Fractal Analytics Share Price: फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयरों में मंगलवार, 11 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। इंट्राडे कारोबार में कंपनी का शेयर करीब 5 फीसदी तक चढ़ गया। शेयर में यह तेजी Kotak Institutional Equities की ओर से स्टॉक पर Buy रेटिंग दिए जाने और ₹1,000 का टारगेट प्राइस तय किए जाने के बाद आई है। ब्रोकरेज के मुताबिक, सोमवार की क्लोजिंग कीमत के मुकाबले शेयर में करीब 24 फीसदी तक की तेजी की गुंजाइश है।
फ्रैक्टल एनालिटिक्स इस साल शेयर बाजार में लिस्ट हुई नई कंपनियों में शामिल है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करती है। ऐसे समय में जब दुनिया भर की कंपनियां AI आधारित टेक्नोलॉजी और डेटा-ड्रिवन बिजनेस मॉडल पर अपना खर्च बढ़ा रही हैं, ब्रोकरेज को फ्रैक्टल के कारोबार में आगे मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।
₹1,000 तक पहुंच सकता है शेयर, कोटक ने दी Buy रेटिंग
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने फ्रैक्टल एनालिटिक्स को Buy रेटिंग देते हुए ₹1,000 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। यह मौजूदा स्तर से लगभग 24 फीसदी की संभावित तेजी को दर्शाता है।
दिलचस्प बात यह है कि फ्रैक्टल एनालिटिक्स को कवर करने वाले कुल 8 एनालिस्ट में से यह चौथा एनालिस्ट है, जिसने कंपनी के लिए ₹1,000 या उससे ज्यादा का टारगेट प्राइस तय किया है।
कंपनी पर नजर रखने वाले 8 एनालिस्ट में से 5 ने Buy, 2 ने Hold और 1 ने Sell रेटिंग दी है। इससे पता चलता है कि ब्रोकरेज कम्युनिटी के बीच कंपनी को लेकर कुल मिलाकर सकारात्मक रुख है, हालांकि सभी एनालिस्ट एकमत नहीं हैं।
AI और डेटा एनालिटिक्स से मिलेगा फायदा
कोटक की बुलिश राय के पीछे सबसे बड़ी वजह Enterprise AI और Data Analytics की बढ़ती मांग है। फ्रैक्टल एनालिटिक्स बड़ी कंपनियों को Enterprise Data, Analytics और AI यानी DAAI से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराती है।
ब्रोकरेज का मानना है कि दुनिया भर में कंपनियां अपने बिजनेस में AI को तेजी से शामिल कर रही हैं। AI का इस्तेमाल केवल चैटबॉट या ऑटोमेशन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कंपनियां इसका इस्तेमाल ग्राहक व्यवहार समझने, बिक्री बढ़ाने, जोखिम प्रबंधन, सप्लाई चेन, मार्केटिंग और निर्णय लेने जैसी गतिविधियों में भी कर रही हैं।
ऐसे माहौल में फ्रैक्टल जैसी कंपनियों के लिए AI और डेटा एनालिटिक्स से जुड़ी सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
कोटक के मुताबिक, कंपनी की मौजूदा लीडरशिप पोजीशन और तेजी से बदलते टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में उसकी स्थिति उसे लंबे समय में फायदा पहुंचा सकती है।
FY26-FY29 में डॉलर रेवेन्यू 16.6% CAGR से बढ़ने का अनुमान
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2029 के बीच फ्रैक्टल एनालिटिक्स का US डॉलर रेवेन्यू करीब 16.6 फीसदी CAGR की दर से बढ़ सकता है।
ब्रोकरेज को खास तौर पर वित्त वर्ष 2028 और 2029 में कंपनी की टॉपलाइन ग्रोथ में तेजी आने की उम्मीद है। इसकी प्रमुख वजह ग्लोबल ऑपरेशंस में Enterprise AI को तेजी से अपनाया जाना बताया गया है।
अगर कंपनियां AI पर अपने टेक्नोलॉजी बजट को लगातार बढ़ाती हैं, तो फ्रैक्टल को अपने मौजूदा ग्राहकों से अधिक बिजनेस हासिल करने के साथ-साथ नए ग्राहकों को जोड़ने का अवसर भी मिल सकता है।
EBITDA मार्जिन में 300 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद
सिर्फ रेवेन्यू ग्रोथ ही नहीं, बल्कि कंपनी की मुनाफे की क्षमता को लेकर भी ब्रोकरेज सकारात्मक है।
कोटक का अनुमान है कि अगले तीन वर्षों में फ्रैक्टल के EBITDA मार्जिन में करीब 300 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके पीछे ऑपरेटिंग लेवरेज और ESOP यानी Employee Stock Option Plan से जुड़े खर्चों में कमी को अहम वजह माना गया है।
मार्जिन में सुधार का सीधा असर कंपनी की कमाई पर पड़ सकता है। यदि कंपनी का रेवेन्यू तेजी से बढ़ता है और साथ ही लागत का अनुपात नियंत्रित रहता है, तो ऑपरेटिंग प्रॉफिट में रेवेन्यू की तुलना में ज्यादा तेजी देखने को मिल सकती है।
Adjusted PAT CAGR 36% रहने का अनुमान
कोटक ने फ्रैक्टल एनालिटिक्स की कमाई को लेकर भी काफी सकारात्मक अनुमान दिया है। ब्रोकरेज के अनुसार, रेवेन्यू में तेजी और मार्जिन में सुधार के चलते वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी का Adjusted PAT करीब 36 फीसदी CAGR से बढ़ सकता है।
इसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में काफी तेज गति देखने को मिल सकती है।
यही कारण है कि ब्रोकरेज को स्टॉक के मौजूदा वैल्यूएशन के मुकाबले भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की संभावना नजर आ रही है।
अभी भी IPO इश्यू प्राइस से नीचे शेयर
मंगलवार के कारोबार में फ्रैक्टल एनालिटिक्स के शेयर करीब 4 फीसदी की तेजी के साथ ₹837.30 के आसपास ट्रेड कर रहे थे। हालांकि, तेज उछाल के बावजूद शेयर अभी भी अपने ₹900 के IPO इश्यू प्राइस से नीचे है।
कंपनी के शेयर NSE पर ₹876 के भाव पर लिस्ट हुए थे। यह इसके ₹900 के अपर प्राइस बैंड की तुलना में करीब 2.67 फीसदी डिस्काउंट था।
फ्रैक्टल एनालिटिक्स के IPO के लिए कंपनी ने ₹857 से ₹900 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। करीब ₹2,834 करोड़ के इस इश्यू को निवेशकों की ओर से 2.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। IPO निवेश के लिए 9 फरवरी से 11 फरवरी के बीच खुला था।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
फ्रैक्टल एनालिटिक्स पर कोटक की Buy रेटिंग और ₹1,000 का टारगेट निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत जरूर है। कंपनी को Enterprise AI, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर बढ़ते खर्च से फायदा मिल सकता है।
हालांकि, केवल एक ब्रोकरेज के टारगेट के आधार पर किसी शेयर में निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा। फ्रैक्टल अभी अपेक्षाकृत नई लिस्टेड कंपनी है, इसलिए निवेशकों को इसके आगामी तिमाही नतीजों, रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन, नए क्लाइंट जोड़ने की क्षमता और वैल्यूएशन पर भी नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए विचार और जानकारी उपलब्ध ब्रोकरेज रिपोर्ट/बाजार आंकड़ों पर आधारित हैं। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश संबंधी निर्णय से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


