्य फोकस युवाओं को अवसर देने पर रहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा प्रतिभाशाली हैं और उन्हें सही दिशा देने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, स्किल डेवलपमेंट सेंटरों के जरिए तकनीकी प्रशिक्षण, AI और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक शिक्षा तथा विश्वविद्यालयों के विस्तार को उन्होंने युवाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों से जोड़ा।
कुल मिलाकर, सीएम योगी का संदेश स्पष्ट रहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी युवा आबादी को राज्य की ताकत में बदलने के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों का विस्तार जरूरी है। आने वाले समय में इन पहलों का वास्तविक असर इस बात से तय होगा कि कितने युवाओं को बेहतर शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और रोजगार के नए अवसर मिलते हैं।


